राणा सांगा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले रामजीलाल सुमन के खिलाफ हो कार्रवाई : लोकेश कुमार शर्मा

Action should be taken against Ramjilal Suman who made objectionable comments about Rana Sanga: Lokesh Kumar Sharma

दीपक कुमार त्यागी

राणा सांगा पर की गई अनर्गल बयानबाजी को लेकर अहं ब्रह्मास्मि समूह के संस्थापक लोकेश कुमार शर्मा ने संसद की याचिका समिति में की कार्रवाई की मांग।

नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा पर की गई टिप्पणी का चारो तरफ विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में अहं ब्रह्मास्मि समूह के संस्थापक लोकेश कुमार शर्मा ने लोकसभा की याचिका समिति में याचिका प्रस्तुत कर सभापति सीपी जोशी से सुनवाई कर समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सांसद रामजीलाल सुमन की राज्य सभा सदस्यता को रद्द करने, आपराधिक मुकदमा चलाने, अपमानजनक और तथ्यहीन टिप्पणी पर देश से माफ़ी मांगने, राज्य सभा की कार्यवाही से इस आपत्तिजनक टिप्पणी को पूर्णतः हटाने, सोशल मीडिया एवं इंटरनेट पर से इस आपत्तिजनक टिपण्णी से सम्बंधित सारे कंटेंट को तत्काल प्रभाव से हटाने व भविष्य में इस प्रकार की अपमानजनक और तथ्यहीन टिप्पणियों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

लोकेश कुमार शर्मा ने कहा कि 21 मार्च 2025 को समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राज्य सभा में बहस के दौरान मेवाड़ व राजस्थान के गौरव, हिन्दू साम्राज्य की रक्षा करने वाले महान योद्धा, पराक्रमी सम्राट राणा सांगा जी को ’’बाबर को हिंदुस्तान लाने वाला’’ कहकर उनके बलिदान का घनघोर अपमान किया गया है। उनकी यह टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय होने के साथ साथ अत्यंत आपत्तिजनक और ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत थी। उन्होंने राणा सांगा, जो भारतीय इतिहास के महान योद्धा और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं, को गद्दार कहकर न केवल उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को भी आहत किया है। वीर सेनानी राणा सांगा के बारे में दिए गए ऐसे अनर्गल बयान से करोड़ों भारतीयों की भावना भी आहत हो रही है और देश में असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है ।

रामजीलाल सुमन ने यह गलत बयानी न सिर्फ राज्य सभा में की बल्कि बाद में इन्होने मीडिया में ए.एन.आई. पर भी अपने इस बयान को दोहराया है जिससे साफ़ पता चलता है कि इन्होने एक सोची समझी कुटिलता के तहत राणा सांगा जी के बारे में गलत और भ्रामक टिप्पणी करने की साजिश की है, जोकि अक्षम्य है। हमारे महान देश के इतिहास के अनुसार, बाबर को भारत में बुलाने का कार्य दोलत खान ने किया था राणा सांगा ने नहीं, अपितु राणा सांगा ने अपने पूरे जीवनकाल में भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ वीरता का प्रदर्शन किया। ऐसे में रामजीलाल सुमन की टिप्पणी पूरी तरह से अस्वीकार्य है और यह उनके पद की गरिमा के विपरीत है।