अनहद की अनुगूंज: युवाओं के दिलों में शास्त्रीय संगीत का नया स्वर

Echo of Anhad: A new voice of classical music in the hearts of youth

मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई और पुणे में गूंजती रागों की मधुर ध्वनि इस बात का प्रमाण है कि भारतीय शास्त्रीय संगीत आज भी उतना ही जीवंत और प्रासंगिक है, जितना सदियों पहले था। स्पिक मकै द्वारा आयोजित ‘अनहद’ दो-दिवसीय संगीत समारोह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने की एक सशक्त पहल बनकर उभरा।

एसबीआई पेमेंट्स के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव ने शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के मिशन को और मजबूती दी। पिछले एक वर्ष में मुंबई के स्कूलों और कॉलेजों में 75 से अधिक तथा पुणे में 100 से ज्यादा कार्यक्रमों का आयोजन कर संस्था ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो युवा पीढ़ी भी राग-रागिनियों की गहराई को समझने और सराहने के लिए तैयार है।

‘अनहद’ के मंच पर देश के दिग्गज कलाकारों की प्रस्तुतियों ने न केवल संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर छिपी संवेदनशीलता और सौंदर्यबोध को भी जागृत किया। रागों की सूक्ष्मता, ताल की जटिलता और सुरों की आध्यात्मिक ऊर्जा ने दर्शकों को एक अलग ही अनुभव से जोड़ा। स्पिक मकै का यह प्रयास शिक्षा को केवल अकादमिक सीमाओं तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक समृद्धि से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘अनहद’ जैसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि शास्त्रीय संगीत केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है, जो नई पीढ़ी को संवेदनशील, रचनात्मक और जागरूक इंसान बनने की राह दिखाता है।