आस्था, रहस्य और सौंदर्य का संगम: ‘नागबंधम’ में पार्वती बनीं नभा नतेश

A confluence of faith, mystery and beauty: Nabha Natesh as Parvati in 'Nagabandham'

रहस्यों की देवी पार्वती: ‘नागबंधम’ के पोस्टर में छाईं नभा नतेश

मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय पौराणिकता, संस्कृति और रहस्य की गहराइयों में उतरती अपकमिंग पैन-इंडिया फिल्म ‘नागबंधम’ ने अपने पहले ही विज़ुअल से दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। फिल्म में पार्वती के अहम किरदार में नजर आने वाली अभिनेत्री नभा नतेश का पोस्टर हाल ही में रिलीज़ किया गया, जिसने सोशल मीडिया पर खासा ध्यान खींचा है।

पोस्टर में नभा नतेश पारंपरिक भारतीय साड़ी में बेहद ग्रेसफुल, शांत और दिव्य नज़र आ रही हैं। उनका लुक न सिर्फ सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि उस आस्था और आत्मिक शक्ति को भी दर्शाता है, जो पार्वती के चरित्र का मूल भाव है। उनकी उंगली पर बैठा एक खूबसूरत पक्षी पोस्टर में एक रहस्यमय संकेत जोड़ता है, जबकि बैकग्राउंड में दिखाई देता मंदिर, मोर और आध्यात्मिक वातावरण—जो फिल्म की जड़ों को भारतीय संस्कृति और विरासत से जोड़ता है।

पार्वती के किरदार को रिवील करते हुए मेकर्स ने फिल्म का टाइटल ‘नागबंधम’ भी सामने रखा और कैप्शन में लिखा— “रहस्यों से भरी दुनिया में, उसका विश्वास ही उसकी किस्मत बन जाता है।” यह पंक्ति साफ तौर पर इस ओर इशारा करती है कि फिल्म की कहानी विश्वास, रहस्य और आस्था के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

नभा नतेश का यह अवतार उनके करियर के सबसे अलग और परिपक्व किरदारों में से एक माना जा रहा है। तेलुगु और कन्नड़ सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री नभा को 2019 की सुपरहिट फिल्म ‘स्मार्ट शंकर’ से बड़ी पहचान मिली थी, जिसके बाद वह ‘स्मार्ट ब्यूटी’ के नाम से मशहूर हुईं। अब ‘नागबंधम’ में वह एक बिल्कुल नए, गंभीर और सांस्कृतिक रूप में दर्शकों के सामने होंगी।
फिल्म की टैगलाइन ‘द सीक्रेट ट्रेजर’ कहानी में छुपे गहरे रहस्य की ओर इशारा करती है, जिसे परत-दर-परत उजागर किया जाएगा। यही रहस्य और आध्यात्मिकता का मेल ‘नागबंधम’ को एक अलग पहचान देता है।

‘नागबंधम’ की कहानी, स्क्रीनप्ले और निर्देशन अभिषेक नामा ने संभाला है। फिल्म को किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता नागीरेड्डी प्रोड्यूस कर रहे हैं। मेकर्स इसे समर 2026 में पैन-इंडिया स्तर पर रिलीज़ करने की योजना बना रहे हैं। पार्वती के रूप में नभा नतेश का यह पहला लुक सिर्फ एक किरदार की झलक नहीं, बल्कि एक ऐसी सिनेमाई यात्रा का वादा करता है, जहां आस्था, रहस्य और भारतीय संस्कृति एक नई कहानी कहने के लिए तैयार हैं।