दिल्ली-6 के मुस्लिम बोले, मंदिर पर पत्थरबाजी करने वालों को मिले सख्त सजा

लोग बता रहे हैं कि वैसे तो हालात इतने नहीं बिगड़ते क्योंकि इलाके के लोग अमनपसंद ही हैं लेकिन बाहरी लोगों के बीच में कूद पड़ने से मामला बड़ा हो गया और सोशल मीडिया ने भी आग में घी डालने का काम किया। मुस्लिम समुदाय के लोग एक बात पर एकराय हैं कि जिन लड़कों ने मंदिर पर पथराव किया है उन्हें पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

पुरानी दिल्ली के इलाके में चल रहे साम्प्रदायिक तनाव के बीच अमन लौटाने की कोशिशें भी पुरजोर चलती रहीं। लोग बता रहे हैं कि वैसे तो हालात इतने नहीं बिगड़ते क्योंकि इलाके के लोग अमनपसंद ही हैं लेकिन बाहरी लोगों के बीच में कूद पड़ने से मामला बड़ा हो गया और सोशल मीडिया ने भी आग में घी डालने का काम किया। मुस्लिम समुदाय के लोग एक बात पर एकराय हैं कि जिन लड़कों ने मंदिर पर पथराव किया है उन्हें पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए लेकिन इस आड़ में यहां का माहौल न खराब हो।

इलाके के सोशल ऐक्टिविस्ट अबू सूफियान कहते हैं कि कुछ लोगों ने गलत तरीके से विडियोज को एडिट करके सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया जिससे लोगों में गुस्सा भड़क गया। इस विडियो में इस तरह के दिखाया गया था कि सैकड़ों मुसलमानों की भीड़ जो थाने के बाहर जमा थी उन्होंने ही मंदिर पर हमला किया जबकि सीसीटीवी के फुटेज में सामने आ गया था कि मंदिर पर पथराव करने वाले इलाके के चंद शरारती तत्व थे। अबू बताते हैं कि लोगों तक सही बात पहुंचे इसलिए मैंने फैक्ट्स पर बेस्ड एक विडियो बनाकर शेयर किया जिसे काफी लोगों ने देखा और जो सेंसिबल लोग पहले वाला विडियो देखकर गुस्से में थे, उनकी समझ में सही सिचुएशन आ गई लेकिन वे बताते हैं कि इस विडियो के बाद उन्हें धमकियां भी बहुत मिलने लगी हैं।

ऐसा ही एक विडियो शेयर किया पुरानी दिल्ली में ‘सफाई आधा ईमान’ नाम से स्वच्छता कैंपेन चलाने वाले इर्तिजा कुरैशी ने। उन्होंने भी अफवाहों को खत्म करने की कोशिश करते हुए लोगों को बताया कि न तो इलाके में कोई मॉब लिंचिग हुई और न ही किसी मंदिर को जलाया गया है।
इसी कड़ी में बल्लीमारान के पूर्व विधायक हारून यूसुफ ने कहा कि जिन शरारती तत्वों ने मंदिर में तोड़फोड़ की है, पुलिस उन्हें पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाए। उन्होंने खासतौर पर इलाके के लोगों से अपील की कि पुरानी दिल्ली के भाईचारे को किसी तरह का नुकसान न होने दें और नफरत को ना कहें। दिल्ली गेट इलाके के काउंसलर आले मोहम्मद इकबाल ने कहा कि बचपन से लेकर आज तक उन्होंने इलाके के हिंदू-मुसलमान के एक साथ खुशी मनाते देखा है, आज जो माहौल है उसमें दोनों समुदाय के जिम्मेदार लोगों को आगे आकर हालात सामान्य बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम किसी दूसरे मजहब को नुकसान पहुंचाने का पैगाम नहीं देता और जिन लोगों ने मंदिर पर पथराव किया है उन्हें कानून सख्त से सख्त सजा देकर एक मिसाल कायम करे।

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