विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधियों को भावभीनी विदाई

Assembly Speaker Vasudev Devnani bids a warm farewell to the parliamentary representatives of Commonwealth countries

रविवार दिल्ली नेटवर्क

  • अतिथियों ने आतिथ्य की भरपूर प्रशंसा की
  • राजस्थान यात्रा के सुखद अनुभवों के साथ संसदीय दल जयपुर से हुआ रवाना

जयपुर : राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के नई दिल्ली में आयोजित 28वें सम्मेलन (सीएसपीओके) के बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रमण के लिए आए 44 राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 120 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को रविवार को प्रातः भावभीनी विदाई दी गई। राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सभी अतिथियों को गुलाब का फूल भेंट कर गरिमामय एवं पारंपरिक तरीके से जयपुर हवाई अड्‌डे से विदाई दी। कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों का अन्तर्राष्ट्रीय दल राजस्थान के ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों, भव्य आतिथ्य और विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों की अविस्मरणीय स्मृतियों को संजोते हुए जयपुर से रवाना हुआ।

राष्ट्रमण्डल संसदों के स्पीकर और पीठासीन अधिकारियों ने स्वागत के समय भेंट किये गये दुपट्टे को जाते समय तक गले में पहने रखा। प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने श्री देवनानी का यादगार आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। देवनानी को पीठासीन अधिकारियों ने उनके सम्मान में दिये गये रात्रि भोज में राजस्थान के पारम्परिक और स्वादिस्ट व्यंजनों और आवभगत की खूब तारीफ की। उनके सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकनृत्य और लोक बाध्य यंत्र की मधुर ध्वनि पारम्परिक आतिथ्य और राजस्थानी संस्कृति की जीवंत झलकने विदेशी महमानों को विशेष रूप से आकृषित किया।

सभी अतिथियों ने राजस्थान में मिले आतिथ्य को अभूतपूर्व बताया।सदस्यों ने यहां के पर्यटन स्थलों और इतिहास को समृद्ध और अ‌द्वितीय बताया है। अल्बर्ट हॉल के भव्य संग्रहालय की दुर्लभ कला कृतियों ने कॉमनवेल्थ प्रतिनिधि मण्डल को गहराई से प्रभावित किया। सदस्यों ने हवामहल की बेजोड स्थापत्य कला की भूरी-भूरी प्रशंसा की और संध्या काल में हवामहल के मनमौहक दृश्य को अद‌भूत बताया। विश्व विख्यात आमेर महल की ऐतिहासिक और दिव्य भव्य छटाने प्रतिनिधियों को अभिभूत कर दिया।

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि यह राजस्थान के लिए गौरव का विषय है कि विश्व के विभिन्न देशों से आए संसदीय प्रतिनिधि हमारी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और अतिथि सत्‍कार की परंपरा से रूबरू होकर गये है। राजस्थान ‘अतिथि देवो भवः की भावना के अनुरूप अतिथियों का स्वागत किया किया गया। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधियों को राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थलों और परम्‍परागत लोक कला से परिचित कराने का यह अच्छा अवसर था। राज्य की विकास यात्रा, लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मूल्यों पर भी सकारात्मक संवाद हुआ।देवनानी ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से वैश्विक पहचान और सशक्त होगी तथा पर्यटन, संस्कृति व अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

देवनानी ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार एवं प्रशासन ‌द्वारा मेहमान प्रतिनिधियों के स्वागत एवं उनके प्रवास हेतु व्यापक और सुव्यवस्थित व्यवस्था और विभिन्न पर्यटन स्थलों पर की गई, व्यवस्थाओं से मेहमानों के लिए यह भ्रमण यात्रा यादगार बन गई।