पंकज शर्मा
हाथरस : होली पर्व से पूर्व हाथरस क्षेत्र में गुलाल निर्माण में कथित मिलावट की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों के अनुसार कुछ निर्माताओं द्वारा तैयार किए जा रहे गुलाल में निम्न गुणवत्ता के रसायनों तथा कृत्रिम रंगों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उत्पन्न होने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार, बाजार में बिक रहे कुछ गुलाल के रंग अत्यधिक चमकीले एवं तीव्र गंध वाले पाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे रंग त्वचा एलर्जी, आंखों में जलन तथा श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि गुलाल निर्माण इकाइयों की जांच कर गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने भी खाद्य एवं औषधि विभाग तथा नगर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है, ताकि त्योहार के अवसर पर आमजन की सेहत से कोई समझौता न हो।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि शिकायतों के आधार पर संबंधित इकाइयों की जांच कराई जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि होली के अवसर पर हाथरस में बड़ी मात्रा में गुलाल का निर्माण एवं विक्रय किया जाता है। ऐसे में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।





