टीएमयू में स्टार्ट अप डे पर सार्थक संवाद

Meaningful dialogue on Startup Day at TMU

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद और इंस्टिट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल- आईआईसी के सहयोग से तीर्थंकर महावीर इन्नोवेशन फाउंडेशन-टीएमआईएफ की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की थीम रही इन्नोवेट, इंस्पायर, इग्नाइट

रविवार दिल्ली नेटवर्क

  • इंटरप्रियोरशिप को डिसिप्लिन, डेडिकेशन, डेडली फॉलोअप अनिवार्यः अक्षत जैन
  • स्टार्ट अप की पहली शर्त समस्या को पहचानने की दरकारः वीसी प्रो. वीके जैन
  • टीएमयू डीन प्रो. मंजुला जैन बोलीं, यूनिवर्सिटीज़ स्टार्टअप के लिए उम्दा लॉचपैंड

स्टार्टअप ऑस्ट्रिया के टेक्नोलॉजी एंड इन्नोवेशन के हेड श्री अजय सिंह बोले, ऑस्ट्रिया भले ही छोटा देश हो, लेकिन इन्नोवेशन में इसकी उड़ान बेमिसाल है। ऑस्ट्रिया के उत्पाद जैसे- रेड बुल, अटल टनल में उपयोग हुई ड्रिल आदि, केबल कार टेक्नोलॉजी दुनिया में परचम फहरा रहे हैं। उन्होंने टीएमयू के छात्रों और फैकल्टीज़ को ऑस्ट्रिया आमंत्रित करते हुए ऑनलाइन पोर्टल- गो ऑस्ट्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी देते हुए कहा, आप अपने आइडियाज़ को इस प्लेटफार्म पर साझा कर सकते हैं। आपके आइडिया को चुने जाने पर आप ऑस्ट्रिया आकर अपने आइडियाज़ को पंख दे सकते हैं। बोडोलैंड़ से लेकर बैंगलूरू तक रेशम पर हुए इन्नोवेटिव वर्क जैसे- अहिंसा रेशम, कार्बन नैनो ट्यूब तकनीक से बना रेशम आदि का श्रेय भारत को दिया। उन्होंने इन्नोवेटर्स को सलाह देते हुए कहा, ग्रांटप्रिन्योर नही, इंटरप्रिन्योर बनिएगा। यदि आपका मस्तिष्क शांत रहेगा, तो आपका दिमाग इन्नोवेटिव आइडियाज़ देगा। हिंदुस्तानी होने के नाते उन्होंने वर्क कल्चर और जीवन में संतुलन बनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यूरोप की संवाद संस्कृति पर जोर देते हुए कहा, आपका नेटवर्क ही आपकी नेटवर्थ है। संपर्क और संवाद से ही आइडियाज़ मिलते हैं। श्री अजय तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद और इंस्टिट्यूशन इन्नोवेशन सेंटर-आईआईसी के सहयोग से तीर्थंकर महावीर इन्नोवेशन फाउंडेशन-टीएमआईएफ की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस- 2026 में बोल रहे थे। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके मेडिकल लेक्चर थियेटर मेें राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस- 2026 का शंखनाद हुआ। इस मौके पर टीएमयू के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन, वीसी प्रो. वीके जैन, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, टीएमआईएफ इंक्यूबेटेड स्टार्टअप- क्वांसिस एआई के फाउंडर श्री वैभव शुक्ला आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस- 2026 की थीम इन्नोवेट, इंस्पायर, इग्नाइट रही। अतिथियों को बुके देकर सम्मानित किया गया। संचालन बीआईसी मैनेजर श्री प्रशांत कुमार सिंह ने किया।

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन बोले, किसी भी इंटरप्रियोरशिप के लिए तीन थ्री डी गुणों- डिसिप्लिन, डेडिकेशन, डेडली फॉलोअप जरूरी हैं। युवा इन्नोवेटर्स को अपनी सोच बड़ी रखनी चाहिए, क्योंकि बड़े सपनों के बूते ही आप वैश्विक तौर पर लीड कर सकते हो। टीएमयू को एक स्टार्टअप की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा, 25 साल पहले शुरू हुआ यह एजुकेशन स्टार्ट अप अपनी सेवा, संकल्प, और समर्पण के बूते ही उच्च शिक्षा में अपनी अलग पहचान बना चुका है। रेफ्रिजीरेटर को कोट करते हुए कहा, बिजनेस पढ़कर नहीं, प्रैक्टिकली करके सीखा जा सकता है। टीएमयू के छात्रों को आहवान करते हुए बोले, सपने देखो, उन्हें मूर्त रूप दो और दूसरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनो। वीसी प्रो. वीके जैन ने पे-टीम, ओयो और मुंबई डिब्बावाले सफल स्टार्ट अप्स का जिक्र करते हुए कहा, समस्या को पहचानने की दरकार है। समाधान समस्या में ही छुपा होता है, इसके लिए इन्नोवेटिव सोच जरूरी है। उन्होंने कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती…कविता के जरिए अपनी बात पूरी की।

इससे पूर्व डीन एकेडमिक्स एवम् टीआईएमएफ की डायरेक्टर प्रो. मंजुला जैन ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस- 2026 की थीम को प्रस्तुत करके हुए कहा, यूनिवर्सिटीज़ स्टार्टअप के लिए उम्दा लॉचपैंड होते हैं। 2020 में भारत की ग्लोबल इन्नोवेशन इंडेक्स में 81वीं रैंक थी, जबकि आज हम 38वें स्थान पर हैं। टीएमआईएफ इंक्यूबेटेड स्टार्टअप- क्वांसिस एआई के फाउंडर श्री वैभव शुक्ला बोले, भारत को अपने एआई की दरकार है। उल्लेखनीय है, श्री शुक्ला क्रिप्टो के स्टार्ट अप पर काम कर चुके हैं। दूसरी ओर नवाचार परिचर्चाः बिल्डिंग फॉर भारत पर हुई विशेष पैनल चर्चा में जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान, समावेशी उद्यमिता और भारत-केंद्रित नवाचार पर गहनता से विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण स्टार्टअप शोकेस रहा, जिसमें स्टार्टअप्स ने अपने उत्पादों एवम् नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनी में स्टार्टअप संस्थापकों को निवेशकों, विशेषज्ञों और संभावित सहयोगियों से संवाद का अवसर भी मिला। कार्यक्रम में इंक्यूबेशन सेंटर के असिस्टेंट डायरेक्टर श्री अवधेश कुमार, डीन स्टुडेंट्स वेलफेयर प्रो. एमपी सिंह, नर्सिंग की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी, प्रो. अनुराग वर्मा, प्रो. राजुल रस्तोगी, प्रो. जेसलीन एम., प्रो. प्रोबल चटर्जी, डॉ. अमित कंसल, डॉ. आशीष सिंघई, डॉ. नेहा आनन्द, डॉ. वरुण सिंह, डॉ. प्रदीप वर्मा आदि मौजूद रहे।