
इंद्र वशिष्ठ
नई दिल्ली, एनआईए ने विजयनगरम आईएसआईएस आतंकी साजिश मामले में एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि बिहार निवासी आरिफ हुसैन उर्फ अबू तालिब को दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर देश से भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया।
एनआईए की जांच में पता चला है कि आरिफ़ हुसैन, इस मामले में सैयद समीर के साथ पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके सिराज-उर-रहमान के संपर्क में था। सिराज और समीर के पास बम/आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल पाए गए और वे बम धमाकों/आतंकवादी हमलों की साजिश रच रहे थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरिफ जिहादी गतिविधियों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल था।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पुलिस ने 17 मई को एक संयुक्त अभियान के तहत विजयनगरम और राज्य के अन्य हिस्सों में बम विस्फोट करने की साजिश रचने के आरोप में विजयनगरम से सिराज उर रहमान (29) और हैदराबाद से सैयद समीर (28) को गिरफ्तार था। इसके बाद मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई।
साज़िश का खुलासा-
इस आतंकी साजिश का खुलासा तब हुआ जब विजयनगरम पुलिस ने तेलंगाना काउंटर इंटेलिजेंस की सूचना के आधार पर सिराज उर रहमान को गिरफ्तार किया। उसके बाद, हैदराबाद के बोइगुडा इलाके से समीर को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि दोनों दुबई में स्थित एक हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहे थे।
एनआईए ने समीर के हैदराबाद स्थित घर, सिकंदराबाद और पुराने शहर के दो स्थानों पर छापेमारी की और महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल उपकरण और ऑनलाइन खरीददारी से जुड़े बिल जब्त किए। आरोपियों ने विस्फोटक सामग्री जैसे बैटरियाँ और अन्य कच्चे माल ऑनलाइन खरीदा था। समीर की इंस्टाग्राम गतिविधियाँ, सिग्नल ऐप पर चैट और उसके सोशल नेटवर्क की जांच की गई।
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि सिराज उर रहमान ने विजयनगरम की चार भीड़भाड़ वाली जगहों की तस्वीरें दुबई स्थित अपने ‘हैंडलर’ को भेजी थी। हमले की योजना पर सहमति मिलने के बाद, उसे घर में विस्फोटक बनाने और ट्रायल रन करने का निर्देश दिया गया था।