प्रो. नीलम महाजन सिंह
पिछले सप्ताह, स्पाइस जेट एयरलाइन्स के भारतीय पायलट; कैप्टन स्मित मच्छर को अचानक ग्लोबल हीरो माना जा रहा है। उन्होंने ‘फ़्लाई-दुबई की फ़्लाइट’ में कॉकपिट पर हुए हमले व प्लेन के तेज़ी से नीचे गिरने की घटना का सामना कर, उसे नाकाम किया। वैसे अधिकतर विमान दुर्घटनाओं का सत्य जानना ब्लैक बॉक्स पर ही आधारित होता है। फ़्लाइट – FZ1073 ने 30 सितंबर, 2026 को 174 यात्रियों व ‘क्रू मेंबरों’ के साथ दुबई से तेलअवीव के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के लगभग ढाई घंटे बाद, को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छर की गर्दन व हाथों पर चाकू से हमला किया। अनुमान लगाया जा रहा है कि वे प्लेन को ध्वस्त कर ईज़रायलियों को मारने का प्रयास कर रहे थे। प्लेन 30 सेकंड में 17,000 फ़ीट से 14,000 फीट नीचे गिरा, जिससे हाईजैकिंग की इमरजेंसी (स्क्वाक 7500 / Squack7500) का संकेत मिला। गंभीर व कमज़ोर कर देने वाली चोटों, फ़्लाइट डेक के फ़र्श पर खून बहने के बावजूद, कैप्टन स्मित मच्छर अंदर से कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे। खुलने पर यात्री, क्रू मेंबर व फ़्लाइट में मौजूद ऑफ़-ड्यूटी पायलट अंदर आए। उन्होंने हमलावर पायलट पर काबू पा लिया। दो रिज़र्व पायलटों ने कंट्रोल संभाला तथा सऊदी अरब के ‘तबुक एयरपोर्ट’ पर प्लेन को सुरक्षित उतारा गया। भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और इज़राइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने 174 लोगों की जान बचाने के लिए कैप्टन मच्छर की बहादुरी व सूझ-बूझ की तारीफ़ की। कैप्टन मच्छर को, ज़ख्मों के लिए शुरुआती मेडिकल देखभाल और सर्जरी करवानी पड़ी। पीएम मोदी जैसे नेताओं ने उन्हें सम्मानित करने के लिए वीडियो कॉल के ज़रिए उनसे बात कर उन्हें उत्साहवर्धक किया। ‘फ्लाई-दुबई फ़्लाइट’ को बचाने वालों में ‘हीरो’ पायलट, प्लंबर व डेंटिस्ट भी शामिल थे।
दिल्ली में जोनाथन येरुशलमी, हैना एलिस-पीटरसन और आकाश हसन ने अपनी रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी; ‘दी. गार्डियन’ समाचार पत्र में दी है। स्मित मच्छर फ्लाई-दुबई फ़्लाइट के डेक के फ़र्श पर खून से लथपथ पड़े थे, जिसकी पिक्चरें प्रकाशित हुई हैं। नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह X पर एक पोस्ट में कैप्टन मच्छर को ‘हीरो’ बताया तथा पी.आई.बी. ने वीडियो की बातचीत को उपलोड किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, “बेहद गंभीर ख़तरे का सामना करते हुए और बुरी तरह घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत व अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।” इज़राइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छर से कहा, “चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने मुकाबला किया, विरोध किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की।” मच्छर उन कई लोगों में से एक हैं जिन्हें हीरो माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने उस हमलावर से प्लेन का कंट्रोल वापस लेने में कामयाबी हासिल की, जिसने प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की थी। यह जानकारी इज़राइली अधिकारियों ने दी, जिन्होंने प्लेन के अंदर हुई घटनाओं के बारे में भी अनेक विडियों विवरण दिए हैं। “जो कोई भी मुझे सुन रहा है, हमें मदद चाहिए”, कैप्टन मच्छर अपील कर रहे थे। इस घटना पर अनेक विरोधाभास भी सामने आ रहे हैं। यह घटना एक संघर्ष के साथ शुरू हुई, जब मच्छर के साथी पायलट, जो ओमान [Oman] का नागरिक बताया जाता है, ने उन्हें चाकू मारा और जेट को 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फ़ीट (4,300 मीटर) नीचे गिरा दिया। इसे ईरान – ईज़रायल की दुश्मनी से भी संकेतिक किया जा रहा है। हमलावर पर काबू पाने में मदद के लिए कई यात्री जल्द ही कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहे। कॉकपिट में मौजूद लोगों में से एक, ‘यानीव हायौन’; जिन्हें नेतन्याहू ने प्लंबर बताया व कहा, “हमारे लिए मुश्किल बात खुद [मच्छर] थे। उन्हें चाकू मारा गया था और वह दरवाज़े के दूसरी तरफ़ थे।” हायौन ने बाद में नेतन्याहू को बताया कि जब लोग हमलावर से जूझ रहे थे, “मैं पीछे कूदा, कंट्रोल संभाले और हैंडल को पीछे खींचने लगा”, जैसा उन्होंने टी.