भजन लाल सरकार का जयपुर की द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त करने पर फोकस

Bhajan Lal government's focus on making Jaipur's Dravyavati river pollution free

गोपेन्द्र नाथ भट्ट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात के अहमदाबाद शहर की साबरमती नदी को प्रदूषण मुक्त कर सुंदर रिवर फ्रंट बना कर देश दुनिया में शौहरत कमाई थी। एक समय था जब साबरमती नदी के पास गुजरने वाले लोग अपना नाक बन्द कर देते थे लेकिन आज यह रिवर फ्रंट अहमदाबाद में पर्यटक स्थल बन गया है।

राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगर जयपुर में से गुजर रही द्रव्यवती नदी जिसे अमीनी शाह का नाला के नाम से जाना जाने वाला की स्थिति भी अहमदाबाद की साबरमती नदी जैसी ही है। पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने इस दिशा में पहल की और द्रव्यवती नदी अमीनी शाह का नाला को सुन्दर बनाने का काम भी शुरू किया लेकिन सरकार बदलने के बाद यह परियोजना मंथर पड़ गई।

अब वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की महत्वाकांक्षी ‘राज उन्नति’ पहल के तहत राजधानी जयपुर से जुड़े दो महत्वपूर्ण शहरी मुद्दों—द्रव्यवती नदी में बढ़ते प्रदूषण और सहकार मार्ग पर इमलीवाला फाटक के जाम—पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की तीसरी बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा में परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।

बैठक में करीब 4 हजार 258 करोड़ रुपये की लागत वाली 7 विभागों की 8 परियोजनाओं एवं 2 योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान नगरीय विकास विभाग से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने द्रव्यवती नदी में प्रदूषण की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई।

राजधानी की जीवनरेखा मानी जाने वाली द्रव्यवती नदी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इसे हर हाल में रोका जाए। बैठक में सामने आया कि सांगानेर क्षेत्र में करीब 800 रंगाई-छपाई से जुड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें से केवल लगभग 400 इकाइयों को ही कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए सख्त हिदायत दी कि मई 2026 तक सभी कार्यरत इकाइयों को अनिवार्य रूप से CETP से जोड़ा जाए, ताकि अपशिष्ट जल सीधे नदी में न जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक प्रभावी और ठोस कार्य योजना बनाकर उसे धरातल पर लागू किया जाए।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जहां-जहां आवश्यकता हो, वहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस टी पी) स्थापित किए जाएं। नगर निगम और जेडीए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि द्रव्यवती नदी में गिरने वाले सीवरेज के सभी आठ प्रमुख प्वाइंट्स को तुरंत बंद किया जाए।

सुशीलपुरा क्षेत्र में नदी में गिर रहे सीवरेज के मुद्दे पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि यहां सीवरेज को डायवर्ट करने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है, जिसके तहत अपशिष्ट जल को तरूछाया नगर स्थित STP तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में जयपुर के व्यस्ततम मार्गों में से एक सहकार मार्ग पर स्थित इमलीवाला फाटक पर लगने वाले भीषण जाम की समस्या पर भी मंथन किया गया। पहले इस स्थान पर फ्लाईओवर निर्माण की योजना थी, लेकिन विशेषज्ञों ने इसे व्यावहारिक समाधान नहीं माना। इसके बाद जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने एक वैकल्पिक योजना तैयार की, जिसे अब मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है।

करीब 22.80 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के तहत फाटक के आगे शनि मंदिर के पास एक सर्विस लेन का निर्माण किया जाएगा। इस सर्विस लेन के माध्यम से वाहनों का आवागमन नियंत्रित होगा, जिससे फाटक बंद होने पर मुख्य मार्ग पर जाम नहीं लगेगा।

इसके अलावा, फाटक के सामने स्थित रोड कट को बंद किया जाएगा और यातायात दबाव कम करने के लिए एक नया अंडरपास भी बनाया जाएगा। मौजूदा करतारपुरा अंडरपास के साथ समन्वय स्थापित करते हुए यातायात को दो दिशाओं में सुगम बनाया जाएगा—एक मार्ग से सहकार मार्ग से सुदर्शनपुरा की ओर और दूसरे नए अंडरपास से सुदर्शनपुरा से सहकार मार्ग की ओर आवागमन संभव होगा।

मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब जेडीए शीघ्र ही इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करेगा। उम्मीद है कि इस योजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सभी परियोजनओं की प्रगति की निगरानी ‘राज उन्नति’ पोर्टल के माध्यम से नियमित रूप से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है। द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और जयपुर के यातायात को सुगम करने की दिशा में उठाए गए ये कदम आने वाले समय में शहरवासियों के लिए राहतकारी साबित हो सकते हैं।

उम्मीद है कि द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मुहिम अब नया रंग लाएगी।