भारत के बहुत कम शहरों का हॉकी से उतना मजबूत व गहरा रिश्ता है जितना जालंधर का

Very few cities in India have as strong and deep a relationship with hockey as Jalandhar.

  • जालंधर से सटे संसारपुर ने दिए उधम सिंह और अजित पाल सिंह जैसे महान ओलंपियन
  • जालंधर के मीठापुर ने दिए परगट, मनप्रीत , मंदीप व वरुण जैसे बेहतरीन ओलंपियन
  • पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के सभी लीग मैच जालंधर के सुरजीत सिंह स्टेडियम में

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : भारत के बहुत कम शहरों हॉकी से उतरा गहरा और मजबूत रिश्ता है जितना देश के सरहदी सूबे पंजाब के जालंधर का। जालंधर ने भारत को दर्जन हॉकी ओलंपियनों तो दिए ही इस शहर की गिनती खेल सामान बनाने वाले देश के सबसे शहर के रूप में होती है। अब जालंधर 27 अक्टूबर से शुरू हो 5 नवंबर तक चलने वाली पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी, पंजाब 2026 जालंधर व मोहाली में मेजबान पांच बार के चैंपियन और इसी महीने एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण बरकरार रखने वाले भारत सहित सहित एशिया के हॉकी खेलने वाले शीर्ष छह देशों की मेजबानी करेगा। भारतीय हॉकी के स्वर्णिम इतिहास में पंजाब का अहम योगदान रहा है। जालंधर में चैंपियंस ट्रॉफी के सभी लीग मैच बर्लटन पार्क के सात हजार की दर्शक क्षमता वाले ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक होंगे।ओलंपियन बलबीर सिंह स्टेडियम, मोहाली 4 नवंबर को दोनों सेमीफाइनल व 5 नवंबर को फाइनल और तीसरे स्थान के मैच की मेजबानी करेगा। जालंधर में स्टेडियम का नाम 1975 में भारत की अब तक इकलौता हॉकी विश्व कप जीतने वाली टीम के अहम फुलबैक ओलंपियन सुरजीत जीत स्टेडियम किया गया। 1984में स्थापित सुरजीत सिंह सोसाइटी सुरजीत हॉकी अकेडमी और सुरजीत स्मृति हॉकी टूर्नामेंट के जरिए देश को कई नौजवान हॉकी खिलाड़ी देकर भारतीय हॉकी के विकास में अपना योगदान कर रही है।

सुरजीत सिंह हॉकी अकेडमी ने जालंधर ही नहीं बल्कि पंजाब में अमृतसर से सटे गांवों के आने वाले हॉकी खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को तलाश कर तराशा। भारत 2026 की पुरुष एशियन चैपियंस ट्रॉफी में शिरकत करने वाली टीम में कप्तान ओलंपियन हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, जर्मनप्रीत सिंह और लंबे समय बाद वापसी करने वाले नेपाली मूल के गोलरक्षक कृष्ण बहादुर पाठक सहित आधा दर्जन हॉकी खिलाड़ी सुरजीत हॉकी अकेडमी की देन हैं। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत करने जा रही भारत की 18 सदस्यीय टीम मे दस पंजाब के हैं।

जालंधर से सटे संसारपुर ने भारत को सेंटर हाफ अजित पाल सिंह के रूप में उसका अब तक का 1975 के इकलौता पुरुष हॉकी विश्व कप जिताने वाला कप्तान तो दिया ही ओलंपिक में तीन स्वर्ण (1952, 1956 और 1964) व एक रजत (1960)दिलाने वाला लेफ्ट आउट दिया। वहीं जालंधर केंट से करीब चार किलोमीटर दूर मीठापुर ने भारत की तीन ओलंपिक में कप्तानी करने वाले अपने जमाने के बेहतरीन फुलबैक परगट सिंह, देश को पिछले लगातार दो ओलंपिक में कांसा जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले सेंटर हाफ मनप्रीत सिंह व स्ट्राइकर मंदीप सिंह तथा फुलबैक वरुण कुमार जैसे हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ी दिए