फ्लाईदुबई कांड में नया खुलासा- को-पायलट ने चाकू नहीं, क्रैश ऐक्स से किया था कैप्टन पर हमला

New revelation in the Flydubai incident: Co-pilot attacked the captain with a crash axe, not a knife

प्रीती पांडेय

फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में को-पायलट द्वारा कथित तौर पर विमान को हाईजैक करने और उसे दुर्घटनाग्रस्त कराने की कोशिश का मामला अब आतंकी हमले के एंगल तक पहुंच गया है। संयुक्त अरब अमीरात के प्रॉसिक्युटर जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने शनिवार को कहा कि को-पायलट ने उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश ऐक्स से कैप्टन पर हमला किया। यह उपकरण आम तौर पर विमान के कॉकपिट में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए रखा जाता है।

यूएई के प्रॉसिक्युटर जनरल ने इस घटना को आतंकी हमले की कोशिश बताया है। हालांकि, हमले के पीछे की वजह, आरोपी का मकसद और उसके किसी संगठन या अन्य व्यक्ति से संभावित संबंधों की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े भौतिक और डिजिटल सबूतों की भी पड़ताल कर रही हैं।

को-पायलट की पहचान और पृष्ठभूमि को लेकर सामने आई जानकारी
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है और वह ओमान का नागरिक बताया जा रहा है। हालांकि, फ्लाईदुबई ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं की है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अल-हमामी ने पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन में काम किया था। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि 2024 के दौरान उसके पास चरमपंथ से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद उसके बारे में सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। इसके बाद कथित तौर पर उसे नियमित उड़ान प्रशिक्षण से हटा दिया गया और एयरलाइन में प्रशासनिक भूमिका दी गई।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यदि उसके बारे में पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो बाद में उसे दूसरी एयरलाइन में पायलट के तौर पर काम करने की अनुमति कैसे मिली।

रिपोर्टों के मुताबिक, अल-हमामी ने ओमान एयर में कई वर्षों तक काम किया। उसके ऑनलाइन प्रोफेशनल प्रोफाइल से जुड़े विवरणों के अनुसार उसने फरवरी 2025 में ओमान एयर छोड़ी थी। इसके बाद कुछ समय तक उसने रॉयल एयर मैरोक के साथ भी काम किया। हालांकि, घटना के बाद उसका ऑनलाइन प्रोफाइल हटा दिया गया।

जांच से जुड़े सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि आरोपी को उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर उड़ान प्रशिक्षण से हटाया गया था।

विमान को इजरायल ले जाने का था कथित इरादा
घटना की जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान संकेत दिया है कि उसका कथित इरादा विमान को इजरायल में दुर्घटनाग्रस्त कराने का था।

इजरायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि संदिग्ध ओमान का नागरिक था और उसके इरादे विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने से जुड़े थे। हालांकि, इन दावों की विस्तृत जांच अभी जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

नेतन्याहू ने यह भी कहा है कि जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल कर रही हैं कि संदिग्ध ने अकेले इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी या उसके पीछे कोई और व्यक्ति अथवा नेटवर्क भी था।

कैप्टन ने दिखाई बहादुरी, यात्रियों ने भी संभाला मोर्चा
घटना के दौरान विमान के कैप्टन स्मित मच्छर ने आरोपी का सामना किया। बताया गया है कि हमले के दौरान कैप्टन गंभीर खतरे में थे और विमान का नियंत्रण बनाए रखना बेहद मुश्किल हो गया था।

फ्लाईदुबई की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कैप्टन ने आरोपी का मुकाबला किया और कुछ यात्रियों ने भी कॉकपिट में पहुंचकर उसे काबू करने में मदद की।

बताया गया है कि संघर्ष के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा था। हालात बिगड़ने के बाद विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया और वहां आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

बाद में कैप्टन और को-पायलट दोनों को सऊदी अरब से यूएई लाया गया।

पीएम मोदी से कैप्टन ने साझा किया घटना का अनुभव
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छर ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में उस समय की स्थिति के बारे में बताया।

कैप्टन के अनुसार, जब को-पायलट ने उन पर लगातार हमला किया तो वह बुरी तरह घायल होकर फर्श पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, ताकि दूसरे लोग अंदर आ सकें और स्थिति को संभाल सकें।

उनके मुताबिक, उस वक्त उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को संभालना और विमान का नियंत्रण बचाना था। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और अन्य लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर आरोपी को नियंत्रित करने में मदद की।

घटना के बाद तेल अवीव की उड़ानें रोकी गईं
घटना के बाद फ्लाईदुबई ने अधिकारियों के अनुरोध पर तेल अवीव के लिए अपनी उड़ानें अगली सूचना तक अस्थायी रूप से रोक दीं।

एयरलाइन ने कहा कि मामले की आधिकारिक जांच संबंधित अधिकारियों के नेतृत्व में चल रही है और कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है।

यूएई के अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जांच का अधिकार यूएई के पास है क्योंकि विमान यूएई में पंजीकृत है। यूएई के कानून के तहत उसके पंजीकृत विमानों पर विदेश में हुए अपराधों के मामलों में भी कार्रवाई की जा सकती है।

को-पायलट के विमान तक पहुंचने पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। अगर संदिग्ध के बारे में पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं तो वह फ्लाईदुबई में पायलट के रूप में कैसे नियुक्त हुआ और संवेदनशील तेल अवीव रूट पर उड़ान भरने की अनुमति उसे किस प्रक्रिया के तहत मिली, इसकी जांच की जा रही है।

इजरायल और यूएई के बीच हवाई संपर्क सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वहीं ओमान ने अभी तक इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित नहीं किए हैं।

इसी वजह से यह सवाल भी उठ रहा है कि ओमान के नागरिक को इजरायल जाने वाली फ्लाइट के क्रू का हिस्सा बनने की अनुमति कैसे मिली।

नेतन्याहू ने कहा है कि इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
जांच एजेंसियां अब आरोपी के पुराने रोजगार, सुरक्षा रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों और विदेश यात्राओं से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आरोपी के पुराने ऑनलाइन प्रोफाइल पर विमान के कॉकपिट और कुछ इजरायली विमानों से जुड़े वीडियो मौजूद थे। इनमें से कुछ वीडियो घटना के कुछ घंटे बाद ऑनलाइन पोस्ट किए गए बताए जा रहे हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन पोस्ट को किसने प्रकाशित किया था और क्या इन्हें पहले से तैयार करके रखा गया था।

रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ पुराने वीडियो में ओमान एयर की उड़ान और दुबई एयरपोर्ट से जुड़े दृश्य दिखाई देते हैं। एक वीडियो में इजरायली एयरलाइन के विमान को भी रिकॉर्ड किया गया था। इन डिजिटल सामग्रियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी
यूएई के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना के पीछे के मकसद और संभावित कनेक्शन का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

फिलहाल कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं—आरोपी को फ्लाईदुबई में पायलट के रूप में नियुक्त करने से पहले किस तरह की सुरक्षा जांच हुई थी, उसके पुराने रिकॉर्ड की जानकारी किस-किस एजेंसी के पास थी, वह विमान के कॉकपिट तक हथियार के साथ कैसे पहुंचा और क्या इस पूरी घटना में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

जांच एजेंसियां इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।