अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल ने रचा इतिहास, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई महिला शक्ति

All India Terapanth Mahila Mandal created history, women power was recorded in the Guinness World Records

रविवार दिल्ली नेटवर्क

नई दिल्ली : विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर दिनांक 4 फरवरी को अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए केवल 8 घंटे में सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग हेतु सर्वाधिक लोगों का पंजीकरण कर गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। यह रिकॉर्ड देशभर में फैली महिला मंडल की लगभग 400 शाखा परिषदों द्वारा एक साथ संचालित इस महाअभियान के अंतर्गत बना, जो अपने आप में संगठित महिला शक्ति का अनुपम उदाहरण है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में अणुव्रत भवन में आयोजित समारोह में गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने यह प्रमाण-पत्र आचार्य श्री महाश्रमण के विद्वान शिष्य मुनि उदित कुमारजी के सानिध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती सुमन नाहटा को समर्पित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुनि उदित कुमार जी ने कहा- “महिला मंडल का यह उपक्रम केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और संकल्प की त्रिवेणी है। महिला स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय को लेकर इतनी व्यापक जागरूकता और सहभागिता वास्तव में अनुकरणीय और प्रशंसनीय है। यह कार्य समाज को नई दिशा देने वाला है।”

जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष श्री महेंद्र नाहटा ने महिला मंडल के इस सेवा-उपक्रम की सराहना करते हुए कहा- “यह ऐतिहासिक उपलब्धि परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी के पुण्य-प्रताप और प्रेरणा का सजीव प्रमाण है। महिला मंडल निरंतर समाजसेवा और विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो कार्य कर रहा है, वह वास्तव में वंदनीय है। भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और लोककल्याणकारी उपक्रम होते रहें, यही अपेक्षा है।”

दिल्ली तेरापंथी सभा के अध्यक्ष श्री सुखराज सेठिया ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा- “महिला मंडल ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प सामूहिक हो, तो असंभव भी संभव बन जाता है। यह उपलब्धि न केवल तेरापंथ समाज, बल्कि संपूर्ण देश के लिए गौरव का विषय है।” इस अवसर पर तेरापंथ समाज के सक्रिय कार्यकर्ता श्री जोधराज बैद, महिला मंडल की प्रधान ट्रस्टी श्रीमती कनक बरमेचा, न्यासी श्रीमती मंजुला भंसाली, सुनीता जैन सहित अनेक महिलाओं ने गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड्स का सर्टिफिकेट स्वीकार किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती सुमन नाहटा ने कहा- “यह रिकॉर्ड किसी एक व्यक्ति या इकाई का नहीं, बल्कि देशभर के प्रत्येक महिला मंडल की निष्ठा, परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। मैं समस्त भारत की महिला मंडल बहनों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। यह उपलब्धि महिला शक्ति की सृजनात्मक क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत प्रमाण है।”

इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक करना तथा प्रारंभिक स्तर पर बीमारी की पहचान कर समय रहते उपचार उपलब्ध कराना है। शिविरों में पैप स्मियर टेस्ट के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर की जांच पूरी तरह निःशुल्क की गयी। महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और जागरुकता को लेकर देशव्यापी स्तर पर यह विशाल अभियान चलाया गया और इसने एक कीर्तिमान स्थापित किया। समारोह उत्साह, गर्व और साधना के भावों से परिपूर्ण रहा तथा यह उपलब्धि समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी।