इंद्र वशिष्ठ
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में 93139 पद खाली हैं। सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और बीएसएफ में सबसे ज्यादा पद खाली हैं। राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी।
पद खाली – सीआईएसएफ में 28342 , सीआरपीएफ में 27400, बीएसएफ में 14531, आईटीबीपी में 12333, एसएसबी में 6784 और असम राइफल्स में 3749 पद खाली हैं।
स्वीकृत पद- केंद्रीय सुरक्षा बलों के कुल स्वीकृत पद 10,72,692 हैं। जिसमें सीआरपीएफ में 3,30,818, बीएसएफ में 2,71,877, सीआईएसएफ में 1,98,772, आईटीबीपी में 1,05,136, एसएसबी में 1,00,549 और असम रायफल्स में 65,540 पद स्वीकृत हैं।
तैनात – इस समय सुरक्षा बलों में कुल 9,69,645 कर्मी तैनात हैं। जिसमें सीआरपीएफ 3,03,418, बीएसएफ 2,57,346 सीआईएसएफ 1,59,956, आईटीबीपी 92,803, एसएसबी में 94,331और असम रायफल्स में 61,791 कर्मी तैनात है।
राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला और आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल के सवालों के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
भर्ती के लिए उठाए गए कदम-
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि बल उपलब्ध संसाधनों के इष्टतम उपयोग के माध्यम से अत्यधिक पेशेवर तरीके से अपने सभी कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। खाली पदों को भरना एक सतत प्रक्रिया है। मंत्रालय संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और संबंधित बलों के माध्यम से रिक्तियों को तेजी से भरने के लिए गंभीर कदम उठा रहा है।
सरकार ने सीएपीएफ और एआर में रिक्तियों के भरने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।
सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स को नॉन-जनरल ड्यूटी संवर्गों में रिक्त पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पद हेतु वार्षिक भर्ती, जिसके लिए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जनरल ड्यूटी पदों पर भर्ती के समन्वय के लिए, कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी), उप-निरीक्षक (जनरल ड्यूटी) और सहायक कमांडेंट (जनरल ड्यूटी) के रैंक में भर्ती के लिए दीर्घकालिक आधार पर एक नोडल बल नामित किया गया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और असम राइफल्स (एआर) में कांस्टेबल (जीडी) और अन्य सीधी भर्ती परीक्षाओं के लिए शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी) / शारीरिक दक्षता परीक्षण (पीईटी) के आयोजन के दौरान रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) का उपयोग किया जा रहा है।
पदोन्नति आधारित रिक्तियों को भरने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकों का समय से आयोजन किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मेडिकल जांच (विस्तृत चिकित्सा जांच (डीएमई) / समीक्षा चिकित्सा जांच (आरएमई)) में लगने वाले समय को कम कर दिया गया है। कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के लिए पर्याप्त अभ्यर्थी (विशेष रूप से उन श्रेणियों में, जहां कमी देखी गई है) प्राप्त करने हेतु अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए कट ऑफ अंक कम कर दिए गए हैं। वार्षिक प्रशिक्षण योजना के अनुसार बेसिक रीक्रूट ट्रेनिंग नियमित तरीके से आयोजित की जाती है।
(इंद्र वशिष्ठ दिल्ली में 1989 से पत्रकारिता कर रहे हैं। दैनिक भास्कर में विशेष संवाददाता और सांध्य टाइम्स (टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप) में वरिष्ठ संवाददाता रहे हैं।)





