रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली : ओम बिरला ने गुरुवार को लोकसभा में अध्यक्षीय आसन से कहा कि उन्होंने सदन की कार्यवाही हमेशा नियमों और परंपराओं के अनुरूप निष्पक्षता के साथ संचालित करने का प्रयास किया है और अध्यक्ष का पद दलगत राजनीति से ऊपर होता है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा देश के लगभग 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए सदन की कार्यवाही गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होनी चाहिए।
माइक्रोफोन को लेकर उठे विवाद के संदर्भ में बिरला ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के पास किसी सदस्य का माइक्रोफोन बंद करने का कोई बटन नहीं होता। उन्होंने कहा कि सदन की व्यवस्था के अनुसार जिस सदस्य को बोलने की अनुमति दी जाती है, उसी का माइक्रोफोन स्वतः सक्रिय होता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि संसदीय नियम सभी सदस्यों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे वह सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के। उन्होंने सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और संसदीय परंपराओं तथा अनुशासन का पालन करने की अपील की।





