सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : मैन ऑफ द’ मैच कप्तान श्रेयस अय्यर के ( अविजित 102 रन, 43 गेंद, 6 छक्के, दस चौके) के तूफानी शतक और ऑफ स्पिनर नमन धीर(3/31) बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (2/26) व कुलदीप यादव (2/33) की स्पिन त्रिमूर्ति के आपस में बांटे आठ विकेट की बदौलत भारत ने वेस्ट इंडीज को लखनउ में पांच टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सीरीज के पहले मैच में मंगलवार रात 32 गेंदों के बाकी आठ विकेट से हरा कर 1-0 की बढ़त ले ली। यह भारत की टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों मे लगातार दसवीं जीत थी और इसमें कप्तान अय्यर ने दमदार पारी खेली। कप्तान शे होप (52 रन,37 गेंद, 2 छक्के, छह चौके) और रोमारियो शेफर्ड (56 रन, 34 गेंद, तीन छक्के, छह चौके) भी वेस्ट इंडीज के काम न आए। भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला शतक जड़ा ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए ख्यात नमन धीर ने अपने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय करियर का आगाज तीन विकेट चटका कर बतौर गेंदबाजी अपनी छाप छोड़ी।
भारत की जीत के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा,‘जापान से स्वदेश लौटने की थका देने वाली यात्रा के बाद मालूम ही नहीं पड़ा कि मैं कहां हूं। हर दिन मुझे इसी तरह उठना पड़ता है। हमें टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का लाभ मिला। हमने यात्रा की थकान को कभी बहाना नहीं माना। हमने भारत और वेस्ट इंडीज के इससे पहले वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज का जो रोमांच देखा वह गजब का था। हमारे लिए अहम था प्रोसेस पर काबिज रहना। मैं अपने पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट शतक की बाबत सोच रहा था और तब लगा कि वाकई सपने सच होते हैं। जीतने का अहसास ही अलग था। हम ड्रेसिंग रूम में बराबर यही चर्चा करते हैं कि जीत का स्वाद बेशक अलग होता है। यदि दिन आपका है तो यह पक्का करें कि आप अपनी टीम को मैच जिताएं। आज मेरा दिन था। पिछले कुछ मैचों में अन्य बल्लेबाज भारत को मैच जिता कर मैदान से लौटे थे। कुल मिला हमारी टीम का यह एक बेहतरीन और हर लिहाज से लाजवाब प्रदर्शन था। हम यदि इसी सोच का खेलते रहे तो हम टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे खतरनाक टीमों में से एक होंगे। नमन धीर नाजुक मौके पर गेंदबाजी करना चाहते थे। नमन धीर ने पिच पर घुमाव का लाभ उठाया और मुझे उनके ये तेवर पसंद आए। पिच पर गेंद को घूमते देख कर बाएं हाथ के स्पिन अक्षर पटेल की आंखों में चमक आ गई।
श्रेयस पूरी तरह रंग में थे: इशान किशन
कप्तान श्रेयस की शतकीय पारी की बाबत भारत के शीर्षक्रम के बल्लेबाज इशान किशन ने कहा,‘ मेरा मानना है कि श्रेयस पूरी तरह रंग में थे। उनके साथ दूसरे छोर से बल्लेबाजी करते देख मैंने यही महसूस किया कि उन्हें ही स्ट्राइक दी जाए जिससे कि लय रुके नहीं। ऐसे में मेरा काम श्रेयस को स्ट्राइक देने से आसान हो गया,जिससे की वह ज्यादा से ज्यादा गेंदें खेले। जब आप मैदान पर बल्लेबाजी कर रहे होते हें तो तब आप जानते हैं कि एक बल्लेबाज बेहतर ढंग से गेंद को बेहतर ढंग से टाइम कर रहा है। श्रेयस मुझे अपने से ज्यादा रंग में दिखे।‘
पारी के आखिर में पर्याप्त रन नहीं बना पाए : होप
वेस्ट इंडीज के कप्तान शे होप ने कहा,‘हम अपनी पारी के आखिर में पर्याप्त रन नहीं बना पाए। हमारी बल्लेबाजी बहुत लचर रही। आपको बड़ा स्कोर बनाने के बाद चुस्त क्षेत्ररक्षण कर रन बचाने होंगे। कई बार आप चाहते हैं कि आपके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों भी कुछ गेंदबाजी करें। हमने भारत को जीत के लिए उसे मुश्किल लक्ष्य देने के लिए पर्याप्त रन नहीं बनाए।‘
हमारे लिए आदर्श स्थिति यही थे कि हमारे स्पिनर आठ ओवर फेंके क्योंकि हमारे पास दो ही स्पिनर थे। हम चाहते थे कि चेज आखिरी ओवर में कुछ अच्छा प्रदर्शन करे।पलट कर देखने पर बहुत कुछ समझ आ जाता है। मुझे यहां बल्लेबाजी करना पंसद है।’





