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आलेख
राजस्थान सरकार के दो वर्ष : सुशासन, विकास और विश्वास का बेमिसाल दौर
गोपेन्द्र नाथ भट्ट राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार ने जब सत्ता संभाली थी, तब राज्य के सामने आर्थिक मजबूती, कानून-व्यवस्था, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ी कई चुनौतियाँ थीं। बीते…
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राज्य
नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल 2025 के तीसरे दिन भाषा, इतिहास और विचारों पर उत्तर-पूर्व के साथ विशेष फोकस
रविवार दिल्ली नेटवर्क नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल (NLF) 2025 का तीसरा दिन इतिहास, भाषा, दर्शन और सांस्कृतिक पहचान पर गहन विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ। इस दिन विद्वानों, लेखकों और श्रोताओं…
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आलेख
भारत की पारंपरिक चिकित्सा की रोशनी में विश्व-स्वास्थ्य
ललित गर्ग आज की दुनिया गहन और बहुआयामी स्वास्थ्य संकटों से गुजर रही है। एक ओर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ, मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और असंतुलन तेजी से बढ़ रहे…
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खेल
दिल्ली–आंध्र का विजय हजारे मैच चिन्नास्वामी नहीं, सीओई में
ऋषभ पंत व विराट कोहली का दिल्ली के लिए खेलना तय सत्येन्द्र पाल सिंह नई दिल्ली : दिल्ली सुरक्षा कारणों के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के खिलाफ वन डे विजय हजारे…
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आलेख
इंस्टाग्राम वाला प्यार
प्रियंका सौरभ रिया को बचपन से ही छायाचित्र लेने का शौक था। जब उसके हमउम्र बच्चे खिलौनों, खेलों और अपने छोटे-छोटे झगड़ों में व्यस्त रहते थे, रिया किसी भी साधारण-सी…
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आलेख
जी राम जी: ग्रामीण भारत में विश्वास और उम्मीद
‘जी राम जी’ योजना ने ग्रामीण भारत में भरोसा और विकास की नई मिसाल कायम की है। यह 125 करोड़ लाभार्थियों तक पहुँचती है, ग्रामीण रोजगार, स्थानीय उत्पादन, महिला सशक्तिकरण…
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मनोरंजन
सूफी सुरों से सजी मलाड मस्ती में दानिश साबरी और शारिब–तोशी का संगीतमय जादू
मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई की सुबहें जब संगीत से बोलने लगें और सुर सीधे दिल तक उतर जाएँ, तब समझिए कि माहौल कुछ खास है। मलाड मस्ती के समापन…
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अंतर्राष्ट्रीय
बांग्लादेश इस बात का एक अच्छा उदाहरण है कि जब लोकतंत्र नहीं होता है तो क्या होता है ?
अशोक भाटिया बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति दीपु चंद्र दास की नृशंस हत्या के अभी मुश्किल से 72 घंटे ही बीते थे । इसी बीच बांग्लादेश की कट्टर जनता की…
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आलेख
2025: जब भारत ने दुनिया को बता दिया कि वह किसके दबाव में नहीं चलता
निलेश शुक्ला 2025 भारत की विदेश नीति के इतिहास में केवल एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि एक निर्णायक अध्याय के रूप में दर्ज होगा। यह वह साल रहा जब दुनिया…
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आलेख
सशक्त उपभोक्ता ही सशक्त राष्ट्र की नींव
ललित गर्ग राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस केवल एक उपभोक्ताओ से जुड़ी तिथि मात्र नहीं है, बल्कि यह उस मौलिक सत्य की स्मृति है कि किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संतुलन…
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