अशोक भाटिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार (5 अप्रैल) को इडुक्की जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि केरल के लोग शिक्षित और चतुर हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जबकि गुजरात और कुछ अन्य स्थानों के लोग गुमराह हो जाते हैं। उन्होंने कहा था कि केरल के लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन पर हमला करते हुए केरल और गुजरात के लोगों की तुलना की और कहा कि ये दोनों नेता गुजरात या अन्य जगहों के निरक्षर लोगों को तो मूर्ख बना सकते हैं लेकिन चुनाव वाले राज्य यानी केरल में नहीं।
खड़गे के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे अपमानजनक बताते हुए प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके चलते सभी दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
भाजपा ने रविवार को केरल और गुजरात के लोगों की तुलना करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि खरगे ने गुजरात और उत्तर भारत के अन्य राज्यों के लोगों को अशिक्षित कहकर उनका अपमान किया है। भाजपा ने विपक्षी दल पर विधानसभा चुनावों से पहले फूट डालो और राज करो की राजनीति करने का आरोप लगाया।
‘भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने गुजरात और उत्तर भारत के लोगों का अपमान किया है और चुनाव से पहले फूट डालो और राज करो की राजनीति कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने ने खरगे पर पलटवार करते हुए उनसे पूछा कि महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे नेताओं की “बुद्धिमत्ता” के बारे में उनका क्या विचार है, ये सभी नेता गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से थे।त्रिवेदी ने कांग्रेस पर 9 अप्रैल को होने वाले केरल चुनावों से पहले फूट डालो और राज करो की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य की जनता चुनावों में इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद त्रिवेदी ने कहा, ‘मैं राहुल गांधी के बारे में सवाल नहीं करना चाहूंगा क्योंकि पूरा देश उन्हें जानता है’। उन्होंने कहा कि केरल के लोग वाकई बुद्धिमान और शिक्षित हैं, लेकिन न तो कांग्रेस और न ही वामपंथी दलों ने कभी उनके साथ न्याय किया। उन्होंने कहा ‘यह सच है कि केरल के लोग बहुत बुद्धिमान और शिक्षित हैं। उनकी इसी बुद्धिमत्ता के कारण भाजपा ने 45 सालों के वामपंथी शासन के बाद तिरुवनंतपुरम में नगर निगम चुनाव जीता। उन्होंने कहा कि केरल के लोग बहुत बुद्धिमान हैं इसलिए ‘लव जिहाद’ की घटना सबसे पहले केरल में ही सामने आई’। उन्होंने कहा कि केरल के लोग समझदार हैं, लेकिन कांग्रेस और कम्युनिस्ट दलों के नेता बेहद खतरनाक हैं।
वहीं गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगेपर तीखा हमला बोला और कहा कि उनकी टिप्पणी गुजरात की छह करोड़ जनता और महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं को देश को देने वाली राज्य की विरासत का अपमान है।खड़गे जी, जिस गुजरात की धरती ने देश को महात्मा गांधी दिए, जिस गुजरात ने देश को लौह पुरुष सरदार पटेल दिए,
जिस गुजरात ने देश के सबसे लोकप्रिय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी दिए, जिस गुजरात ने विकास का नया मॉडल पूरी दुनिया को दिखाया उस गुजरात के 6 करोड़ गुजरातवासियों का अपमान?
