यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के नेतृत्व में यूजीसी के मुद्दे पर अपनी संतानों की रक्षा के लिए महाकाली की बेटियां महाकाली बनकर रणक्षेत्र में कूदी

Under the leadership of Yeti Narasimhanand Giri Maharaj, the daughters of Mahakali jumped into the battlefield as Mahakali to protect their children on the issue of UGC

यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के नेतृत्व में यूजीसी के मुद्दे पर अपनी संतानों की रक्षा के लिए महाकाली की बेटियां महाकाली बनकर रणक्षेत्र में कूदी

मनीष कुमार त्यागी

  • भाजपा से जुड़ी हुई महिलाओं का आज यूजीसी एक्ट के विरुद्ध रौद्र रूप
  • हर माँ का कर्तव्य है की अपने बच्चों पर संकट आए तो वो महाकाली का रूप धर कर अपने बच्चों की रक्षा करे – डॉ उदिता त्यागी
  • देश और धर्म के लिए सर्वस्व बलिदान करने वालों के बच्चों को अपराधी नहीं घोषित होने देंगे – शशि चौहान (सभासद नगर पंचायत डासना)
  • डॉ उदिता त्यागी जी ने आशंका जताई कि इक्विटी कमेटी हमारी बेटियों की रेप और शोषण कमेटी बन जाएगी।
  • 5 फरवरी को एक हजार महाकाली उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर अग्निसमाधि लेगी।

गाजियाबाद : जगदम्बा महाकाली डासना वाली की बेटियां महाकाली बनकर अपनी संतानों की रक्षा के लिए यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में 29 जनवरी 2026 को विश्व प्रसिद्ध शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के नेतृत्व रणक्षेत्र में उतर गई। इन सबने जगदम्बा महाकाली और महादेव के नाम पर इस काले कानून के विरुद्ध हर संघर्ष करने की शपथ ली।

विश्व के प्राचीनतम महाकाली मंदिर शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद से आज मां महाकाली की बेटियों ने यूजीसी एक्ट के विरोध में शिवशक्ति धाम डासना से गाजियाबाद जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च किया और जिलाधिकारी के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के अनुसार यूजीसी एक्ट 2026 को सरकार व्यापक हिन्दू नरसंहार का मार्ग प्रशस्त करने के लिए लाई है। यह अन्यायपूर्ण एक्ट अगर सात दिन के अंदर वापस नहीं हुआ तो डॉ उदिता त्यागी जी व शशि चौहान (सभासद नगर पंचायत डासना) एक हज़ार महाकालियों के साथ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के सामने सामूहिक अग्निसमाधि ले लेगी।

इस पैदल मार्च की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि ये भाजपा से जुड़ी हुई महिलाओं के द्वारा किया गया है। शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने पुष्प अर्पित करके इन बहनों को शिवशक्ति धाम डासना से विदा किया और उनके साथ अपने सभी यति संन्यासियों और शिष्यों को बहनों और बेटियों की सुरक्षा के लिए साथ भेजा।

अपने इस आंदोलन के बारे में बताते हुए डॉ उदिता त्यागी जी ने कहा हर माँ का कर्तव्य है की अपने बच्चों पर संकट आए तो वो महाकाली का रूप धर कर अपने बच्चों की रक्षा करे।मै स्वयं एक मां हूँ और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ भी करुंगी। ये एक्ट जिहादियों की एक सुनियोजित रणनीति है जिस से हिंदू एकता खत्म हो और हिंदू एक एक करके मारे जायें।जिस तरह नाज़ी लोग यहूदियों की एथिनिक क्लीजिंग से पहले क़ानून लाते थे ये यूजीसी एक्ट सवर्ण बच्चों के जातीय नरसंहार की सुनियोजित साज़िश है।“इक्वेटी कमेटी” जिसमें सिर्फ़ एससी/एसटी/ओबीसी/जिहादी होंगें हमारी बेटियों की संगठित ग्रूमिंग गैंग और हमारे लड़को की सुनियोजित मॉब लिंचिंग की कमेटी साबित होगी।

शशि चौहान जो नगर पंचायत डासना की वरिष्ठ सभासद हैं और जिनका पूरा जीवन भाजपा की सेवा करते हुए निकल गया,आज उनका कहना है कि हमने इस देश और धर्म के लिए सदैव बलिदान दिए हैं परंतु अब हम अपने बच्चों को किसी की नेतागिरी के लिए अपराधी नहीं घोषित होने देंगे।यह काला कानून न्याय की सभी अवधारणाओं के विरुद्ध है।यह समता के अधिकार को कुचलने के लिए बनाया गया है।अब सरकार को इसे वापस लेने के लिए मजबूर करेंगे। इस पैदल मार्च में गीता त्यागी,अंजना त्यागी,गुंजन गुप्ता,पलक गुप्ता,गीता त्यागी मंडला,मोना शर्मा,गुडी शर्मा,रीना,गीता,काजल तथा अन्य बहने उपस्थित थी।