यश की अगुआई में भारत अंडर-19 विश्व कप में द. अफ्रीका के खिलाफ जीत के साथ आगाज को बेताब

  • विराट की तरह यश भी भारत को जिताना चाहते हैं खिताब
  • भारत के हरनूर और द. अफ्रीका के ब्रिविज पर खासतौर पर रहेंगी निगाहें
  • रंग में चल रहे भारत का पलड़ा भारी रहने की उम्मीद

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : चार बार का विजेता और दो बार का उपविजेता भारत दिल्ली के मध्यक्रम के नौजवान बल्लेबाज यश ढुल की अगुआई में 14वें आईसीसी अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप में अपने अभियान का आगाज ग्रुप बी में शनिवार को प्रोविडेंस , गयाना में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से करेगा। भारत की अंडर 19 टीम दक्षिण अफ्रीका अंडर 19 टीम के खिलाफ जीत के साथ आगाज करने को बेताब है। कप्तान यश ढुल ने कहा कि वह भारत की सीनियर टीम के मौजूदा टेस्ट कप्तान दिल्ली के ही विराट कोहली के बतौर बल्लेबाज और कप्तान आक्रामक नजरिए के कायल हैं क्योंकि वह भी उन्हीं की तरह सोचते और उन्हीं के अंदाज में काम करना चाहते हैं। विराट की तरह यश भी भारत को वेस्ट इंडीज में रिकॉर्ड पांचवीं बार अंडर-19 विश्व कप में खिताब जिताना चाहते हैं। भारत 19 जनवरी को आयरलैंड और 22 जनवरी को त्रिनिडाड एंड टोबैगो में खेलेगा। हर ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें ही नॉकआउट में जाएंगी। शनिवार को भारत के सलामी बल्लेबाज हरनूर सिंह और दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक डिवॉल्ड ब्रिविज के खासतौर पर बल्ले से प्रदर्शन पर सभी की निगाहें रहेंगी।

भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान यश ढुल ने अंडर 19 एशिया कप में कुछ खास न कर पाने के बाद वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोनों मैच में हाफ सेंचुरी जड़ दिखाया कि वह सही वक्त पर रंग में आ गए हैं। 2014 की चैंपियन दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 के खिलाफ भारत की अंडर-19 टीम ने अपने पिछले पांच में चार मैच जीत कर अपना दबदबा साबित कर दिखाया है उससे उसका पलड़ा निश्चित रूप से भारी रहने की उम्मीद है। भारत को जीत के साथ आगाज करना करना है बाएं हाथ के लंबे सलामी बल्लेबाज हरनूर सिंह, रशीद, अंगकृष रघुवंशी के साथ खुद कप्तान यश ढुल को भी बढिय़ा बल्लेबाजी करनी होगी। तेज गेंदबाज हंगरेकर, राज बावा और रवि कुमार के साथ बतौर स्पिनर विकी ओस्टवाल और कौशल तांबे के रूप में भारत के पास खासा संतुलित आक्रमण भी है। वहीं दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 टीम की बल्लेबाजी डिवॉल्ड ब्रिविज के साथ जॉन कनिंघम और जेड स्मिथ पर निर्भर करेगी जबकि स्पिन की कमान साकी सका और ब्रिविज पर।

भारत की मौजूदा अंडर-19 में भले ही बहुत बड़े नाम नहीं हैं लेकिन फिलहाल रंग में चल रहे उसकी बल्लेबाजी की रीढ़ बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज चंडीगढ़ के हरनूर सिंह, उनके सलामी जोड़ीदार अंगकृष रघुवंशी, उपकप्तान रशीद, खुद कप्तान यश और ऑलराउंडर राजवद्र्धन हंगरेगर और तेज गेंदबाज बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि कुमार में भविष्य के टीम इंडिया के नए सितारों के रूप में उभरने की पूरी संभावना है। भारत की अंडर-19 टीम के ये सभी युवा तुर्क जानते हैं यह अंडर-19 विश्व कप खुद को साबित कर अपने लिए आईपीएल और सीनियर टीम के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का सबसे बड़ा मंच है।

कोरोना के कहर के चलते पिछले दो बरस में बमुश्किल सात आठ महीने खेलने का मौका मिलने के बावजूद भारत की अंडर-19 टीम के लिए सबसे उत्साह की बात यह है कि वह अंडर-19 एशिया कप जीत कर वेस्ट इंडीज में शुरू हुए आईसीसी अंडर-19 में विश्व कप में खेलने उतर रही है। भारत की अंडर 19 टीम के लिए सबसे बढिय़ा बात यह है कि अंडर 19 एशिया कप में हरनूर सिंह ने एक सेंचुरी सहित सबसे ज्यादा 251 रन बनाने के साथ मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में सेंचुरी जड़ कर दिखाया था कि वह दक्षिण अफ्रीका 19 टीम के खिलाफ मैच के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं राजवद्र्धन हंगरेगर ने अंडर-19 एशिया कप में आठ विकेट चटकाए ही थे वह निचले क्रम में बल्ले से बड़ा स्कोर बनाने की काबलियत रखते हैं।


भारत के अब तक अंडर-19 विश्व कप में सफर पर एक नजर

भारत पिछले लगातार तीन अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है और 2020 में फाइनल में बांग्लादेश से हार था। भारत ने 2000 में मोहम्मद कैफ , 2008 में विराट कोहली, 2012 में उन्मुक्त चंद और अंतिम बार 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप जीता था जबकि 2016 में इशान किशन की कप्तानी में और 2020 में प्रियम गर्ग की कप्तानी में उपविजेता रहा।

कप्तान -कोच की बात
‘हमें अपने दिमाग को भटकने नहीं देना है और हर मैच में एकाग्र होकर खेलना होगा। हम बहुत आगे की सोचने की बजाय एक समय केवल एक मैच की बाबत ही सोचेंगे। हमारे लिए अच्छी बात है कि शीर्ष क्रम में सलामी बल्लेबाज हरनूर और रशीद सहित हमारा मध्यक्रम भी रंग में है। इससे हमें चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में आसानी हो रही है। हमारे पास साथ ही हंगरेगर और राज बावा के रूप में दो ऐसे बेहतरीन ऑलराउंडर हैं जो गेंद के साथ बल्ले से भी रुख पलटने का रखते हैं।’

-यश ढुल, भारत की अंडर 19 टीम के कप्तान

‘मैं बतौर कप्तान यश ढुल की नेतृत्व क्षमता और मुश्किल वक्त पर कड़े फैसले लेने की क्षमता का कायल हूं। एक कामयाब कप्तान की पहचान ही यही है कि टीम में हर कोई उसकी इज्जत करता हो और यही भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान में यही इज्जत यश को हासिल है। Ó

  • ऋषिकेश कानिटकर,भारत की अंडर -19 टीम के चीफ कोच

हम जितना मुमकिन हो आक्रामक और रोमांचक क्रिकेट खेलना चाहते हैं। अंदाज में खेलना चाहते है। हमने पिचों और हालात की बाबत बहुत सीखा है। हम दक्षिण अफ्रीका में जिन पिचों पर खेलने के आदि है उनसे सेंट विंसेंट की पिच कुछ धीमी रही और इस पर गेंद घूमी भी। हमें इन पर और सूझबूझ से खेलना होगा।
जॉन वान हीरडन, कप्तान द. अफ्रीका अंडर-19 टीम

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