इसी के साथ सांघवी ने कांग्रेस पर बार-बार गुजरात को निशाना बनाने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या पार्टी की यह आलोचना राज्य की जनता द्वारा सत्ता से बेदखल किए जाने के कारण है। उन्होंने कहा कि खरगे का बयान हताशा नहीं, बल्कि कांग्रेस की वास्तविक प्रतिष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गुजरात की राजनीतिक रूप से जागरूक जनता ने गांधी और पटेल की भूमि का अपमान करने वालों को हमेशा नकारा है और आगे भी ऐसा करती रहेगी। साथ ही कहा कि गुजरात इसे माफ नहीं करेगा।
इधर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला कहना है कि खरगे ने गुजरात और उत्तर भारत के लोगों के खिलाफ चौंकाने वाली टिप्पणियां की हैं। सोशल मीडिया पर क वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर गुजरात और उत्तर भारत के लोगों के खिलाफ चौंकाने वाली टिप्पणी की है। यह कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति को दर्शाता है। उन्होंने गुजरात और उत्तर प्रदेश के लोगों को सिर्फ इसलिए गाली दी और अनपढ़ कहा क्योंकि वे कांग्रेस को वोट नहीं देते। जब कांग्रेस चुनाव हारती है, तो वह लोगों को गाली देती है’।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘चौंकाने वाला: कांग्रेस ने गुजरात और उत्तर भारत का अपमान किया’।पूनवाला ने पूछा कि क्या गुजरात में कांग्रेस के नेता और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और आरजेडी के तेजस्वी यादव जैसे विपक्षी नेता ऐसी टिप्पणियों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा ‘क्या गुजरात कांग्रेस इससे सहमत है? क्या अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव इससे सहमत हैं? यह पहली बार नहीं है। डी।के। सुरेश जैसे कांग्रेस नेताओं ने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन का आह्वान किया है। उन्होंने उत्तर भारतीयों और उत्तर में रहने वाले अन्य लोगों का अपमान किया है’।
इसके साथ ही भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए दोहराया कि पार्टी “बांटो और राज करो” की नीति अपनाती है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते भंडारी ने कहा कि ए ओ ह्यूम द्वारा स्थापित कांग्रेस विभाजनकारी राजनीति का अभ्यास करती है और एक भारतीय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करना चाहती है।
भंडारी की पोस्ट में लिखा ‘अंग्रेज ए ओ ह्यूम द्वारा स्थापित कांग्रेस, स्वतंत्रता से पहले अंग्रेजों की तरह ही ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाती है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि भारत की जनता ने इस विभाजनकारी कांग्रेस को नकार दिया है, जिसके वैचारिक मार्गदर्शक ‘शहरी नक्सली’ जैसे हैं और जो एक भारतीय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करना चाहती है। कांग्रेस भारत की एकता के खिलाफ है’।
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘अगर आपको गुजरात और अन्य क्षेत्रों के लोग कम समझदार लगते हैं, तो महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और उत्तर भारत के सभी बड़े नेताओं को लेकर अपने इरादे स्पष्ट करें।’त्रिवेदी ने आगे कहा, ‘कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह बयान पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जो ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे विचार को आगे बढ़ाना चाहती है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा बयान दिया गया हो। इससे पहले भी पी। चिदंबरम ने कहा था कि अगर उत्तर भारत नहीं होता तो दक्षिण भारत बहुत आगे होता।’उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लगातार उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन की राजनीति कर रहे हैं। त्रिवेदी ने कहा कि खड़गे के राज्य के एक वित्त मंत्री ने भी यह कहा था कि दक्षिण ज्यादा कर देता है, इसलिए उसे अलग हो जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने बिहार के लोगों के डीएनए को लेकर टिप्पणी की थी।
केरल का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि वहां के लोग बहुत जागरूक और शिक्षित हैं और अब वे अपनी समझदारी दिखा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 45 साल के वामपंथी शासन के बाद तिरुवनंतपुरम में भाजपा ने नगर निगम चुनाव जीता। उन्होंने यह भी कहा कि ‘लव जिहाद’ का मुद्दा सबसे पहले केरल में ही सामने आया था। अंत में त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने कभी भी केरल के जागरूक लोगों के साथ न्याय नहीं किया।
खड़गे के बयान को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी द्वारा गुजरात के लोगों के संदर्भ में दिए गए बयान अत्यंत आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इस प्रकार की टिप्पणी न केवल 6 करोड़ गुजरातवासियों का अपमान है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की पावन धरती की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।
उन्होंने आगे कहा, गुजरात ने हमेशा राष्ट्र निर्माण, विकास और एकता में अग्रणी भूमिका निभाई है और आगे भी करता रहेगा। ऐसे बयान कांग्रेस की संकीर्ण सोच को दर्शाते हैं। यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की विकास की राजनीति और उसे मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से कांग्रेस कितना असहज और असुरक्षित महसूस कर रही है। गुजरात की जागरूक जनता ऐसे बयानों का जवाब देना जानती है, और आने वाले समय में केरल की जनता भी कांग्रेस को नकारकर भाजपा की विकास की राजनीति का समर्थन करेगी, यह निश्चित है।इस प्रकार की टिप्पणी न केवल 6 करोड़ गुजरातवासियों का अपमान है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की पावन धरती की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।
भूपेंद्र पटेल ने कहा, गुजरात ने हमेशा राष्ट्र निर्माण, विकास और एकता में अग्रणी भूमिका निभाई है और आगे भी करता रहेगा। ऐसे बयान कांग्रेस की संकीर्ण सोच को दर्शाते हैं। यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की विकास की राजनीति और उसे मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से कांग्रेस कितना असहज और असुरक्षित महसूस कर रही है। गुजरात की जागरूक जनता ऐसे बयानों का जवाब देना जानती है, और आने वाले समय में केरल की जनता भी कांग्रेस को नकारकर भाजपा की विकास की राजनीति का समर्थन करेगी, यह निश्चित है।





