- चिकित्सा मानव जीवन के संरक्षण और संवर्धन का संवेदनशील दायित्व-विधानसभाध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी
- आयुर्वेद को आधुनिक जीवनशैली में अपनाएँ-विधानसभाध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी
गोपेन्द्र नाथ भट्ट
जयपुर : राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि चिकित्सा केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन के संरक्षण और संवर्धन का संवेदनशील दायित्व है।
विधानसभाध्यक्ष श्री देवनानी रविवार को जयपुर के मानसरोवर में प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट ओपीडी के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
श्री देवनानी ने कहा कि जयपुर में अत्याधुनिक हार्ट फेल्योर क्लीनिक की स्थापना प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे गंभीर हृदय रोगों के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने इस पहल को चिकित्सा क्षेत्र में “नई दिशा का उद्घाटन” बताते हुए कहा कि इससे राजस्थान के मरीजों को बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
विधानसभाध्यक्ष श्री देवनानी ने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे वेदों और उपनिषदों में हृदय को केवल एक शारीरिक अंग नहीं, बल्कि चेतना का केंद्र माना गया है और गया है कि “हृदय ही चेतना, इंद्रियों और मन का आश्रय है।”
विधानसभाध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि अत्यधिक चिंता, भय, क्रोध, असंयमित आहार और अनियमित जीवनचर्या हृदय को दुर्बल बनाते हैं और ये आज हृदय रोगों के बढ़ते मामलों के प्रमुख कारण भी हैं।
श्री देवनानी ने आयुर्वेद में वर्णित दिनचर्या और ऋतुचर्या को आधुनिक जीवनशैली में अपनाने पर बल देते हुए कहा कि योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योग और संतुलित जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विधानसभाध्यक्ष श्री देवनानी ने प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को मिली पहचान का भी उल्लेख किया और कहा कि आज पूरे विश्व में मनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भारत की प्राचीन परंपरा का वैश्विक सम्मान है।
श्री देवनानी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करना है। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, नशामुक्ति, संतुलित आहार और तनाव प्रबंधन को हृदय रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक बताया।उन्होंने यह भी कहा कि इस क्लीनिक के माध्यम से न केवल उपचार, बल्कि मरीजों को ट्रांसप्लांट से जुड़ी संपूर्ण जानकारी और मार्गदर्शन भी मिलेगा, जिससे वे बेहतर जीवन जी सकेंगे।
विधानसभाध्यक्ष श्री देवनानी ने इस पहल को मानवता की सेवा का सशक्त उदाहरण बताते हुए सभी से स्वस्थ हृदय, स्वस्थ जीवन और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।इस अवसर पर चिकित्सा और समाज सेवा से कई गणमान्य लोग उपस्थित थे ।





