दिल्ली कैपिटल्स के सामने लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने की मुश्किल चुनौती

  • कोलकाता का पलड़ा कुछ भारी, पर दिल्ली भी कम नहीं
  • दिल्ली को कोलकाता के मिस्ट्री स्पिनर सुनील नारायण व वरुण से चौकस रहना होगा
  • दिल्ली के कप्तान पंत को आखिर के ओवरों में सही गेंदबाज चुनना होगा
  • बाली पलटने का दम रखती है कि ऋषभ पंत की अगुआई वाली दिल्ली कैपिटल
  • आईपीएल 2021 क्वॉलिफायर 2

सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2021

कप्तान ऋषभ पंत की अगुआई वाली दिल्ली कैपिटल्स के सामने इलिमिनेटर सहित पिछले अपने दोनों मैच जीतने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स(केकेआर) को शारजाह में बुुधवार को आईपीएल 2021 के क्वॉलिफायर 2 में हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने की मुश्किल चुनौती है। केकेआर का पलड़ा बुधवार को कुछ भारी जरूर नजर आता है लेकिन पूरी लीग में दमदार प्रदर्शन कर शीर्ष पर रहने वाली दिल्ली कैपिटल्स भी कम नहीं। पिछले सीजन में भी दिल्ली कैपिटल्स तब चैंपियन बनी मुंबई इंडियंस से पहला क्वॉलिफायर हारने के बाद एसआरएच से दूसरा क्वॉलिफायर जीत कर फाइनल में पहुंची थी। दिल्ली कैपिटल्स मौजूदा आईपीएल में अंतिम लीग मैच में आरसीबी और पहले क्वॉलिफायर में चेन्नै सुपर किंग्स से जिस तरह अंतिम ओवर में हारी उससे उसके कप्तान ऋषभ पंत को खासतौर पर आखिर के ओवरों में सही गेंदबाज चुनना होगा। दिल्ली कैपिटल्स के पास इसी शारजाह मैदान पर दूसरे हाफ में केकेआर के हाथों दस गेंदों के बाकी रहते मिली तीन विकेट की हार का हिसाब चुकता करने का मौका है। ऑलराउंडर सुनील नारायण अपनी खासतौर पर मिडलओवरों में बड़े विकेट चटकाने और ताबड़तोड़ रन बनाने की क्षमता के कारण जिस तरह अब तक केकेआर की तुरुप का इक्का साबित हुए उससे दिल्ली को उनसे बेहद चौकस रहना होगा।

दिल्ली की मौजूदा आईपीएल में लीग चरण में ताकत उसकी मजबूत गेंदबाजी रही है लेकिन बदकिस्मती से अंतिम ओवर में पिछले दो बेहद करीबी मैचों में यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। ऋषभ पंत ने बतौर कप्तान दिल्ली कैपिटल्स में अंत तक हार न मानने का जज्बा जिस तरह भरा उससे पूरी उम्मीद है कि वह केकेआर के खिलाफ बाजी पलटने का दम जरूर रखती है। मरकस स्टोइनस के यूएई पहुंचते ही पहले ही मैच में मांसपेशी के खिंचाव के बाद अगले सात मैचों में बाहर रहने से उन जैसे गेंद और बल्ले से मैच का रुख बदलने वाले ऑलराउंडर की कमी दिल्ली कैपिटल्स को जरूर अखरी है। दरअसल ललित यादव, रिपल पटेल और टॉम करेन पहले क्वॉलिफायर में सीएसके खिलाफ तीन विकेट चटकाने के बावजूद बल्लेबाजी में खासतौर पर उन जैसी बड़ी पारी खेलने मे नाकाम रहे हैं।

