प्रो. नीलम महाजन सिंह
भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ सुधार प्रतीत हो रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाॅल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। व्हाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हुए दोनों नेताओं ने एक दूसरे का अभिनंदन किया। अमेरिका-भारत ने अंतरिम व्यापार ढांचे का अनावरण किया व मार्च 2026 तक औपचारिक समझौते की उम्मीद जताई है।
अमेरिकी टैरिफ 18% तक कम किए गए हैं। भारत 5 सालों में अमेरिकी ऊर्जा, विमान और तकनीक में $500 बिलियन का निवेश करेगा। नरेंद्र मोदी सरकार का कहना है कि किसानों को सुरक्षा दी गई है, लेकिन विपक्ष ने इस सौदे को एकतरफा बताया है। संयुक्त राज्य अमेरिका व भारत एक व्यापार समझौते के करीब आ गए हैं व उन्होंने एक अंतरिम ढांचा जारी किया है। यह टैरिफ कम करेगा, ऊर्जा संबंधों को नया आकार देगा व आर्थिक सहयोग को गहराई देगा, क्योंकि दोनों देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को फिर से संरेखित करना चाहते हैं। दोनों सरकारों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह ढांचा एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। समझौते को पूरा करने के लिए राजनैतिक बातचीत की आवश्यकता है। भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा, जिसके बदले में भारत, रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा व व्यापार बाधाओं को कम करेगा। 50% दर का आधा हिस्सा ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद के लिए दण्ड के रूप में लगाया था, जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि, यह यूक्रेन में मॉस्को के युद्ध प्रयासों को बढ़ावा दे रहा है। डाॅनलड ट्रम्प ने इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके उस 25% हिस्से को रद्द कर दिया, जब भारत इस सप्ताह अपने तेल की खरीद को अमेरिका व वेनेजुएला में स्थानांतरित करने पर सहमत हुआ। नई दिल्ली ने अपने कृषि बाज़ार को व्यापक रूप से खोलने के वाशिंगटन के दबाव का विरोध किया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने X (ट्वीट) पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह समझौता “संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से सुरक्षित करके किसानों के हितों व ग्रामीण आजीविका की रक्षा करता है”। इसमें मक्का, गेहूं व चावल जैसे मुख्य खाद्य पदार्थ के साथ सोया, मुर्गी पालन, दूध उत्पाद, इथेनॉल, तंबाकू व कुछ सब्जियां और मांस शामिल हैं। हालांकि, भारत की विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने कहा कि व्यापार सौदा काफ़ी हद तक अमेरिकी शर्तों पर किये जाने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि इससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हुआ है। इस समझौते ने राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है, ऐसा विपक्ष का आरोप है। आखिरी कैटेगरी में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर (AI) ए.आई. एप्लीकेशन के लिए किया जाता है, व डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान भी शामिल है। भारत सभी अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामानों व अमेरिकी खाने-पीने, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट की एक बड़ी रेंज पर टैरिफ खत्म या कम कर देगा, जिसमें जानवरों के चारे के लिए सूखे डिस्टिलर अनाज और लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, ताजे व प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट आदि शामिल हैं। भारत को विमानों व पुर्जों पर वही टैरिफ राहत मिलेगी जो अमेरिका के साथ ट्रेड डील साइन करने वाले अन्य सहयोगी देशों को दी गई है। ऑटो पार्ट्स इंपोर्ट के लिए एक कोटा मिलेगा जिस पर कम टैरिफ रेट लगेगा। फार्मास्यूटिकल्स व उनके इंग्रीडिएंट्स पर ट्रंप प्रशासन की टैरिफ जांच के नतीजों के आधार पर, “भारत को जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स और इंग्रीडिएंट्स के संबंध में बातचीत के नतीजे मिलेंगें,” ऐसा विदेश मंत्री डॉ.एस. जयशंकर ने कहा। किसानों, मछुआरों, माइक्रो और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए $30 ट्रिलियन – अमेरिका की सालाना जी.डी.पी. के बराबर का बाज़ार खोल रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि वाशिंगटन व नई दिल्ली का लक्ष्य मार्च में एक औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना है, जिसके बाद अमेरिकी निर्यात पर भारत की टैरिफ कटौती लागू हो जाएगी। अमेरिका ने पुष्टि की कि वह द्विपक्षीय व्यापार समझौते की आगे की बातचीत के दौरान भारतीय सामानों पर कम टैरिफ के लिए भारत के अनुरोधों पर विचार करने का इरादा रखता है। दोनों पक्षों ने संवेदनशील प्रौद्योगिकियों पर निर्यात नियंत्रण लागू करने में सहयोग करने व ‘तीसरे पक्षों की गैर-बाज़ार नीतियों’ को संबोधित करने के लिए कार्रवाई करने पर भी सहमति व्यक्त की है। भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता और ‘मेक इन इंडिया अभियान’ को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देश इस फ्रेमवर्क को तुरंत लागू करेंगें, व ‘टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस’ में तय रोडमैप के मुताबिक, आपसी फायदे वाले बी.टी.ए. (BTA) को पूरा करने के मकसद से अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगें। यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डाॅनाल्ड ट्रंप भारत के साथ ट्रेड डील के तहत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक में अमेरिकी किसानों और प्रोड्यूसर्स की पहुंच बढ़ा रहे हैं। “ट्री नट्स व सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन से लेकर लाल ज्वार और ताज़े और प्रोसेस्ड फलों तक, अमेरिका-भारत समझौता अमेरिकी उत्पादों के लिए नए बाज़ार तक पहुंच प्रदान करेगा”। व्हाइट हाउस के संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत को ऑटोमोटिव पार्ट्स के लिए प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा (TRQ) मिलेगा, जो लागू टैरिफ के अधीन होगा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत ग्रीर ने राष्ट्रपति डाॅनल्ड ट्रम्प द्वारा भारत के साथ व्यापार समझौते की रूपरेखा वाले संयुक्त बयान की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करेगा तथा अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत के विशाल बाज़ार को खोलेगा। ग्रीर ने कहा कि यह समझौता सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ कम करके अमेरिकी श्रमिकों, किसानों और उत्पादकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाएगा। निर्यात में वृद्धि से देश की महिलाओं व युवाओं के लिए लाखों नए रोरोज़गा के अवसर पैदा होंगें। सारांंशार्थ, डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर संयुक्त बयान, दोनों देशों में मज़बत राजनयिक संबंधों में एक नया अध्याय खोलेगा”।
प्रो. नीलम महाजन सिंह (वरिष्ठ पत्रकार, राजनैतिक समीक्षक, अंतर्राष्ट्रीय सामयिक विशेषज्ञ, दूरदर्शन व्यक्तित्व, सॉलिसिटर फॉर ह्यूमन राइट्स संरक्षण व परोपकारक)