वी. शो में देखा था। डा. शोता मुसाएव, जो एक डेंटिस्ट हैं, कॉकपिट की ओर दौड़ने वालों में शामिल थे। उन्होंने (CNN) सी.एन.एन. को बताया कि उन्होंने हमलावर को पायलट के ऊपर फ़र्श पर पाया, जो उन्हें चाकू मार रहा था। फिर वह कैप्टन मच्छर की मदद के लिए दौड़े, उन्हें डर था कि वह मर जाएंगेें। “उनके शरीर पर कई जगह कट के निशान थे; सिर, हाथ! वे लगभग कटकर अलग हो गए थे, जैसे दो हिस्सों में बंट गए हों … उनका बहुत खून बह चुका था और उनकी हालत बहुत खराब थी।” मुसेव ने कहा कि उसने हमलावर को हेडफोन कॉर्ड व प्लास्टिक जिप-टाई से बांधकर उसे वश में करने में भी मदद की थी। अन्य चालक दल के सदस्यों ने तब विमान के उतरने को स्थिर किया व उसे सुरक्षित रूप से उतारा। हस्तक्षेप करने वालों में एक ऑफ-ड्यूटी ब्रिटिश भी पायलट थे। यात्री अल्मोग इटाली के अनुसार, जिन्होंने कहा कि विमान में एक राहत पायलट थे जो अगली उड़ान भरने के लिए थे। इटाली ने बीबीसी द्वारा पोस्ट की गई एक क्लिप में कहा, “राहत पायलट यूरोपीय हैं, उनमें से एक ब्रिटिश, जिन्होंने [कॉकपिट] में प्रवेश किया और विमान को ऊपर कर, योक खींच लिया, विमान को स्थिर कर दिया और हमें सऊदी अरब में उतार दिया।” अन्य रिपोर्टों ने सुझाव दिया कि ऑफ-ड्यूटी पायलट दक्षिण अफ्रीका या न्यूजीलैंड से थे। भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि कैप्टन स्मित मच्छर की सऊदी अरब में सर्जरी हुई थी। मुंबई समुदाय के पड़ोसियों, जहां मच्छर का जन्म हुआ और जहां उनके माता-पिता अभी भी रहते हैं, उन्होंने उनकी बहादुरी पर गर्व महसूस किया। मच्छर को वर्षों से जानते हुए एक पड़ोसी, जनित शाह ने कहा: “जब हमने इस घटना के बारे में सुना तो हम शुरू में बहुत चिंतित थे। हम उन्हें एक बहुत ही खुशमिजाज, दयालु व्यक्ति के रूप में जानते हैं। उनके इस बहादुर कृत्य के बारे में सुनना अविश्वसनीय है।” मच्छर की माता की दोस्त ने पायलट स्मित को समुदाय का सक्रिय सदस्य बताया। “हम खुशी से उत्साहित हैं और उस पर बहुत गर्व है,” उन्होेने कहा। विमान विशेषज्ञों ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि विमान इतनी तेजी से उतरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त कैसे नहीं हुआ, जबकि अधिकांश पतवार पूंछ से फट गए। एक यात्री ने नोसेडिव के क्षण को “बड़े पैमाने पर अशांति … 20 या 30 सेकंड के लिए” के रूप में वर्णित किया। यूनाइटेड एयरलाइंस के पूर्व पायलट और एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट स्टीव अरोयो ने कहा: “ऐसा होने के लिए उस पतवार पर एक गंभीर वंश और मजबूत वायुगतिकीय ताकतें थीं। मुझे आश्चर्य है कि विमान अलग नहीं हुआ।” एक अन्य विमान विशेषज्ञ, जेफ गुज़ेट्टी ने कहा: “उन्हें जो बचाया गया है, उनके ठीक होने के लिए उनके लिए पर्याप्त ऊंचाई बची थी।” उन्होंने कहा कि अगर यह 10,000 फीट से नीचे गिर गया होता तो विमान के लिए समतल होना संभव नहीं होता। न्यूज़ीलैंड में ‘मेनलैंड एयर’ के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव फ़िलिप कीन – जहाँ मच्छर ने 2008 और 2009 में 18 महीने तक ट्रेनिंग ली थी – ने कहा कि हमले के बाद पायलट ने शानदार लीडरशिप दिखाई। पिछले साल एक पॉडकास्ट में मच्छर ने कहा, “19 साल की उम्र में एक एविएशन सेमिनार में जाने से पहले, उन्होंने अपने परिवार के टेक्सटाइल बिज़नेस में जाने के लिए ट्रेनिंग शुरू की थी। वहीँ मुझे एविएशन का चस्का लगा।” पॉडकास्ट पर उन्होंने कहा, “जब हम हवा में होते हैं और कुछ हो जाता है, तो आपको पता होता है कि कौन आपको बचाएगा।” पायलट आपकी जान बचा सकते हैं, हम जानते हैं। फ़्लाइट में चाकू मारने वाले पायलट को “इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा’ से प्रभावित किया गया था”। क्या कॉकपिट अंदर से लॉक रहने चाहिए? नहीं। ‘फ़्लाई-दुबई’ में चाकू मारने की घटना ने फ़्लाइट सिक्योरिटी पर नये सवाल उठाए हैं। सारांंशार्थ यह कहा जा सकता है, “होनी तो होके रहे, अनहोनी ना होए, जाको राखे साईयां मार सके ना कोये”। विश्व भर से इस्लामिक देशों ने इस घटनाक्रम पर चुप्पी सधी हुई है। क्या पूरे विमान में मात्र एक ही मुस्लिम था, वह भी पायलट? इसका राजनीतिक विशलेषण करने की कोई आवश्यकता नहीं है। विश्व शांति और वेस्ट एशिया में तालमेल बना रहे तो इसका सभी को लाभ होगा।
प्रो. नीलम महाजन सिंह (वरिष्ठ पत्रकार, अंतर्राष्ट्रीय सामयिक विशेषज्ञ, दूरदर्शन व्यक्तित्व, सॉलिसिटर फॉर ह्यूमन राइट्स संरक्षण व परोपकारक)





