जीवन भर साथ रहना पुस्तकें अमूल्य आभूषण हैं

Books are priceless jewels that last a lifetime

डॉ. विजय गर्ग

मनुष्य के जीवन में जो वस्तुएं सदैव बनी रहती हैं, उनमें पुस्तकों का स्थान सर्वोच्च है। पुस्तकें केवल कागज़ की चादर नहीं होतीं, बल्कि वे विचारों की समृद्धि, अनुभवों की विरासत और मानवीय बुद्धिमत्ता का खजाना होती हैं। जिस प्रकार अमूल्य आभूषण किसी व्यक्ति की सजावट को निखारते हैं, उसी प्रकार पुस्तकें मन और आत्मा पर सवार होती हैं।

पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची साथी होती हैं। दुःख में ये सहारा देती हैं, भ्रम को रास्ता दिखाती हैं और खुशी के क्षणों को और गहरा कर देती हैं। जीवन में जब कोई नहीं समझता तो पुस्तक चुपचाप बैठकर हमारी बातें सुनती है। यह हमें एकाकीपन से बचाकर विचारों के प्रकाश की ओर ले जाती है।

जीवन के प्रत्येक चरण में पुस्तकों का महत्व विभिन्न रूपों में सामने आता है। बचपन में ये कल्पना को पंख लगाते हैं, युवावस्था में सोच को दिशा देते हैं और वृद्धावस्था में अनुभव को गहरा करते हैं। पुस्तकें हमें न केवल ज्ञान देती हैं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और नैतिकता भी सिखाती हैं।

आज के विचलित करने वाले युग में, जब ध्यान भटकना आसान हो गया है, तो पुस्तकों की सराहना और भी अधिक होती है। पुस्तक पढ़ना मन को स्थिर करता है, धैर्य सिखाता है और गहन चिंतन की आदत डालता है। यह एक ऐसा आभूषण है जो कभी पुराना नहीं होता, न ही अपनी चमक खो देता है।

मानव जीवन में रिश्ते आते-जाते रहते हैं, लेकिन एक साथी जो कभी पीछे नहीं हटता, वह है किताबें। जिस तरह आभूषण किसी व्यक्ति की बाहरी सुंदरता को बढ़ाते हैं, उसी तरह किताबें भी मनुष्य की आत्मा और व्यक्तित्व पर चार चाँद डालती हैं। इसीलिए कहा जाता है कि किताबें एक अमूल्य गहना हैं, जिनकी चमक समय के साथ कभी फीकी नहीं पड़ती। ज्ञान का अमिट खजाना पुस्तकें ज्ञान का सागर हैं, जिसमें जितनी गहराई में उतरेंगे उतनी ही मूल्यवान मोती मिलेंगे। चाहे वह इतिहास हो, विज्ञान हो या साहित्य, पुस्तकें हमें घर बैठे दुनिया भर की यात्रा करने के लिए प्रेरित करती हैं। वे हमें अतीत के अनुभवों से जोड़ती हैं और भविष्य के लिए तैयार करती हैं। सबसे वफादार दोस्त दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन किताबें हमेशा एक जैसी ही रहती हैं। जब आप अकेले होते हैं, तो वे आपका साथ देते हैं। जब आपको निराशा होती है, तो वे प्रेरणा बनकर रास्ता दिखाते हैं। किताबें कभी कोई शिकायत नहीं करतीं, बल्कि हर मोड़ पर इंसान का मार्गदर्शन करती हैं। चरित्र निर्माण में सहायक एक अच्छी किताब सौ अच्छे दोस्तों के बराबर होती है। ये हमारे विचारों को शुद्ध करते हैं और हमें अच्छाई और बुराई में अंतर करना सिखाते हैं। महान व्यक्तित्व जैसे महामहिम गांधी, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और भगत सिंह के जीवन को रचने में पुस्तकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

वास्तव में, जो व्यक्ति पुस्तकों से मित्रता करता है, वह जीवन में कभी भी गरीब नहीं रहता। धन कम हो सकता है, साथियों को छोड़ दिया जा सकता है, लेकिन पुस्तकों की प्राप्ति हमेशा के लिए बनी रहती है। इसलिए यह कहना बिल्कुल सही है कि जीवन भर साथ रहना। पुस्तकें अमूल्य आभूषण हैं, जो व्यक्ति को अंदर से अमीर बनाती हैं।