पत्रकारिता लोक शिक्षा का बड़ा माध्यम— पत्रकारिता को वंचितों की आवाज बनना चाहिए – राज्यपाल

Journalism is a great medium of public education- Journalism should become the voice of the deprived - Governor

रविवार दिल्ली नेटवर्क

जयपुर : राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि समाचार पत्र समाचार के साथ ही विचार के भी संवाहक बने। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को वंचितों की आवाज होना चाहिए।

राज्यपाल गुरुवार को जयपुर में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में नेशनल मीडिया फाउंडेशन नई दिल्ली द्वारा आयोजित सम्मेलन का शुभारम्भ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोक शिक्षा का बड़ा माध्यम है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारिता की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि उस समय लोगों को जागरूक करने का कार्य मीडिया ने किया।

राज्यपाल ने कहा कि हर वर्ष देश में 30 मई को भारतीय पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। इस दिन पहले हिंदी, भारतीय दृष्टिकोण के अखबार ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन हुआ था। इसे जुगल किशोर शुक्ल ने शुरू किया। देश में 29 जनवरी 1780 को पहला अंग्रेजी अखबार ‘हिक्की गजट’ निकला था। पर यह परस्पर सूचना देने का गजट मात्र था। बागडे ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ इसीलिए कहा गया हैं कि यह जनता के अधिकारों की रक्षा करने के साथ उन्हें कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

उन्होंने पत्रकारिता और अन्य क्षेत्रों के उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जाने माने फोटो जर्नलिस्ट पुरुषोत्तम शर्मा, जनसंपर्क के क्षेत्र में गोपेन्द्र नाथ भट्ट, पत्रकारिता के लिए पिंक सिटी क्लब जयपुर के अध्यक्ष मुकेश मीणा, पत्रकार राधा रमन शर्मा,कला संस्कृति पत्रकारिता के लिए वीणा समूह की स्वर सरिता के प्रबन्ध संपादक हेमजीत मालू, आरएएस अधिकारी प्रवीण खंडेलवाल, आरपीएस अधिकारी संदीप सारस्वत, डॉ. सुनील धादीच, श्री सीसराम भावरिया आदि को सम्मानित भी किया।

प्रारम्भ में नेशनल मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने राज्यपाल का स्वागत किया । राष्ट्रीय सलाहकार डॉ ओ पी यादव ने फाउंडेशन की गतिविधियों की जानकारी दी ।