तकनीक की ताक़त, भरोसे की पहचान: बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने रचा आईबीए अवॉर्ड्स 2025 में इतिहास

Power of Technology, Recognition of Trust: Bank of Baroda Creates History at the IBA Awards 2025

बैंक ऑफ़ बड़ौदा को आईबीए बैंकिंग टेक्नोलॉजी अवॉर्ड्स में पांच बड़ी उपलब्धियाँ

मुंबई (अनिल बेदाग): भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल बैंक ऑफ़ बड़ौदा (BOB) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तकनीक, नवाचार और भरोसे का संगम ही भविष्य की बैंकिंग है। प्रतिष्ठित इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) द्वारा आयोजित 21वें वार्षिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2024–25 में बैंक ऑफ़ बड़ौदा को बड़े बैंकों की श्रेणी में पांच प्रमुख सम्मानों से नवाज़ा गया है।

इन पुरस्कारों में बैंक को चार श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया, जबकि एक विशेष उल्लेखनीय पुरस्कार ने उसकी तकनीकी उत्कृष्टता को और मजबूती दी। बैंक ऑफ़ बड़ौदा को सर्वश्रेष्ठ एआई एवं मशीन लर्निंग अपनाना, सर्वश्रेष्ठ फिनटेक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर अपनाना, सर्वश्रेष्ठ आईटी जोखिम प्रबंधन, और सर्वश्रेष्ठ तकनीकी प्रतिभा जैसी प्रतिष्ठित श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया। इसके साथ ही बैंक को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी बैंक’ की श्रेणी में विशेष पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।

इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. देबदत्त चांद, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कहा, “आईबीए से इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों का मिलना हमारे लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह नवाचार, सुदृढ़ जोखिम प्रबंधन और मजबूत तकनीकी टीम के निर्माण पर हमारे निरंतर फोकस को दर्शाता है। हम अपने ग्राहकों को सुरक्षित, सहज और भविष्य के लिए तैयार बैंकिंग अनुभव देने के लिए उन्नत तकनीकों में निवेश जारी रखेंगे और स्थायी हितधारक मूल्य का सृजन करेंगे।”

यह सम्मान बैंक ऑफ़ बड़ौदा की प्रौद्योगिकी आधारित रणनीति, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और डिजिटल बैंकिंग में नेतृत्वकारी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करता है। बदलते समय के साथ कदम से कदम मिलाते हुए, बैंक ऑफ़ बड़ौदा आज न केवल वर्तमान की ज़रूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि भविष्य की बैंकिंग की दिशा भी तय कर रहा है।