- इंग्लैंड, भारत , स्कॉटलैड ने सीधे महिला हॉकी विश्व कप के लिए किया क्वॉलिफाई
- नवनीत, ललरेमसियामी, इशिका की कमजोर निशानेबाजी भारत को पड़ी भारी
- भारत की नवनीत और अनु चार में एक भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल नहीं बदल पाई
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : स्ट्राइकर नवनीत कौर, ललरेमसियामी, इशिका चौधरी की त्रिमूर्ति की डी के भीतर कमजोर निशानेबाजी भारत को भारी पड़ी। फ्री वूमैन कप्तान सलीमा टेटे और आक्रामक मिडफील्डर नेहा द्वारा बराबर आगे बढ़ाई गेंदों पर नवनीत, ललरेमसियामी, बलजीत कौर डी के भीतर ढीले शॉट लगा गोल के मौके चूकने का इंग्लैंड ने पूरा लाभ उठाया। ड्रैग फ्लिकर ग्रेस बाल्सडन के पहले पेनल्टी पेनल्टी कॉर्नर और एलिजाबेथ नील के तीसरे क्वॉर्टर के आखिर में दागे मैदानी गोल की बदौलत इंग्लैंड ने भारत को एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर 2026 हैदराबाद, तेलंगना में शनिवार रात गाचीबाली स्टेडियम में 2-0 से हराकर खिताब जीत लिया। भारत को मैच मे चारों क्वॉर्टर में एक एक एक सहित कुल चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन इनमें पहले और आखिरी पर नवनीत कौर और दूसरे व तीसरे पर ड्रैग फ्लिकर अनु के ड्रैग फ्लिक को इग्लैंड की गोलरक्षक मरियम प्रिचर्ड ने रोक कर बेकार कर दिया। भारत का मैदानी गोल के मौकों व चार पेनल्टी कॉर्नर में एक को भी गोल में नहीं बदल पाना उसकी हार का कारण बना। इंग्लैंड को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले और इनमें से उसने एक को गोल में बदला। भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड से फाइनल हार कर दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद उसके साथ ही एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप2026 के लिए क्वॉलिफाई कर लिया था। एफआईएच रैंकिंग में टूर्नामेंट में शिरकत करने वाली अपनी सबसे उची नौवीं वरीयता के चलते भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में स्थान बनाने के साथ एफआईएच महिला हॉकी विश्व 2026 के लिए क्वॉलिफाई लिया। मनीषा चौहान के गोल से भारत ने इटली पर सेमीफाइनल में 1-0 से जीत के साथ अजेय रही इंग्लैंड से फाइनल में भिड़ने का हक हासिल किया था।
एमी कोस्टेलो के इकलौते गोल से स्कॉटलैंड ने इटली 1-0 से हरा तीसरी स्थान पाया। महिला विश्व कप क्वॉलिफायर्स 2026 में शीर्ष तीन में रहने वाली टीमों को सीधे एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 का टिकट मिला।
स्ट्राइकर नवनीत कौर, ललरेमसियामी, इशिका चौधरी ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में आक्रामक अंदाज में आगाज किया और पहले क्वॉर्टर में गोल करने के कुछेक अच्छे हमले बोलने के साथ मैच के दूसरे मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर भी दिलाया लेकिन इस पर नवनीत कौर की इनडायरेक्ट गोल करने की कोशिश को इंग्लैड की गोलरक्षक मिरियम प्रिचर्ड ने रोक कर बेकार कर दिया। ग्रेस बाल्सडन ने मैच के 13 वें मिनट में मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर पर तिरछे ड्रैग फ्लिक से गोल कर इंग्लैंड को 1-0 आगे कर दिया। यह ग्रेस बालसडन का इस टूर्नामेंट में पांचवां गोल था। इंग्लैंड ने दूसरे क्वॉर्टर के चौथे मिनट में मैच का अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारत की गोलरक्षक बिच्छू देवी ने इसे रोक कर बेकार कर दिया।
नेहा गोयल दूसरे क्वॉर्टर के सातवें मिनट में बाएं से गेंद को ले डी में पहंची और वहां सीधे शॉट जमाने का मौका न देख उन्होंने इंग्लैड की डिफेंडर के पैर पर गेंद मार भारत को दूसरा पेनल्टी कॉर्नर दिलाया लेकिन इस पर अनु ने सीधे ही इंग्लैड की गोलरक्षक मिरियम प्रिचर्ड के पैड पर शॉट जमा गोल करने का मौका गंवा दिया। भारत की ललरेमसियामी व नवनीत कौर , बलजीत कौर के साथ मध्यपंक्ति में ऋतुजा पिसल कई बार गेंद को इंग्लैढ की डी में जरूर पहुंची उनके कोण को इंग्लैंड की गोलरक्षक बराबर भांप कर रोकने में सफल रही।
कप्तान सलीमा टेटे बीच मैदान से अकेले ही गेंद को लेकर डी में वहां इंग्लैंड की खिलाड़ियों ने उनसे गेंद छीनने की कोशिश में उन्हें धकियाया लेकिन अंपायर ने इस पर भारत को 36 वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर लेकिन इस अनु के ड्रैग फ्लिक को इंग्लैंड की गाशलरक्षक मिरियम प्रिचर्ड ने रोक कर भारत को बराबरी पाने से रोक दिया। भारत के शुरू के तीन क्चॉर्टर में तीन पेनल्टी कॉर्नर और इनमें आखिरी दो अनु ने लिए लेकिन वह एक को भी गोल में बदल पाने का मैच में पिछड़ गया। नवनीत कौर, इशिका चौधरी और ललरेमसियामी ने तीसरा क्वॉर्टर खत्म होने से तीन पहले इंग्लैंड की डी में घुसकर तीन खतरनाक हमले बोले लेकिन तीनों ही मौकों पर इंग्लैंड की रक्षापंक्ति ने पीछा आकर ये हमले नाकाम कर भारत को बराबरी पाने से रोक दिया। नवनीत ने अपनी मार्कर को छका गेंद को इशिका के लिए डी के भीतर बढ़ाया लेकिन उन्होंने हॉकी घुमाई लेकिन गेंद उस पर आ नहीं पाई। ललरेमसियामी ने अगले ही क्षण इंग्लैंड की डी में लगी भीड़ का लाभ उठा गेंद को गोल में डालने की कोशिश लेकिन गोल करने में नाकाम रहीं। एलिजाबेथ नील के मैच के 42 वें मिनट में दाएं डी के भीतर तेज शॉट पर गेंद मनीषा के पैर को लग कर गोल में चली गई और इंग्लैंड ने 2-0 की बढ़त ले फाइनल में वापसी करने की भारत की उम्मीद पर एक और कड़ा प्रहार किया।





