हरमनप्रीत कौर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में छोड़ी भारतीय महिला टीम की कप्तानी

Harmanpreet Kaur leaves the captaincy of the Indian women's team in all three formats of international cricket

स्मृति मंधाना भारत की नई क्रिकेट कप्तान की होड़ में सबसे आगे

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : 37 बरस की हरफनमौला हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट -टेस्ट, वन डे और टी 20 – में भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ दी है। हरमनप्रीत कौर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी से छोड़ने की घोषणा मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट में दी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बढ़िया स्थिति में पहुंचा कर कप्तानी छोड़ने की बाबत हरमनप्रीत कौर ने कहा,‘ क्रिकेट से अपने प्यार के चलते मैं भारत के लिए फिर क्रिकेट खेलने को तैयार हूं।’

हरमनप्रीत कौर ने पांच टेस्ट, 51 वन डे अंतर्राष्ट्रीय मैचों और 155 टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की है। बीसीसीआई ने सोमवार को गुवाहाटी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की समीक्षा बैठक की और इसमें हरमनप्रीत, उप-कप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार थे। इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता बीसीसीआई महासचिव देवजीत साइकिया ने की। इस समीक्षा बैठक के एक दिन बाद मंगलवार को भारत को 2025 में पहली बार आईसीसी महिला वन डे विश्व कप जिताने वाली हरमनप्रीत कौर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। स्मृति मंधाना अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत की महिला टीम की कप्तान में सबसे आगे हैं।

हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारत के आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप से ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद से कप्तानी में बदलाव की चर्चाएं शुरू हो गई थी। तब खुद हरमनप्रीत कौर ने भारत की 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक में कप्तानी की इच्छा जताए जाने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। हरमनप्रीत कौर के अब भारत कप्तानी छोड़ने और केवल बतौर क्रिकेटर खेलने को तैयार रहने को कहने के बावजूद उनके अब से दो बरस लॉस एंजेल्स ओलंपिक में खेलने के सपने पर सवालिया निशान लगता दिखाई दे रहा है क्योंकि तब वह 39 बरस की हो जाएंगी और बीसीसीआई उनकी जगह इसलिए स्मृति मंधाना जैसी क्रिकेटर को टीम इंडिया की कमान देने का मन बनाता दिखाई दे रही है।

हरमनप्रीत सिंह ने 2012 में पहली बार भारतीय टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की कप्तानी की। 2016 के आईसीसी टी 20 महिला क्रिकेट विश्व कप के बाहर होने के बाद ही हरमनप्रीत कौर को भारत की टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की कप्तान बनाने की बाबत गंभीरता से सोचा गया। हरमनप्रीत कौर ने मिताली राज से कप्तानी संभाल भारत को 2018 में टी 20 विश्व कप में वेस्ट इंडीज में सेमीफाइनल में पहुंचाया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में ही भारत 2020 में आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप में उपविजेता रहा।

हरमनप्रीत कौर टी 20 और वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में करीब नौ हजार बनाने के साथ आठ टेस्ट में 304 रन बना चुकी है। विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग की आतिशी बल्लेबाजी की मुरीद रही हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने सितंबर में निशिन(जापान) में एशियाई खेलों महिला टी 20 क्रिकेट के फाइनल में श्रीलंका को हरा कर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा।

हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी छोड़ना मेरे लिए कोई आसान फैसला नहीं था। इसमें क्रिकेट की बरसों की स्मृतियां, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल शामिल हैं जो आजीवन मेरे साथ रहेंगे। मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को -अपना खून-पसीना, अपना समय और कई बार तो अपने खेल और निजी अरमानों का भी एक हिस्सा या कहे कि अपना सब कुछ दिया। मैं भारी मन से भारत की कप्तानी छोड़ रही हूं, लेकिन मैं जेहनी तौर पर मैं शांत हूं। मैं दिल से यह मानती हूं कि मेरी भारतीय टीम बढ़िया स्थिति में हैं।

हमारी भारतीय टीम में प्रतिभा, जज्बा और भरोसा और इसके भविष्य को देखने और इसका हिस्सा बनने को ले मैं बहुत उत्साहित हूं। कई ऐसे पल भी आए जब मैंने अपने खुद के प्रदर्शन, अपने खुद के विकास और चाहत तक को एक और रखना पड़ा,क्योंकि मेरा हमेशा से यह मानना था कि सबसे पहले टीम है। बतौर कप्तान मुझे कई मुश्किल फैसले लेने पड़े। मेरे इन फैसलों को हमेशा समझा नहीं गया। ये फैसले हमेशा आसान नहीं रहे और इन फैसलों की मुझे कई बार निजी तौर पर कीमत चुकानी पड़ी। बावजूद इसके मैंने हर फैसला टीम को बेहतर बनाने और दूसरे खिलाड़ियों को निखरने, आगे बढ़ने और खुद पर भरोसा करने के मकसद से किया।‘

हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाई । मैंने अपनी इस टीम के लिए सब कुछ दिया। मैंने गर्व से यह जिम्मेदारी निभाई। मैं भारतीय टीम की कप्तानी का मौका मिलने के सदैव आभारी रहूंगी। अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। भले मेरी कप्तानी आज खत्म हो जाए पर भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी न खत्म होगा। टीम की हर उस साथी, उस्ताद, सपोर्ट स्टाफ,प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार के सदस्यों , व उस हर प्रशंसक का आभार जो उतार-चढ़ाव में मेरे साथ खड़े रहे।