स्वच्छ भारत मिशन प्रदेश ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने निकाय आबू राज में स्वच्छता कार्यशाला को किया संबोधित
नीति गोपेन्द्र भट्ट
जयपुर/आबू राज : स्वच्छ भारत मिशन (शहर) स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता द्वारा नगर पालिका आबू राज में स्वच्छता कार्यशाला को संबोधित किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए ब्रांड एंबेसडर श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्थान के साथ गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थल आबू राज को स्वच्छता में रोल मॉडल बनाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के संकल्प को पूरा किया जाएगा । मुख्यमंत्री स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करके मुझ पर जो विश्वास जताया है उसे दृढ़ संकल्पित होकर पूरा किया जाएगा।
उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता कार्यशालाओं और बैठकों के संबंध में प्रत्येक सप्ताह मुझसे व्यक्तिगत संपर्क करके जानकारी ली जा रही है और मुख्यमंत्री के सख्त आदेश है कि स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा और कार्य में लापरवाही रखने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन अभियान एक साधारण सरकारी अभियान नहीं है बल्कि यह देश के 142 करोड़ लोगों के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ विषय है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में इस महत्वाकांक्षी अभियान का आगाज किया गया था तब किसी को यह अंदेशा नहीं था कि इसके कितने दूरगामी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
गुप्ता ने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत देश में 12 करोड़ शौचालय का निर्माण किया गया जो लोगों के निजी मकान में उपयोग हेतु बने और वैश्विक महामारी कोरोना के समय जब देश को बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा लॉकडाउन लगाया गया तब यही शौचालय उपयोग में आए क्योंकि घर से बाहर निकलने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध था। ऐसे में हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि ग्रामीण अंचल में हमारी माता बहनों की स्थिति क्या हो सकती थी? स्वच्छता की बदौलत हम एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण का भी निर्माण करते हैं जिस कारण लोग बीमार नहीं होते हैं। सरकारी स्तर का एक आंकड़ा है कि वर्ष 2014 के पहले देश में प्रतिवर्ष लगभग 25 लाख बीमारियों से मर रहे थे, जो बीमारियां गंदगी और अस्वच्छता के कारण पनपती है।
स्वच्छता पर दी जाएगी रैंकिंग
गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागो में बाँटा गया है। ए केटेगरी के निकायो में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी केटेगरी के निकायो में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी केटेगरी के निकायो में स्वच्छता के कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी केटेगरी के निकायों में सख़्त कारवाई की आवश्यकता है।
स्वच्छ भारत मिशन के मुख्य सूत्र
डोर टू डोर कचरा संग्रहण – नियमित समय बद्ध रूप से गीला एवं सूखा अलग-अलग प्रातः 10 बजे से पहले कचरा संग्रहण तथा एक गाड़ी से 400 घरों तक का कचरा संग्रहण कार्य किया जाए।
प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग रोकते हुए नियमित रोकथाम की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
सामुदायिक शौचालय एवं मूत्रालय की सफाई -सामुदायिक शौचालय एवं मूत्रालयों की सफाई दिन में तीन बार होनी चाहिए। रंग रोंगन तथा पानी की व्यवस्था सुचारू होनी चाहिए।
रात्रिकालीन सफाई -काॅमर्शियल क्षेत्र में रात्रिकालीन सफाई नियमित होनी चाहिए। एक व्यक्ति को 400 मीटर से ज्यादा की सफाई नहीं दी जावे। रेडियम की जैकेट कर्मचारी पहने हुए होने चाहिए।
खाली प्लॉट आदि की सफाई – अखबार में विज्ञप्ति के माध्यम से सभी खाली प्लॉट को साफ करने हेतु सूचना जारी करे तथा 3 दिन में सफाई न करने पर निकाय अपने स्तर पर सफाई करवाए तथा 10 गुणा तक जुर्माना वसूल करे। अन्यथा प्लाट को सीज करने तक की कार्यवाही करे।
बाग बगीचों की सफाई-बगीचों में सफाई व्यवस्था, बच्चों के झूले, रंग रोंगन, सुचारू फव्वारे, अच्छी घास एवं पेड़ हो। एवं मरम्मत कार्य व्यवस्थित हो
अन्य महत्वपूर्ण कार्य
डिवाइडर्स पर रंग रोंगन तथा बीच में अच्छे पेड़ हो। इलेक्ट्रीक पोल पर लाईट बन्द न हो। सड़के एवं नालियां टूटी-फूटी नहीं हो। फव्वारे सभी शुरू रहे। दुकानदारों के यहां कचरा पात्र हो। टूरिस्ट पोईंटो पर विशेष सफाई व्यवस्था हो। अवैध मीट मांस की दूकाने संचालित न हो। झील एवं तालाबों में सीवरेज तथा गंदा पानी नहीं जाना चाहिए तथा गंदगी मुक्त हो। सीवरेज के कार्य के अन्तर्गत सड़क मेंटनेस का कार्य तथा शिकायत का तुरन्त निस्तारण हो। सड़को एवं खुले में कचरा डालने वालो पर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जावे।