दिल्ली कैपिटल्स को जीत की राह पर वापस लौटने के लिए शिखर धवन( 551) और पृथ्ची शॉ (461) की सलामी जोड़ी को शीर्ष क्रम में अपने कप्तान ंऋषभ पंत (413), शेमरान हेटमायर(225) और चोट के बाद दूसरे हाफ से टीम में वापसी करने वाले श्रेयस अय्यर (7 मैच, 145) से बेहद आक्रामक पारियों की बजाय सूझबूझ वाली पारियों की आस होगी। अपने स्पिन बॉलिंग आंलराउंडर- अक्षर पटेल (15 विकेट) और रविचंद्रन अश्विन(5विकेट) से दिल्ली कैपिटल्स निचले क्रम में बेहर उपयोगी पारियों की आस कर रही है। मौजूदा आईपीएल के रंग में चल रहे केकेआर के सबसे कामयाब दो बेहद चतुर ‘मिस्ट्रीÓ स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (16 विकेट) व सुनील नारायण (14 विकेट) के साथ चालाक स्विंग और गति परिवर्तन में माहिर लॉकी फर्गुसन (12) के खिलाफ दिल्ली के बल्लेबाजों को मैच के मिजाज और नजाकत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की जरूरत है।

केकेआर के लिए बाएं हाथ के ऑलराउंडर- वेंकटेश अय्यर (265 रन व 3 विकेट) ने दुबई में दूसरे हाफ और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन ने खासतौर ने पिछले दो तीन मैचों में अपने चयन को सार्थक साबित करने के साथ गेंदबाजी में उसके लिए बहुत विकल्प बढ़ाने के साथ जांचे परखे मैच विनर आंद्रे रसेल के चोट के कारण यूएई में दूसरे हाफ में ज्यादातर बाहर रहने की कमी को केकेआर को महसूस ही नहीं होने दी है।

नौजवान शुभमन गिल(381), वेंकटेश अय्यर(265) की सलामी जोड़ी के साथ शीर्ष क्रम में राहुल त्रिपाठी (383) और नीतिश राणा(370) पर केकेआर इस सीजन में रन बनाने के लिए ज्यादा निर्भर रही है। मध्यक्रम में सुनील नारायण और शकिब अल हसन खासतौर पर पारी के आखिर में छोटी ताबड़तोड़ पारियां खेल केकेआर को कुछेक मौकों पर संकट से निकालने में कामयाब रहे हैं। तेज गेंदबाज आवेश खान(23), कसिगो रबाड़ा (13 विकेट) और यूएई में दूसरे हाफ में दिल्ली टीम से जुडऩे वाले एनरिकनोकिया(10 विकेट) के साथ अक्षर पटेल (15विकेट) लगभग पूरे लीग चरण में कहर बरपाने के बाद खासतौर पर आखिर के मारधाड़ वाले ओवरों में गेंदबाजों को चुनने की अपनी रणनीति की बाबत दिल्ली कैपिटल्स को जरूर अपनी चौकस रणनीति बनानी होगी। कोलकाता की टीम वेंकटेश अय्यर, नीतिश राणा, शाकिब अल हसन, कप्तान इयॉन मॉर्गन और सुनील नारायण जैसे पांच बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी में दिल्ली अपने तुरुप के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन से जरूर बेहतर गेंदबाजी की आस करेगी। केकेआर के शीर्ष क्रम में वेंकटेश और नीतिश राणा जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी में दिल्ली के लिए नई गेंद से तेज गेंदबाज आवेश खान के साथ अश्विन से गेंदबाजी का आगाज कराना और आखिर के ओवरों में दक्षिण अफ्रीका के एनरिक नोकिया और कसिगो रबाड़ा से गेंदबाजी एक अच्छी नीति साबित हो सकती है क्योंकि अक्षर पटेल अपनी विविधतापूर्ण गेंदबाजी से बीच के ओवरों में उसकी तुरुप चाल साबित हो रहे हैं। छठे गेंदबाज या ऑलराउंडर के रूप में दिल्ली क्या टॉम करेन को पहले क्वॉलिफायर की तरह दूसरे क्वॉलिफायर मे फिर मौका देगी या ऑफ स्पिन ऑलराउंडर ललित यादव को उतारेगी या देखना दिलचस्प होगा।’

मैच का समय : शाम साढ़े सात बजे से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *