अमर बलिदानियों की स्मृति में तर्पण – एक महाश्राद्ध का आयोजन और सनातन की रक्षा का संकल्प

Tarpan in the memory of immortal martyrs - organizing a Mahashraadh and pledge to protect Sanatan

दीपक कुमार त्यागी

गाजियाबाद : प्राचीन शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने अमर बलिदानी मेजर आशाराम त्यागी सेवा संस्थान के अध्यक्ष मुकेश त्यागी, महामंत्री अक्षय त्यागी, कोषाध्यक्ष संजय त्यागी बहेड़ी के साथ एक वीडियो जारी किया।

इस वीडियो में उन्होंने बताया कि गाजियाबाद का लोहिया नगर, 14 सितंबर 2025 को एक अनूठे और पवित्र उत्साह में डूबने जा रहा है। इस दिन, हिंदी भवन की पुण्य भूमि पर अमर बलिदानी मेजर आशाराम त्यागी सेवा संस्थान अपना वार्षिक आयोजन “तर्पण–एक महाश्राद्ध” आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन उन अमर शहीदों को समर्पित है, जिन्होंने पिछले 1300 वर्षों में इस्लामिक जिहाद के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। इस वर्ष यह आयोजन और भी भव्य होने वाला है, क्योंकि संस्थान एक नया कदम उठाने जा रहा है—सनातन धर्म की रक्षा के लिए धरातल पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व का सार्वजनिक अभिनंदन। यह कार्य सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रेरणा है, जो उन्हें इस पुण्य कार्य में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

यह आयोजन, जो पिछले सत्रह वर्षों से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के मार्गदर्शन में पितृ पक्ष के अंतिम रविवार को आयोजित हो रहा है।

उन्होंने यह भी बताया सुबह ठीक 9 बजे, हवन-यज्ञ की शुरुआत होगी। हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित होगी, और मंत्रों की गूंज वातावरण को पवित्रता से भर देगी। संस्थान के कार्यकर्ता एक हजार आठ दीपक जलाएंगे, जिनमें से प्रत्येक दीपक उन अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित होगा, जिन्होंने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। ये दीपक सनातन धर्म की उस अमर ज्योति का प्रतीक होंगे, जो कभी मंद नहीं पड़ती। इस दृश्य को देखकर हर सनातनी के हृदय में श्रद्धा और गर्व का भाव जागृत होगा। हवन के बाद,एक कवि सम्मेलन का आयोजन होगा जहां मंच पर युवा कवि अमित शर्मा कवि सम्मेलन का संचालन करेंगे। कवियों की ओजस्वी वाणी में वीर रस की कविताएँ गूंजेंगी, जो उपस्थित लोगों के मन में जोश और सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव जगाएंगी।इस वर्ष, अमर बलिदानी मेजर आशाराम त्यागी सेवा संस्थान एक नया और प्रेरणादायी कदम उठाने जा रहा है। अब प्रत्येक वर्ष, सनातन धर्म की रक्षा के लिए धरातल पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसी एक विशेष व्यक्तित्व का भव्य सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा। यह पहल उन लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए है, जो सनातन धर्म के लिए अपने जीवन को समर्पित कर रहे हैं। यह एक संदेश है कि सनातन धर्म के रक्षक कभी अकेले नहीं हैं; उनका सम्मान और समर्थन हमारा कर्तव्य है।

इस वर्ष, यह अभिनंदन एक ऐसे व्यक्तित्व को समर्पित होगा, जिन्होंने सनातन धर्म के प्रचार और रक्षा के लिए अनुकरणीय कार्य किया है।यह उन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा, जो सनातन धर्म के लिए कार्य करने का संकल्प लेना चाहते हैं। इस आयोजन का केंद्र बिंदु हैं मेजर आशाराम त्यागी, जिनके नाम पर यह संस्थान स्थापित किया गया है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में अपनी वीरता और बलिदान के लिए महावीर चक्र से सम्मानित मेजर आशाराम त्यागी की गाथा हर सनातनी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गाजियाबाद के मोदीनगर के फतेहपुर गांव में जन्मे इस वीर सपूत ने अपनी वीरता से न केवल देश की रक्षा की, बल्कि सनातन धर्म की मर्यादा को भी अक्षुण्ण रखा।

इस वर्ष के आयोजन को और भी विशेष बनाने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरी महाराज सहित अनेक संत अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन से यह आयोजन न केवल एक धार्मिक समारोह होगा, बल्कि सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए एकजुटता और प्रेरणा का प्रतीक बनेगा।

संस्था के अध्यक्ष मुकेश त्यागी ने बताया कि “तर्पण–एक महाश्राद्ध” केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है; यह सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए एक आह्वान है। यह आयोजन हमें याद दिलाता है कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीरों की स्मृति को जीवित रखना हमारा कर्तव्य है। यह हमें एकजुट करता है, हमें प्रेरित करता है, और हमें यह विश्वास दिलाता है कि सनातन धर्म की ज्योति कभी मंद नहीं होगी।

इस आयोजन में शामिल होकर आप उन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे और सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक सशक्त संदेश देंगे। यह एक अवसर है अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का, अपने धर्म के प्रति अपनी निष्ठा को मजबूत करने का, और उन व्यक्तियों को सम्मान देने का, जो आज भी सनातन की रक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं।

14 सितंबर 2025 को गाजियाबाद के हिंदी भवन में होने वाले इस आयोजन में आपका योगदान अमूल्य होगा। आप इसमें शामिल होकर हवन-यज्ञ, दीप प्रज्वलन, और कवि सम्मेलन का हिस्सा बन सकते हैं। आप सनातन धर्म के लिए कार्य करने वाले व्यक्तित्वों के अभिनंदन के साक्षी बन सकते हैं। आपका एक कदम सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक बड़ा संदेश बन सकता है।

संस्थान के महामंत्री अक्षय त्यागी ने समस्त हिन्दू समाज से आग्रह करते हुए कहा कि आप इस आयोजन में शामिल हों और अपने परिवार, मित्रों, और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। यह आयोजन केवल एक दिन का नहीं है; यह एक संकल्प है—सनातन धर्म को अक्षुण्ण रखने का, बलिदानियों की स्मृति को जीवित रखने का, और सनातन की रक्षा के लिए एकजुट होने का। अमर बलिदानी मेजर आशाराम त्यागी सेवा संस्थान का यह आयोजन हमें याद दिलाता है कि हमारा धर्म, हमारी संस्कृति, और हमारा इतिहास हमारे बलिदानियों के रक्त से लिखा गया है। आइए, 14 सितंबर 2025 को हम सब एकजुट हों, उन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दें, और सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक नया संकल्प लें।