नीति गोपेन्द्र भट्ट
नई दिल्ली : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इम्पैक्ट समिट- 2026 में “राजस्थान का एआई पवेलियन” भी लगाया गया है। ‘पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस’ थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर एआई को विश्वसनीय, प्रभावी एवं समावेशी बनाए जाने हेतु विचार विमर्श किया गया।सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।
राजस्थान एआई पवेलियन में कुल 13 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 9 स्टॉल विभिन्न विभागीय और सरकारी पहलों को समर्पित हैं, जबकि 4 स्टॉल ‘आई स्टार्ट’ पंजीकृत एआई स्टार्टअप्स के लिए आरक्षित किए गए हैं। ये स्टार्टअप स्टॉल परिक्रमण आधार पर संचालित हो रहे हैं, जिससे राज्य के अधिक से अधिक नवाचार उद्यमों को भागीदारी का अवसर मिल सके।
राजस्थान मण्डप में ‘राजकिसान’ के माध्यम से एआई आधारित फसल स्वास्थ्य प्रबंधन, राजस्थान जन आधार प्लेटफॉर्म द्वारा डेटा-संचालित लक्षित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, तथा ‘स्मार्ट’ (सर्विस मैनेजमेंट विद आर्टफिशियल इंटेलिजेंस एण्ड रियल टाइम सिस्टम) प्रणाली के जरिए 360-डिग्री नागरिक प्रोफाइलिंग और रीयल-टाइम योजना मॉनिटरिंग को प्रदर्शित किया गया है। इसके अतिरिक्त राजनिवेश के साथ ‘राज जीपीटी’ आधारित निवेश सुविधा प्रणाली को भी दर्शाया गया है, जो निवेशकों को प्रोत्साहन, भूमि प्रक्रिया और अनुमोदन संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करती है। राजस्थान पवेलियन एक व्यापक मंच पर राज्य की एआई आधारित शासन दृष्टि और भविष्य की रूपरेखा को जनता एवं विश्व के प्रमुख एआई से जुड़े निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है जिससे सरकारी के एआई से जुड़े तकनीकी प्रयासों को गति एवं निवेश मिलने की भी संभावना है।
एआई समिट प्रदर्शनी में राजस्थान सरकार द्वारा, राज्य द्वारा सामाजिक बदलाव एवं नीति शासन को सुचारू रूप से नियंत्रित करने की दिशा में एआई और मशीन लर्निंग की ज़रूरत और अभिग्रहण पर परिचर्चा भी की गई।





