सीएस ने ली सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी

CS took detailed information about the work being done by the Aromatic Plant Centre

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने जनपद देहरादून के सेलाकुई में स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि हाई वेल्यू फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में बेहतर सुधार हो सकता है। उन्होंने केन्द्र के अधिकारियों को प्रदेश के किसानों को डोअर स्टेप सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए केन्द्र को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया, ताकि केन्द्र प्रदेशभर में अपनी गतिविधियों को बढ़ा सके।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में उनकी जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एरोमेटिक फसलों का चयन कर प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को इसमें जोड़े जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को सगन्ध फसलों के उत्पादन में अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने 6 सेनॆटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तैयार किए जा रहे सैटेलाइट सेन्टर्स भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

उन्होंने Perfumery and Aromatic Sector में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अंतर्गत डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अपने पूर्व में दिए निर्देशों को दोहराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों में भ्रमण कर फीडबैक लेने के लिए लगातार दौरे करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अन्य विभागों द्वारा संचालित फल एवं सब्जियों से जुड़े आजीविका की योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान सगन्ध पौध उत्पादन और प्रसंस्करण कार्य से जुड़ें, इसके लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने की बात दोहराते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण हो सकें, इसके लिए जनपदों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।

इस अवसर पर निदेशक, सगन्ध पौधा केन्द्र डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि केन्द्र को खुशबूदार फसलों की मार्केटिंग के लिए एक सफल मॉडल के रूप में विकसित किया है, जो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यह एक बिजनेस इन्क्यूबेटर के तौर पर काम करता है, जो किसानों, उद्यमियों और एशेंसियल ऑयल्स इंडस्ट्री को सपोर्ट देता है। उन्होंने कहा कि डिस्टीलेशन यूनिट और ड्रायर के लिए पर्वतीय जनपदों में 75 प्रतिशत तक सब्सिडी और मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख) उपलब्ध करायी जा रही है। किसानों की सहायता के लिए 27 एशेंसियल ऑयल और एरोमैटिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर DM देहरादून श्री सविन बंसल भी उपस्थित थे।