“चौकीदार चोर है” Rahul Gandhi के बयान पर आज आने वाला है SC का फैसला

चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने एक बयान दिया था कि चौकीदार चोर है इस पर अवमानना का केस फाइल किया गया था। कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर चुकी है मगर फैसला नहीं सुनाया गया है।

नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ दल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौकीदार चोर है कहकर संबोधित किया था। उन्होंने ये आरोप राफेल डील के मामले में भ्रष्टाचार होने पर लगाया था। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान अपने को देश का चौकीदार बताया था। इसी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि चौकीदार ही चोर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अपने को देश का चौकीदार बताया था। उनके इस बयान पर भी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आज अपना फैसला सुनाने वाले हैं।

मीनाक्षी लेखी ने किया था केस फाइल

नई दिल्ली से सांसद और भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कहा था कि एक राजनैतिक दल के नेता को प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह का शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उसके बाद पूरे देश में इस शब्द को लेकर ही आंदोलन शुरू हो गया था। बीजेपी के तमाम नेताओं ने अपने नाम के आगे मैं भी चौकीदार जैसे शब्द लिखने शुरू कर दिए थे। केस फाइल हो जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अवमानना मामले में बिना किसी शर्त के सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए उन्होंने गुहार लगाई है कि अब इस केस को बंद कर देना चाहिए।

दो बार राहुल गांधी मांग चुके माफी 

राहुल गांधी इस मामले में दो बार खेद व्यक्त कर चुके हैं और तीसरी बार लिखित में एफिडेविट देकर माफी मांग चुके हैं। बता दें कि उस समय के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहा था कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया ‘चौकीदार चोर है’। राहुल गांधी ने अपने तीन पेज के ताजा माफीनामे में कहा है कि कोर्ट का अपमान करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी, न ही उन्होंने जानबूझ कर ऐसा किया और न ही अदालत की न्यायिक प्रक्रिया में वो किसी तरह की बाधा पहुंचाना चाहते थे। भूलवश उनसे ये गलती हो गई। लिहाजा इसके लिए वो क्षमा चाहते हैं। साथ ही राहुल ने ये भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस माफीनामे को स्वीकार कर केस को बंद करे।

अवमानना याचिका पर फैसला रख लिया था सुरक्षित

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान मीनाक्षी लेखी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि कोर्ट से दो बार डांट खाने के बाद अंत में राहुल ने तीसरा हलफनामा दाखिल कर अपने बयान पर कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है।

रोहतगी ने कहा कि राहुल ने बहुत देर से माफी मांगी है और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले के मुताबिक, देर से मांगी गई माफी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी की माफी का विरोध करते हैं कोर्ट उनके खिलाफ कार्यवाही करे। उन्हें सजा दे। या तो जेल भेजे या फिर निंदा या पेनाल्टी आदि की सजा दी जाए। उन्होंने कहा या फिर कांग्रेस अध्यक्ष जनता के बीच जाकर माफी मांगे। उन्होंने जनता के बीच ही कोर्ट का नाम लेकर चौकीदार चोर है बयान दिया था।

सुप्रीम कोर्ट से डांट के बाद राहुल गांधी ने ‘चौकीदार है चोर’ के लिए मांगी थी माफी 

राफेल डील से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर शीर्ष अदालत ने उन्हें फटकार लगाई है। कोर्ट ने राहुल से सवाल किया कि हमने तो किसी फैसले में नहीं कहा कि ‘चौकीदार चोर है’, आपने ये हमारे नाम से कैसे इस्तेमाल किया?

इसके बाद राहुल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग ली। राहुल की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ‘मैंने तीन गलती की थीं और मैं इनके लिए माफी मांगता हूं, सुप्रीम कोर्ट के हवाले से मैंने जो कहा वो गलत था, हालांकि सिंघवी की दलील से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और कोर्ट ने पूछा कि आपकी ये माफी आपके एफिडेविट से क्यों जाहिर नहीं हो रही है। इसके बाद सिंघवी ने कहा कि हम एक नया एफिडेविट फाइल करना चाहते हैं, ऐसी बात सुनने के बाद कोर्ट ने इस पर सहमति दे दी थी। उसके बाद ही राहुल की तरफ से नया एफिडेविट दाखिल किया गया था।

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