पत्नी उदिता की महिला एचआईएल की खिताबी जीत ने ट्रॉफी जीतने की मेरी भूख और बढ़ा दी है: मनदीप सिंह

Wife Udita's Women's HIL title win has further increased my hunger to win the trophy: Mandeep Singh

  • बेशक मैं भी अपनी रांची रॉयल्स टीम को पुरुष एचआईएल ट्रॉफी जिताना चाहता हूं
  • उदिता बताती हैं कि मैंने क्या अच्छा किया और क्या बेहतर करने की जरूरत
  • उदिता की खिताबी उपलब्धि मुझे और बेहतर प्रदर्शन को प्रेरित करती है

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : फुलबैक उदिता ने जब एजी पाइपर्स को हाल ही में जब हीरो महिला हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) 2025-26 खिताब जिताने पर ट्रॉफी हाथों में उठाई तो इस खिताबी जीत का जश्न उनकी टीम तक ही सीमित नहीं रहा। एसजी पाइपर्स की महिला एचआईएल में इस खिताबी जीत का जश्न उदित के पति भारत और रांची रॉयल्स के लिए फिलहाल पुरुष हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) 2026 में खेल रहे भारत के स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने गर्व से मनाने के साथ अपनी निगाहें अब अपनी टीम को खिताब जिताने पर लगा दी। भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम के पूर्व चीफ कोच हरेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन वाली रांची रॉयल्स फिलहाल पुरुष एचआईएल 2026 में छह मैचों में तीन सीधी और शूटआउट में हासिल एक जीत और दो हार की बदौलत कुल 11 अंकों के साथ वेदांता कलिंगा लांसर्स (7 मैच, चार सीधी, दो शूटआउट में एक हार की बदौलत 16 अंकों) के बाद दूसरे स्थान पर चल रही है। उदिता जहां एसजी पाइपर्स को इस सीजन में पहली बार महिला एचआईएल खिताब जिता अपना इतिहास में दर्ज कर चुकी हैं। वहीं मनदीप सिंह का मानना कि उनकी पत्नी उदिता की खिताबी कामयाबी उनके लिए दबाव के बजाए नई प्रेरणा है।

अब जब पुरुष हॉकी इंडिया लीग 2026 जैसे-जैसे रोमांचक समापन की ओर बढ़ रही है मनदीप की पुरुष एचआईएल ट्रॉफी की तलाश अब एक साझा सपने से जुड़ गई है , एक ऐसा सपना जो उनके परिवार में आधा तो पहले ही पूरा हो चुका है। पत्नी उदिता के एसजी पाइपर्स को एचआईएल खिताब यदि मनदीप सिंह रांची रॉयल्स को पुरुष एचआईएल खिताब जिताते हैं तो उनके परिवार का साझा सपना पूरा हो जाएगा। यह भारतीय हॉकी में पति पत्नी की सशक्त जोड़ी का यह केवल एक और पदक नहीं होगा बल्कि दोनों की एक सीजन में भागीदारी, जीवट और साथ जीत हासिल करने के जश्न मनाने की हिम्मत दिखाने का सीजन होगा।

अपनी रांची रॉयल्स पुरुष टीम के लगातार मैच जीतने के बाद स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने कहा, ‘ कई बार मजाक में मैं कहता हूं कि उदिता ने मुझ पर दबाव डाल दिया है। बावजूद इसके मैं कहूंगा कि यह एक अच्छा दबाव है जो कि मुझे प्रेरित करता है। मेरे पास अभी भी मौका है और मैं इसका पूरा लाभ उठाना चाहता हूं। हमारी रांची रॉयल्स की टीम बढ़िया प्रदर्शन कर रही है और हमने लगातार अपने मैच जीते हैं और शीर्ष पर पहुंचने के लिए जोर लगा रहे हैं। बेशक पत्नी उदिता की महिला एचआईएल की खिताबी जीत ने ट्रॉफी जीतने की मेरी भूख और बढ़ा दी है। बेशक मैं भी अपनी रांची रॉयल्स टीम को पुरुष एचआईएल ट्रॉफी जिताना चाहता हूं।’

कैमरे और प्रशंसकों की भीड़ से दूर उदिता और मनदीप सिंह के घर की दिनचर्या एकदम सहज है – हॉकी, फिटनेस के साथ और हॉकी। इस बाबत मनदीप सिंह हंसते हुए कहते हैं, ‘ हम घर पर भी हॉकी से दूर नहीं रहते। हम दोनों साथ साथ ट्रेनिंग करते हैं। सुबह जिम करते हैं । शाम को घर के करीब टर्फ पर हम दोनों हॉकी का अभ्यास करते हैं। हॉकी हमारी रोज की जिंदगी का हिस्सा है। अब पुरुष हॉकी इंडिया लीग नॉकआउट चरण की ओर बढ़ रही है उदिता दबाव से निपटने के लिए मेरी भरोसेमंद साथी बन गई है। हम दोनों हर रोज मैच की बाबत बात करते हैं। उदिता मुझे बताती है कि मैंने क्या अच्छा किया और मुझे क्या बेहतर करने की जरूरत है। मैं कैसे शांत रह सकता हूं। मेरी पत्नी उदिता मेरी सबसे बड़ी ताकत है और जेहनी तौर पर बहुत मजबूत है।

मनदीप सिंह और उदिता बीते बरस शादी के बंधन में बंधे थे। मनदीप और उदिता पहले ही इस बाबत चर्चा कर चुके हैं कि एक दुर्लभ दोहरा जश्न कैसा दिख सकता है। मनदीप ने कहा, ‘ हम दोनों ही यदि एचआईएचल ट्रॉफी जीतते हैं तो हम दोनों मिलकर इसका जश्न मनाएंगे। मनदीप जब मैदान पर खेलने के लिए उतरे तो उदिता की एसजी पाइपर्स को महिला एचआईएल खिताब जिताने की यह उपलब्धि हमेशा उनके जेहन में थी। मैं जब भी मैदान पर उतरता हूं तो अपनी पत्नी द्वारा एचआईएल में सुनहरा तमगे जीतने की बाबत सोचता हूं। उदिता की खिताबी उपलब्धि मुझे गोल करने, मैच जीतने और बेहतर प्रदर्शन को प्रेरित करती है। मैं चाहता हूं कि मुझे उदिता पर जितना गर्व होता है वह भी मुझ पर उतना ही गर्व महसूस करे।