रविवार दिल्ली नेटवर्क
लखनऊ : बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (बीआईईटी), लखनऊ के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा एआईसीटीई– अटल (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन – ट्रेनिंग एंड लर्निंग) अकादमी के तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शुभारंभ किया गया। यह ऑनलाइन कार्यक्रम 12 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका विषय है — “नवीकरणीय क्षितिज: सतत विकास एवं जलवायु कार्रवाई की दिशा में अग्रसर”।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. आशीष कुमार सिंह, प्रोफेसर, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), इलाहाबाद, उपस्थित रहे और प्रतिभागियों को संबोधित किया।
अपने उद्घाटन संबोधन में प्रो. आशीष कुमार सिंह ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने हेतु नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका भावी इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को सतत एवं स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रेरित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस विषय पर एआईसीटीई–अटल अकादमी एवं बीआईईटी, लखनऊ की इस पहल की सराहना की।
इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में देशभर से 300 से अधिक शिक्षकों ने पंजीकरण कराया है, जो नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास एवं जलवायु कार्रवाई जैसे विषयों में बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं व्यावहारिक क्षमताओं का विकास करना है।
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी कानपुर, आईआईटी बॉम्बे, एमएनआईटी इलाहाबाद, एमएमएमयूटी गोरखपुर, एनएलसी इंडिया, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) लखनऊ, नॉर्वे की ओस्टफोल्ड यूनिवर्सिटी कॉलेज, जापान के क्यूशू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तथा एक्सेंचर और ब्लूएम्प एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों एवं उद्योगों से जुड़े विशेषज्ञ अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सत्रों का संचालन करेंगे।
कार्यक्रम में सौर एवं पवन ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा ऑडिट, नीति एवं नियामक ढांचे, सतत विकास लक्ष्य तथा जलवायु लचीलापन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
प्रो. एस. के. अग्रवाल, निदेशक, बीआईईटी लखनऊ, इस कार्यक्रम के संरक्षक (पैट्रन) हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता हेतु शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए संस्थान की सतत विकास एवं नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अरुण कुमार यादव, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियंत्रण विभाग, बीआईईटी लखनऊ हैं, जबकि डॉ. रचित श्रीवास्तव, डीन (अनुसंधान एवं विकास), बीआईईटी लखनऊ, सह-समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु गठित आयोजन समिति में तेज प्रकाश वर्मा, राजेश कुमार, प्रियंका गोस्वामी, आलोक कुमार एवं जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम समापन सत्र के साथ समाप्त होगा, जिसमें कार्यक्रम के प्रमुख निष्कर्षों एवं भविष्य की दिशा पर चर्चा की जाएगी।





