
रविवार दिल्ली नेटवर्क
लखनऊ : सरोजनीनगर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखकर लखनऊ स्थित अंसल प्रोजेक्ट्स में गृह खरीदारों की शिकायतों और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पत्र में उल्लेख किया है कि आपके द्वारा रियल एस्टेट धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में न्याय सुनिश्चित कराने की प्रतिबद्धता से लाखों नागरिकों में न्याय की उम्मीद जगी है। आज विधान सभा में आपके द्वारा अंसल के सम्बन्ध में दिए गए वक्तव्य ने भी जनता का विश्वास बढ़ाया है।
अपने पत्र के माध्यम से अंसल समूह के लखनऊ स्थित प्रोजेक्ट्स के गृह खरीदारों की समस्याओं और उनके अधिकारों की रक्षा से संबंधित विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाते हुए डॉ. सिंह ने लिखा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) लखनऊ के आयुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा नेतृत्वित है, जो जनता में बहुत सम्मानित और विश्वास का पद है। अंसल प्रोजेक्ट्स के खरीदारों को इस नेतृत्व के माध्यम से दृढ़ विश्वास था कि एलडीए की मंजूरी एवं कार्य प्रक्रिया पारदर्शी है जो नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध भी है। इसके अतिरिक्त, एलडीए द्वारा हस्ताक्षरित एमओ यू ने, गृह खरीदारों को यह भरोसा दिलाया कि एलडीए की भागीदारी से उनके निवेश सुरक्षित रहेंगे। इस विश्वास के तहत, अनेक निर्दोष नागरिकों ने अंसल प्रोजेक्ट्स में यह सोचकर निवेश किया कि, यह एक कानूनी और सुरक्षित लेन-देन होगा।दुर्भाग्यवश, उनका यह विश्वास अब इस स्थिति से आहत हो चुका है, जिसमें कई गृह खरीदारों को बिना हल हुए मुद्दों और कानूनी लड़ाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सरोजनीनगर विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए समाधान के 8 बिंदुओं को उल्लेखित किया ताकि प्रभावित गृह खरीदारों के हितों की रक्षा की जा सके और सभी जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सके:
- अंसल प्रोजेक्ट्स की एलडीए द्वारा मंजूरी और बकाया राशि: डॉ. सिंह ने अपने पत्र में लिखा, “यह जानकारी सामने आई है कि, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अंसल समूह के कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जबकि अंसल पर एलडीए की भारी बकाया राशि शेष है। यह स्थिति मंजूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा पर गंभीर सवाल उठाती है। इस मामले की गहन जांच की आवश्यकता प्रतीत होती है, क्योकि बकाया राशि की अदायगी न होने के बाद भी एलडीए ने प्रोजेक्ट्स की मंजूरी प्रदान की। यहाँ यदि कोई गलत कार्य या लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
- अंसल गृह खरीदारों की शिकायतें: कई गृह खरीदारों ने अवगत कराया है कि, अंसल ने कई स्तरों पर धोखाधड़ी की है, जैसे कि बिक्री की शर्तों का पालन न करना। संपत्ति की पजेशन (Possession) देर से देना, घटिया निर्माण गुणवत्ता और बिक्री के वर्णित सुविधाओं का न मिलना। अतः एलडीए अंसल गृह खरीदारों से प्राप्त सभी शिकायतों की एक सूची तैयार करे, जिसमें एलडीए द्वारा इन शिकायतों पर उठाए गए कदमों का भी विवरण हो। इस मामले में पारदर्शिता यह सुनिश्चित करेगी कि गृह खरीदारों की शिकायतों का सही तरीके से समाधान कर सके।
- गृह खरीदारों के हितों की रक्षा हेतु एलडीए द्वारा उठाए गए कदम: विधायक ने आगे जोड़ा यहाँ यह जानना आवश्यक है कि एलडीए गृह खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाने जा रही है? यह जरूरी है कि एलडीए इन गृह खरीदारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करें, जिसमें अंसल समूह से अपेक्षित सुधारों की निगरानी करना भी शामिल हो। साथ ही, एलडीए द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए उठाए जाने वाले क़दमों की एक कार्य योजना भी बनाई जाए।
- शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई: अंसल के गृह खरीदारों से कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो कानूनी उल्लंघन से संबंधित प्रतीत होती हैं। अतः लखनऊ पुलिस को निर्देशित किया जाए कि वह अंसल गृह खरीदारों द्वारा दर्ज सभी शिकायतों की सूची तैयार करे और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे। यदि कोई आपराधिक गतिविधि पाई जाती है, तो तत्परता से कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
- लखनऊ पुलिस में लंबित शिकायतों और मामलों की स्थिति: लखनऊ पुलिस को अंसल समूह के प्रोजेक्ट्स से संबंधित लंबित शिकायतों और मामलों की स्थिति पर एक अपडेट प्रदान करने के लिए निर्देशित किया जाएl जिसमें कृत किसी भी कानूनी कार्रवाई की जानकारी हो। इससे यह सुनिश्चित करने सहायता होगी कि गृह खरीदारों की समस्याओं का समाधान बिना किसी देरी के किया जा रहा है।
- बड़ी संख्या में रेरा में लंबित मामले एवं निराकरण पर धीमी प्रगति: विधायक ने आगे जोड़ा कि यह शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं कि, रेरा में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। गृह खरीदारों ने रेरा और अन्य अदालतों में लंबित मुकदमों की धीमी प्रगति को लेकर चिंता व्यक्त की है। अतः हाउसिंग विभाग को निर्देशित किया जाए कि वे अंसल समूह के विरुद्ध सभी लंबित मुकदमों को शीघ्रता से हल करें। लंबित मामलों की एक सूची तैयार की जाए और आपके कार्यालय को प्रस्तुत की जाए ताकि इन मामलों का शीघ्र समाधान किया जा सके।
- रेरा आदेशों की अनदेखी: खरीदारों द्वारा यह भी बताया गया है कि, अंसल समूह ने कई रेरा आदेशों का पालन नहीं किया है, जिससे प्रभावित गृह खरीदारों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अतः त्वरित कदम उठाकर यह सुनिश्चित कराया जाए कि अंसल समूह द्वारा इन आदेशों की अनदेखी का निश्चित तौर पर समाधान हो सके।
- एलडीए बोर्ड की भूमिका और शिकायतों पर कार्रवाई न होने की जांच: एलडीए बोर्ड की कार्रवाई की जांच किया जाना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से अंसल के प्रोजेक्ट्स की मंजूरी देने के संदर्भ में। चूंकि एलडीए बोर्ड का नेतृत्व लखनऊ के आयुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किया जाता है, अतः यह आवश्यक है कि इस प्रक्रिया में सभी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार और नकारात्मकता की जांच की जाए। निर्दोष गृह खरीदारों नेएलडीए की कार्य प्रणाली पर विश्वास किया था और इस विश्वास के तहत उन्होंने अंसल प्रोजेक्ट्स में निवेश किया।
अपने पत्र के अंत में विधायक ने सीएम योगी से अनुरोध करते हुए लिखा कि, पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए विजिलेंस जांच आदेशित की जाए। इस स्थिति की गंभीरता और गृह खरीदारों के सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए, विधायक ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में इस मामले में त्वरित और उपयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी और दोषियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी। इन मामलों का समयबद्ध समाधान न केवल गृह खरीदारों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि यह लखनऊ में शहरी विकास से संबंधित अधिकारियों की पारदर्शिता और इंटेग्रिटी को भी मजबूत करेगा।