पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारिखों का ऐलान, बिहार राज्यसभा में एनडीए को बिहार में बंपर जीत मिली

Assembly election dates announced in five states; NDA wins landslide victory in Bihar Rajya Sabha

5 राज्यों के विधानसभा चुनावो में प्रवासी राजस्थानियों की रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका

गोपेन्द्र नाथ भट्ट

चुनाव आयोग ने उत्तर-पूर्व और दक्षिणी 5 राज्यों असम, केरल,पश्चिम बंगाल,पुडुचेरी और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तारिखों का ऐलान कर दिया है। इधर बिहार के राज्यसभा चुनाव में एनडीए की बंपर जीत हुई है। बिहार में एनडीए के सभी उम्मीदवार चुनाव जीत गए है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर केन्द्र की राजनीति में प्रवेश कर रहे है। बिहार में नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा सहित एनडीए के सभी 5 उम्मीदवारों की जीत हुई जबकि महागठबंधन के किले में सेंध लग गई है।

5 राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए पिछले कुछ दिनों के दौरान, आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया तथा चुनावी राज्यों में कई बैठकें की।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने सभी पार्टियों के नेताओं से बात की. सभी पार्टियों से सुझाव लिए गए है. 5 राज्यों के राजनीतिक दलों से बात की गई. युवा और फर्स्ट टाइम वोटर से बात की गई. बीएलओ ने एस आई आर पर बहुत अच्छा काम किया है। इन 5 राज्यों में 17.4 करोड़ वोटर शामिल हैं। ये पाँच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत के अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ये चुनाव न केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतिनिधित्व करते हैं.

इन 5 राज्यों की 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा. केरल में कुल 2.70 करोड़ मतदाता हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं।असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं। तमिलनाडु में कुल 5.67 करोड़ मतदाता हैं। करीब 25 लाख चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया भी हर वोटर का उनके पोलिंग स्टेशन पर स्वागत करने और उन्हें वोटिंग का एक अच्छा और आरामदायक अनुभव देने के लिए तैयार है.

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा ने कहा कि एसआईआर से फर्जी वोटिंग रूकेगी। चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए एसआईआर किया गया है. एसआईआर के जरिए अवैध वोटरों के नाम हटाए गए हैं। ईवीएम में प्रत्याशियों के कलर फोटो लगाए जाएंगे। ईवीएम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया है. लोगों को ईवीएम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।चुनाव आयोग का एप पर सभी जानकारी मिलेंगी। बूथ कर्मचारियों को पहचान पत्र मिलेंगे. मतदान के बाद वोटिंग प्रतिशत बताने में देरी नहीं होगी. हर 2 घंटे बाद वोटिंग प्रतिशत बताया जाएगा. निष्पक्ष तरीके से 5 राज्यों में चुनाव कराया जाएगा. चुनाव से जुड़ी हर जानकारी एप पर मिलेगी.

असम में एक चरण में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी. वहीं 4 मई को नतीजे आएंगे. केरल में एक चरण में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी और 4 मई को नतीजे आएंगे. पुडुचेरी में भी एक चरण में 9 अप्रैल को चुनाव होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे. बंगाल में 2 चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना 4 मई को होगी. तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान और मतगणना 4 मई को होगी. बता दें कि प. बंगाल की 294 सीटों पर 2 चरण में मतदान होगा. 23 अप्रैल को बंगाल की 152 सीटों पर मतदान होगा. 29 अप्रैल को बंगाल की 142 सीटों पर मतदान होगा. वहीं 5 राज्यों के 4 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे।

इधर राज्यसभा चुनाव में एन डी ए की बंपर जीत हुई है. बिहार में एनडीए के सभी उम्मीदवार जीते है. नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा की जीत हुई है. एनडीए के सभी 5 उम्मीदवारों की बंपर जीत हुई. जबकि महागठबंधन के किले में सेंध लगी है।
महागठबंधन के चार विधायकों ने वोट नहीं डाला. मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर सिंह,फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास, बाल्मीकि नगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, आर जे डी से ढाका विधायक फैसल रहमान ने वोट नहीं डाला. महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह के पक्ष में 37 वोट पड़े जबकि एनडीए के 202 विधायकों ने वोट डाला. एन डी ए की जीत पर नीतीश कुमार की बनाई गई परंपरा को तोड़ा है. नीतीश कुमार ने जो परंपरा बनाई थी उसके तहत राज्यसभा में लोग निर्विरोध चुनकर जाते थे. और देश में एक मैसेज जाता था कि बिहार ऐसा प्रदेश है जहां से बगैर चुनाव के लोग जीतकर राज्यसभा पहुंचते हैं. लेकिन विपक्ष ने इस परंपरा को नहीं निभाया और अपना उम्मीदवार खड़ा किया।

उधर जिन पांच प्रदेशों में विधानसभा चुनाव होने है वहां बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी रहते है। देखना है इस बार भी प्रवासी राजस्थानी इन चुनावों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।