न्यूजीलैंड ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में हमें पछाड़ दिया : गिल

New Zealand outplayed us in bowling, batting and fielding: Gill

  • हमें न्यूजीलैंड से यह वन डे सीरीज जीतनी चाहिए थी
  • विश्व कप के मद्देनजर हम नीतिश डी को मौके देना चाहते थे
  • हर्षित वाकई बढ़िया ऑलराउंडर बन सकते हैं
  • कुलदीप उतने विकेट नहीं चटका पाए जितने चटकाने चाहिए थे

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : विराट कोहली के शतक के बावजूद शुभमन गिल की अगुआई वाली मेजबान भारतीय टीम के इंदौर में तीसरा और आखिरी मैच 41 रन से हारने के साथ 37 बरस में अपने घर में न्यूजीलैंड के हाथों पहली वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज 1-2 से हारने से चीफ कोच गौतम गंभीर और टीम की आलोचना स्वाभाविक है। विराट कोहली की रविवार को 124 रन की बेहतरीन पारी और उनके 54 वन डे अंतर्राष्ट्रीय शतक के बावजूद भारत को तीसरा और आखिरी मैच हारने के साथ सीरीज भी गंवानी पड़ी। विराट का यदि शीर्ष क्रम के एक भी बल्लेबाज ने सही साथ निभाया होता तो भारत इंदौर में जीत के साथ वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर सकता था।

न्यूजीलैंड की बेहद कमजोर टीम से भारत की हार का प्रमुख कारण टीम प्रबंधन द्वारा दरअसल किए गए कई प्रयोग हैं। इन ‘प्रयोगों’ को प्रोसेस यानी प्रक्रिया का नाम दिया गया। एक एक की बराबरी के बाद तीसरे और निर्णायक वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच से पहले भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा था कि बीच के ओवर में दमदार गेंदबाजी जरूरी है अन्यथा परेशानी में फंस सकते हैं। बदकिस्मती से टीम इंडिया की लगातार दूसरे और तीसरे वन डे अतर्राष्ट्रीय मैचों में हार का सबसे बड़ा कारण बीच के ओवरों में भारत के धुरंधर बाएं हाथ के लेग स्पिनर कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा की बेदम गेंदबाजी रही। अगले महीने अपने घर में होने वाले आईसीसी टी 20 विश्व कप के मद्देनजर भारत ने इस वन डे सीरीज के लिए अपने तुरुप के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर हार्दिक पांडया को आराम दिया था जबकि ऑफ स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर दूसरे वन डे अंतर्राष्ट्रीय मैच से बाहर होने के साथ न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन टी 20 मैचों की सीरीज से भी बाहर हो गए हैं।

मेहमान न्यूजीलैंड से वन डे सीरीज गंवाने के बाद भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कोई बहाना बनाने की बजाय कहा, ‘हमारी टीम इतनी मजबूत थी कि हमें न्यूजीलैंड से यह वन डे सीरीज जीतनी चाहिए थी। न्यूजीलैंड ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण -तीनों में हमें पछाड़ दिया। हम अपने खेल से निराश हैं। हमें अपने खेल में बहुत सुधार की जरूरत है। विराट भाई और हर्षित राणा की तीसरे वन डे में की बढ़िया बल्लेबाजी हमारे लिए सबसे सकारात्मक बात रही। हमारे तेज गेंदबाजों ने बढ़िया प्रदर्शन किया। विश्व कप को जेहन में रखते हुए हम नीतिश रेड्डी को मौके देना चाहते थे। जहां तक रोहित शर्मा की बात है तो मैं यह कहूंगा कि आप हमेशा ही शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाते हैं।‘

सच तो यह है कि भारत के न्यूजीलैंड के हाथों वन डे सीरीज हारने के बड़ा कारण बीच के ओवर में विकेट न चटकाना रहा। भारत ने इंदौर में तीसरे और आखिरी वन डे अंतर्राष्ट्रीय मैच में बीच के 11 वें से 40 वें ओवरी में 191 रन दिए और मात्र एक विकेट चटकाया। पूरी वन डे सीरीज में बीच के ओवर में भारत ने मात्र आठ विकेट चटकाए। बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा तीन मैचों की सीरीज में एक भी विकेट नहीं चटका पाए और कुलदीप यादव मात्र तीन विकेट चटका पाए। भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ‘ कई बार ऐसा होता है कि जब आप बीच के ओवर में विकेट नहीं चटका पाते हैं। कुलदीप यादव बीते कई बरसों से हमारे तुरुप के गेंदबाज रहे हैं। यह हमारी बदकिस्मती है कि कुलदीप यादव इस बार उतने विकेट नहीं चटका पाए जितने चटकाने चाहिए थे। इसी कारण से इस तरह की सीरीज हमें आगे बढ़ने में मदद करती है। मैं ईमानदारी से मानता हूं कि हमारी फील्डिंग इस वन डे सीरीज में स्तरीय नहीं रही। हमें कई अहम कैच टपकाए। जब इस तरह के कैच टपकाए जाते हैं तो तब इस तरह की पिच पर गेंदबाज के लिए विकेट चटकाने के मौके बनाना आसान नहीं होता है। हमें अपनी फील्डिंग चुस्त करने की जरूरत है। फील्डिंग ही दोनों टीम के बीच बड़ा फर्क रही। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने बढ़िया आगाज को भुनाया। न्यूजीलैंड के फील्डर ने चुस्त फील्डिंग से रविवार को 15-20 रन बचाए। यही टीमों में बड़ा फर्क रहा।’

वन डे सीरीज में हर्षित राणा ने छह विकेट चटकाने के साथ 83 बनाए। सीरीज के पहले वन डे में हर्षित राणा की पारी और रविवार को जड़ा अर्द्धशतक बढ़िया था।

राणा ने भारत की टीम में नौजवान तेज गेंदबाज के रूप में प्रवेश किया था और यह चीफ कोच गौतम गंभीर के उन पर भरोसे का ही नतीजा है कि वह उनकी उम्मीदों पर खरे उतर कर एक ऑलराउंडर के रूप में उभर रहे हैं। शुभमन गिल ने कहा,‘हर्षित राणा तीन वन डे मैचों की इस सीरीज में आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर बढ़िया बल्लेबाजी की कतई आसान नहीं था। हर्षित अपनी बल्लेबाजी बराबर बेहतर कर रहे हैं।हर्षित जिस बढ़िया ढंग से बल्लेबाजी कर रहे हैं और इसी तरह बढ़िया बल्लेबाजी जारी रखते हैं तो वह वाकई बढ़िया ऑलराउंडर बन सकते हैं। भारतीय टीम को गेंदबाज होने के साथ बल्लेबाजी मे करने में सक्षम खिलाड़ी की जरूरत है हर्षित अपनी लंबाई के चलते ऐसा कर पाते हैं। आपको हर्षित राणा जैसे बराबर 140 किलोमीटर प्नति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज की जरूरत है। साथ ही ।’ हार्दिक पांडया निर्विवाद रूप से बेहतरीन ऑलराउंडर हैं लेकिन दिक्कत उनकी फिटनेस और इसके चलते वह कभी भी टीम से बाहर हो जाते हैं।’