NEFT से मनी ट्रांसफर को 24 घंटे करने की तैयारी, रिजर्व बैंक ने रखा प्रस्ताव

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में लगातार चौबीस घंटे, सातों दिन NEFT जैसी मनी ट्रांसफर सुविधा देने, मनी ट्रांसफर की सीमा बढ़ाने, छुट्टियों के दिन भी ट्रांसफर जैसी कई सुविधाएं देने का प्रस्ताव रखा है.

रिजर्व बैंक ने कई बदलावों का रखा प्रस्ताव

देश में कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये भारतीय रिजर्व बैंक ने सुरक्षित, सुविधाजनक, तेज और सस्ती ई-भुगतान प्रणाली को लेकर एक विजन दस्तावेज जारी किया है. इस दस्तावेज में रिजर्व बैंक ने लगातार चौबीस घंटे, सातों दिन नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) जैसी मनी ट्रांसफर सुविधा देने, मनी ट्रांसफर की सीमा बढ़ाने, छुट्टियों के दिन भी ट्रांसफर जैसी कई सुविधाएं देने का प्रस्ताव रखा है.

‘भारत में भुगतान और निपटान प्रणाली: विजन 2019- 2021’ दस्तावेज बुधवार को जारी करते हुए रिजर्व बैंक ने देश में ई- भुगतान के अनुभव को बेहतर बनाने और उच्च डिजिटल और कम नकदी वाला समाज बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है.  इस विजन दस्तावेज में रिजर्व बैंक ने कहा है, ‘NEFT में कई नई विशेषताएं जोड़ने पर भी विचार किया जाएगा. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, रिजर्व बैंक रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) का समय बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है.

गौरतलब है कि अभी रात में NEFT से ट्रांसफर नहीं हो पाता और बैंकों के बंद रहने वाले दिन जैसे रविवार को भी मनी ट्रांसफर नहीं होता. शनिवार को भी NEFT से ट्रांसफर कुछ ही घंटों के लिए ही होता है. बड़ी राशि के लिए RTGS से ट्रांसफर भी सुबह से शाम तक ही होता है. हालांकि 24 घंटे मनी ट्रांसफर की सुविधा इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) से होती रहती है.

यह दस्तावेज देश में ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में आने वाले दो साल के दौरान होने वाली भारी वृद्धि को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है. रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि दिसंबर 2021 तक देश में डिजिटल माध्यमों से होने वाला लेनदेन चार गुना से भी अधिक बढ़कर 8,707 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा.

रिजर्व बैंक ने कहा है कि नए सर्विस प्रोवाइडर और नए तौर-तरीकों के आने से भुगतान प्रणाली में लगातार बदलाव जारी रहेगा. इससे उपभोक्ताओं को बेहतर लागत पर विभिन्न प्रकार के भुगतान प्रणाली के विकल्प उपलब्ध होंगे. रिजर्व बैंक इस विजन दस्तावेज को 2019- 2021 के दौरान अमल में लाएगा.

इससे पहले पिछला विजन दस्तावेज 2016 से 2018 के लिए जारी किया गया था. देश में डिजिटल माध्यमों से होने वाला लेनदेन दिसंबर, 2018 के 2,069 करोड़ रुपये से चार गुना से अधिक बढ़कर दिसंबर 2021 तक 8,707 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान है.

रिजर्व बैंक के मुताबिक अभी कुल डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन में पीओएस ट्रांजेक्शन का हिस्सा 15.2 फीसदी ही है, लेकिन वर्ष 2021 के अंत तक इसके बढ़कर 22 फीसदी हो जाने का अनुमान है.

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