रविवार दिल्ली नेटवर्क
जयपुर :राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रदेशवासियों को महानवमी और विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
देवनानी ने कहा कि विजयादशमी भारतीय संस्कृति की उस शाश्वत परंपरा का प्रतीक है, जो असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का संदेश देती है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय का प्रसंग हमें स्मरण कराता है कि जीवन में शक्ति और सामर्थ्य की सार्थकता नीति एवं मर्यादा के पालन में निहित है। यह पर्व हमें अहंकार, क्रोध, लोभ और द्वेष जैसी बुराइयों का त्याग कर सत्य, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
देवनानी ने कहा कि विजयादशमी का वास्तविक संदेश प्रत्येक व्यक्ति के भीतर सद्गुणों की स्थापना और समाज में नैतिक मूल्यों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। यह पर्व हमें अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहते हुए सामाजिक समरसता, सद्भाव और पारस्परिक सहयोग को सुदृढ़ करने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।
देवनानी ने कामना की कि विजयादशमी का पावन पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई आशाओं का संचार करे। राजस्थान प्रगति, सौहार्द और खुशहाली के पथ पर निरंतर अग्रसर हो तथा प्रत्येक नागरिक सत्य, नीति और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों को आत्मसात कर प्रदेश और राष्ट्र के विकास में योगदान दे।
देवनानी ने कहा कि महानवमी मां दुर्गा की आराधना, शक्ति, साधना और भक्ति का पावन पर्व है। यह पर्व हमें सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलते हुए जीवन में सकारात्मकता, आत्मबल और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की उपासना भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, साहस और लोक कल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। देवनानी ने कामना की कि मां दुर्गा की कृपा से प्रदेश में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहे तथा सभी के जीवन में आरोग्य, उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हो। उन्होंने कहा कि महानवमी का यह पावन पर्व समाज में सद्भाव, समरसता और पारस्परिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ करे तथा प्रदेशवासी राजस्थान की उन्नति और समृद्धि में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।





