गोपेन्द्र नाथ भट्ट
विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी जिस कुशलता के साथ विधानसभा में अपने दायित्वों का कुशलता के साथ निर्वहन कर रहें है और नित नए नवाचारों से उन्होंने देश-दुनिया में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। वहीं वे अपने गृह नगर अजमेर के विकास में भी बहुत रुचि ले रहें है और उनके प्रयासों से राजस्थान के वर्ष 2026-27 के बजट में अजमेर को इस बार भी कई सौगातें मिली है।
इन सौगातों में ऐतिहासिक तारागढ़ दुर्ग को अजमेर नगर के गौरव केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही अजमेर में
महर्षि दयानन्द पैनोरमा की स्थापना भी की जायेगी । अजमेर में 150 करोड़ रूपए की लागत से राजस्व भवन के नवीन भवन का निर्माण भी किया जाएगा। साथ ही अजमेर शहर को सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। अजमेर के जेएलएन चिकित्सालय में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर्स की स्थापना की जाएगी। अजमेर में आमजन एवं पर्यटकों के लिए सुविधा सेण्टर विकसित किया जाएगा। अजमेर में पीपीपी मोड़ पर स्मार्ट पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। अजमेर में बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेण्टर की स्थापना की जायेगी । 200 करोड़ रूपए की लागत से अजमेर में ड्रेनेज सिस्टम का कार्य कराया जाएगा। अजमेर के पुष्कर घाटी मार्ग को चौड़ा करने पर 12 करोड़ रूपए रू खर्च किए जायेंगे। अजमेर में जिला मुख्यालय पर प्रदेश के पहले एआई प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी ।
माकड़वाली में पृथक से नवीन पुलिस चौकी स्थापना होगी। अजमेर में राज सखी सेण्टर खोला जाएगा। अजमेर में नॉइस मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना की जायेगी ।
साथ ही अजमेर के माकड़वाली और चाचियावास तालाबों का जीर्णोद्धार के साथ ड्रेनेज सम्बन्धी कार्य किए जाएँगे । मॉडल उद्यान का “ऑक्सीजोन ” के रूप में विकास किया जाएगा। अजमेर में फाईबर टू होम टेक्निशियन के ट्रेड्स प्रारंभ किए जाएंगे
इसके अलावा अजमेर की सुप्रसिद्ध आनासागर झील के मानसून अधिशेष पानी एवं एसटीपी के परिष्कृत पानी को फूलसागर कायड़ में अपवर्तन करते हुए रूपनगढ़ तक बाढ़ प्रोटेक्शन, ड्रेनेज कार्यों के साथ फूलसागर कायड़ से लगभग 1200 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा व औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु 100 करोड़ रूपए की लागत से कार्य कराए जायेंगे ।
राजस्थान के मध्य भाग में अरावली पर्वतमाला की गोद में बसा अजमेर ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है। यह न केवल प्रदेश का प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थल है। अजमेर केवल एक ऐतिहासिक शहर नहीं, बल्कि आस्था, शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संगम है। इसकी बहुआयामी पहचान इसे राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में विशेष महत्व प्रदान करती है।
राजस्थान के मध्य में स्थित होने के कारण अजमेर एक प्रमुख परिवहन केंद्र है। यह दिल्ली–अहमदाबाद रेल मार्ग पर स्थित है और सड़क मार्ग से भी राज्य के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।पर्यटन, शिक्षा और व्यापार यहाँ की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं।यहाँ स्थित मेयो कॉलेज देश के प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में से एक है, जिसकी स्थापना 1875 में हुई थी।इसके अलावा, राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी ) का मुख्यालय भी अजमेर में है, जो राज्य की प्रशासनिक सेवाओं के लिए परीक्षाएँ आयोजित करता है। इससे शहर की प्रशासनिक और शैक्षणिक पहचान मजबूत होती है। उल्लेखनीय है कि राज्य के रेवन्यू बोर्ड का मुख्यालय अजमेर में ही है।
विधानसभाध्यक्ष और अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने अजमेर में औपनिवेशिक काल के गुलामी के प्रतीक माने जाने वाले अजमेर के कई स्थलों के नाम बदलकर उन्हें स्थानीय संस्कृति और इतिहास से जोड़ा है। प्रमुख परिवर्तनों में फॉय सागर का नाम ‘वरुण सागर’, किंग एडवर्ड मेमोरियल का ‘महर्षि दयानंद विश्रांत गृह’ और होटल खादिम का ‘अजयमेरु’ किया गया है।एलिवेटेड रोड का नाम भी बदल कर रामसेतु किया और हाल ही उन्होंने क्रिश्चियन गंज पुलिस थाना और चौकी का नाम परिवर्तित कर कृष्णगंज किया गया। देवनानी के अनुसार, ये कदम सनातन विरासत के सम्मान और शहर की मूल पहचान को पुन: प्रतिष्ठित करने के लिए उठाए गए हैं।





