रविवार दिल्ली नेटवर्क
हिसार / आगरा / भिवानी : जय विजय (आगरा में पंजीकृत साहित्यिक संस्था) वर्ष 2025 के लिए अपना 12वाँ वार्षिक रचनाकार सम्मान समारोह आयोजित करने जा रही है। इस अवसर पर लेख विधा के अंतर्गत प्रतिष्ठित रचनाकार डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’ को “जय विजय रचनाकार सम्मान–2025” प्रदान किए जाने की औपचारिक घोषणा की गई है।
संस्था द्वारा यह निर्णय वर्ष 2025 में जय विजय पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं के आधार पर लिया गया। विभिन्न साहित्यिक विधाओं में श्रेष्ठ रचनाकारों के चयन हेतु प्रत्येक विधा में तीन-तीन रचनाकारों को नामित किया गया। नामांकन में प्रकाशित रचनाओं की संख्या, गुणवत्ता और साहित्यिक प्रभाव को आधार बनाया गया। जारी सूची वर्णमाला क्रम में थी, जिसका उद्देश्य किसी प्रकार की प्राथमिकता या क्रम निर्धारण दर्शाना नहीं था।
संस्था की पारदर्शी और लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार, नामित तीनों रचनाकारों के मध्य जय विजय से जुड़े रचनाकारों द्वारा मतदान कराया गया, जिसमें प्रत्येक को केवल एक मत देने का अधिकार था। प्राप्त मतों के आधार पर प्रत्येक विधा में एक रचनाकार का चयन किया गया। लेख विधा में सर्वाधिक मत प्राप्त कर डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’ इस सम्मान के लिए चयनित हुए।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष लेख विधा का यही सम्मान उनकी साहित्यकार जीवनसंगिनी डॉ. प्रियंका सौरभ को प्रदान किया गया था, जो संस्था की निष्पक्ष, गुणवत्तापरक और पारदर्शी चयन प्रक्रिया का प्रमाण है।
संस्था के संपादक डॉ. विजय कुमार सिंघल ने बताया कि डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’ का साहित्यिक योगदान बहुआयामी, जनोन्मुखी और विचारोत्तेजक है। वे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में समानांतर लेखन करते हुए कविता, निबंध, बाल साहित्य, लघुकथा तथा हरियाणवी काव्य सहित अनेक विधाओं में सक्रिय हैं।
डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’ का जन्म वर्ष 1989 में हुआ। उन्होंने राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट, पशु चिकित्सा में डिप्लोमा, उर्दू डिप्लोमा तथा पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे हरियाणा सरकार में वेटरनरी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं तथा शिक्षण कार्य से भी जुड़े हुए हैं।
अब तक उनकी कविता, निबंध, बाल साहित्य एवं अन्य विधाओं की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। देश-विदेश की हज़ारों पत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख प्रकाशित हुए हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन सहित विभिन्न मंचों से उनका नियमित प्रसारण होता रहा है। वे प्रयास पाक्षिक के संपादन से भी जुड़े रहे हैं।
डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’ को पूर्व में अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है, जिनमें पंडित प्रताप नारायण मिश्र राष्ट्रीय युवा साहित्यकार पुरस्कार (2023) तथा साहित्यांचल राष्ट्रीय पुरस्कार (2025) प्रमुख हैं।
जय विजय संस्था का मानना है कि यह सम्मान उनके दीर्घकालिक साहित्यिक, सामाजिक एवं बौद्धिक योगदान का सार्थक मूल्यांकन है।





