दीपक कुमार त्यागी
- नेताओं के बिना हजारों लोग अपने बच्चों के भविष्य के लिए साथ उठ खड़े हुए
- यूजीसी एक्ट के समाप्त होने तक भाजपा और आरएसएस का पूर्ण विरोध – शिवशक्ति महापंयाचत का निर्णय
- करनी सेना प्रमुख सूरजपाल सिंह अम्मू ने अलग देश की मांग को उठाया
- योगी अगर हमारे हैं तो हमारे साथ आए – महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज
- महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने डॉ उदिता त्यागी और सभी यति संन्यासियों का अनशन समाप्त करवाया
- त्यागपत्र देने वाले अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने वैकल्पिक राजनैतिक व्यवस्था की बात को जोर शोर से उठाया
- डॉ उदिता त्यागी भारत के सभी धर्मगुरुओं से मिलकर उनसे यूजीसी एक्ट के विरोध का निवेदन करेगी
- पिंकी चौधरी सहित महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के कई साथी घरों में नजरबंद
- डॉ बी पी त्यागी ने महापंचायत में चिकित्सा शिविर लगाया
गाजियाबाद : विश्व प्रसिद्ध शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद में 8 फरवरी 2026 को यूजीसी एक्ट पर आगे के संघर्ष की रूपरेखा बनाने के लिए हिन्दुओं की सभी 36 बिरादरियों की महापंचायत हुई।इस महापंचायत में सारे देश से आक्रोशित लोगों ने भाग लिया।बिना नेताओं के हुई इस महापंचायत को जन साधारण का पूरा समर्थन मिला। भाजपा और आरएसएस की ओर से हुए इस विश्वासघात को लेकर पूरे समाज के आक्रोश का यहां प्रदर्शन हुआ, जो वक्ताओं के भाषण में भी स्पष्ट दिखाई दिया। संत समाज की ओर से यूजीसी एक्ट पर कोई मुखर विरोध ना होने पर भी जन समुदाय में आक्रोश दिखाई दिया।
पंचायत को संबोधित करते हुए शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा भारत के उच्च स्तरीय गुप्तचर विभाग के अधिकारियों में चर्चा है कि यह यूजीसी एक्ट अरब देशों विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात की योजनाओं का हिस्सा है। आज वैश्विक इस्लामिक थिंक टैंक का मानना है कि जब तक भारत से ब्राह्मण,क्षत्रिय और वैश्य डी.एन.ए. को नहीं बदला जाएगा तब तक भारत का पूर्ण इस्लामीकरण संभव नहीं है।भारत के इस्लामीकरण के बिना पूरी दुनिया के इस्लामीकरण का लक्ष्य कभी भी पूरा नहीं हो सकता। इतने दमन और अत्याचारों के बाद भी ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज सनातन धर्म की ढाल बन कर खड़े थे। अगर यह ढाल हट जाए तो भारत के इस्लामीकरण को कोई नहीं रोक सकता। इसीलिए उन्होंने भारत के मौलानाओं के माध्यम से आर.एस.एस. के नेताओं को अपनी पकड़ में लेकर ये यूजीसी एक्ट लागू करवाया है। वास्तव में यह यूजीसी एक्ट हिन्दू समाज का डेथ वारंट है।
अपने अनशन को खत्म करते समय डॉ उदिता त्यागी ने कहा कि वो समाज और वो देश हमारे किस काम का जहां हमारे लोगों और हमारे बच्चों को मिटाने का षड्यंत्र होता हो? आज हमारे खून पसीने पर बनी सरकार हमारे बच्चों को खाने की तैयारी में है।ये हमारे लिए बहुत ही दुख और पीड़ा की बात है। पर सरकार ये अच्छी तरह समझ ले हम कुछ भी करके अपने बच्चों को इस कानून से बचा लेंगे पर हमसे विश्वासघात करने वाले लोग एक दिन वंश विनाश देखकर नष्ट हो जाएंगे।
महापंचायत में करनी सेना के प्रमुख नेता सूरजपाल सिंह अम्मू ने अलग देश के मुद्दे को उठाया।
यूजीसी एक्ट के विरोध में त्यागपत्र देने वाले अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने वैकल्पिक राजनैतिक व्यवस्था के मुद्दे को उठाया।
अखिल भारतीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने आंदोलन को गांव-गांव ले जाने की बात कही।
महापंचायत में बी के शर्मा हनुमान, महेश आहूजा, सेवाराम त्यागी, सचिन सिरोही सहित अनेक वक्ताओं ने अपनी बात रखी।





