- “युवा संगम चरण VI: विकसित भारत का सपना, युवा शक्ति की पहचान”
- -डॉ. नंद किशोर गर्ग ,संस्थापक अध्यक्ष और मुख्य सलाहकार
रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली : महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के सहयोग से आज विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम और युवा संगम चरण VI के शुभारंभ का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
हिंदू नव वर्ष के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महाराजा अग्रसेन टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी के संस्थानों महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज और महाराजा अग्रसेन बिजनेस स्कूल के 800 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता युवा मामले और खेल मंत्रालय की ‘यूथ आइकन’ सुश्री अंजलि गौतम रहीं। उन्होंने वंदे मातरम के इतिहास और इसके गहरे महत्व पर एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अनिवार्य भूमिका और अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष और मुख्य सलाहकार डॉ. नंद किशोर गर्ग ने छात्रों को संबोधित करते हुए आधुनिक शिक्षा और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्रों के लिए अपने संदेश में डॉ. गर्ग ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उस पीढ़ी पर निर्भर करती है जो अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अपने देश की जड़ों के ज्ञान के बीच सामंजस्य बिठाती है। उन्होंने युवाओं को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।
निदेशक प्रो. (डॉ.) विक्रम बाली ने छात्रों की भारी भागीदारी और मंत्रालय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस कार्यक्रम की सफलता का श्रेय संस्था नेतृत्व के सामूहिक प्रयासों को दिया I युवा संगम पहल पूरे भारत के युवाओं के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान और देश के विकासात्मक लक्ष्यों में योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही है।
यह कार्यक्रम महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. (डॉ.) विक्रम बाली के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें प्रो. रजनी मल्होत्रा ढींगरा (निदेशक, कर्नल कुणाल सिन्हा डीन प्रो. (डॉ.) सतवीर देशवाल व प्रो. (डॉ.) सचिन गुप्ता, डीन (अनुसंधान एवं नवाचार), और कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. भूमि गुप्ता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. पूजा सिंह, लेफ्टिनेंट डॉ. करुणापति त्रिपाठी और श्री राकेश चौरसिया की समन्वय टीम के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और अभिव्यक्ति सोसाइटी के स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।





