‘विशिष्ट’ को ‘अपशिष्ट’ प्रमाणित करती एपस्टीन फ़ाइल्स

Epstein files prove 'special' to 'waste'

तनवीर जाफ़री

इनदिनों जेफरी एपस्टीन फ़ाइल्स के रहस्योद्घाटनों ने पूरी दुनिया में हलचल मचाकर रख दी है। पिछले दिनों अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा 30 लाख से भी अधिक पृष्ठों की नई फ़ाइल्स आने के बाद दुनिया के कई हाई-प्रोफ़ाइल लोगों के नाम उजागर हुये। अमेरिका का रहने वाला जेफ़री एपस्टीन व उसके माता-पिता यहूदी परिवार से थे। 20 जनवरी 1953 को ब्रुकलिन न्यूयॉर्क, में जन्मे एपस्टीन की मृत्यु 2019 में बड़े ही रहस्य्मयी ढंग से जेल में हुई थी। हालांकि उसकी मौत को अधिकारिक रूप से आत्महत्या घोषित किया गया था। परन्तु चूँकि उसकी मौत के दिन जेल के कैमरे ख़राब पाये गये और गार्ड्स भी उस समय सोए हुये थे। इसलिए एपस्टीन की हत्या का भी संदेह व्यक्त किया जाता है। हत्या की थ्योरी इसलिये भी रची जा रही है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि एपस्टीन के पास दुनिया की स्वयंभू ” विशिष्ट हस्तियों ” की दरिन्दिगी व काले कारनामों के ऐसे सुबूत थे जो उनके चेहरों को बेनक़ाब कर सकते थे। जेफ़री एपस्टीन के पास फ़्लोरिडा , न्यू मैक्सिको, पेरिस और कैरिबियन के यू.एस. वर्जिन आइलैंड्स में प्राइवेट द्वीप जैसी कई संपत्तियां थीं। उस पर नाबालिग़ लड़कियों का यौन शोषण और तस्करी करने,नाबालिग़ लड़कियों से सेक्स करने,अपने ‘विशिष्ट ‘ अतिथियों को सेक्स हेतु नाबालिग़ लड़कियां परोसने यहाँ तक कि सेक्स के बाद उनकी हत्या करने जैसे संगीन आरोप थे।

अमीर यहूदी फ़ाइनेंसर एपस्टीन, सैकड़ों नाबालिग़ लड़कियों जिनमें अधिकांश 11 से 17 वर्ष आयु की होती थीं,को अपने घरों, प्राइवेट आइलैंड और प्राइवेट जेट पर लाकर उनका वहशी की तरह यौन शोषण किया करता था। वह लड़कियों को “मसाज” के बहाने बुलाता, पैसे देता, फिर उन्हें सेक्स के लिए मजबूर करता था। एपस्टीन को किशोरावस्था की शुरुआती उम्र वाली लड़कियों के साथ सैक्स करने में विशेष दिलचस्पी थी। उसने स्वयं यह स्वीकारोक्ति की थी कि उसे “रोज़ाना कम से कम तीन बार सेक्स चाहिए” और उसे युवा शरीर ही पसंद है। लड़कियों को “ख़रीदना” उसे गॉड जैसा एहसास दिलाता था। वह ग़रीब लड़कियों को पैसे, गिफ़्टस आदि देकर कंट्रोल किया करता था। उसकी पार्टनर घिस्लेन मैक्सवेल जोकि इस समय जेल में है वही एपस्टीन की हवस पूरी करने के लिये लड़कियों को भर्ती करती थी। ख़बरों के अनुसार घिस्लेन के पिता रॉबर्ट मैक्सवेल इस्राईली इंटेलिजेंस, मोसाद से जुड़े थे। और मोसाद के इशारे पर ही एपस्टीन दुनिया की प्रमुख हस्तियों को निशाना बनाकर “हनीट्रैप” रैकेट चलाता था। एपस्टीन की शिकार ज़्यादातर लड़कियां ग़रीब,मजबूर व कमज़ोर परिवारिक पृष्ठभूमि से होती थीं।

इनमें कई पीड़िताएँ आज भी ज़िंदा हैं और कोर्ट में बयान दे चुकी हैं। एपस्टीन को 2008 में फ़्लोरिडा में दोषी क़रार दिया गया था। परन्तु कहा जाता है कि उसके धनबल की वजह से उसे उस समय कम सज़ा मिली। 2019 में सेक्स ट्रैफ़िकिंग के आरोप में उसे फिर गिरफ़्तार किया गया। अदालत में उसके विरुद्ध 100 से भी अधिक पीड़िताओं ने गवाही दी। इन्हीं दस्तावेज़ों व फ़ोटोज़ के आधार पर उसे इसी क्लासिक चाइल्ड सेक्स ट्रैफ़िकिंग के केस में फिर सज़ा सुनाई गयी। और 2019 में ही बड़े ही रहस्य्मयी ढंग से जेल में उसकी मौत भी हो गयी।

अब दुनिया में कोहराम इस बात को लेकर मचा हुआ है कि आख़िर इतने बड़े अपराधी तथा मानवता के दुश्मन दुश्चरित्र व्यक्ति के साथ दुनिया के स्वयंभू विशिष्ट लोगों के संबंध की वजह क्या थी ? आख़िर क्यों दुनिया के जाने माने लोग एपस्टीन के अलग अलग द्वीप पर जाया करते थे ? इस समय पूरी दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचाने की कोशिश करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फ़्लाइट लॉग्स में 1990 के दशक में कई बार नाम आया। ब्लैक बुक में उनके नाम की प्रविष्टि पाई गयी। इसी तरह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का भी कई फ़्लाइट्स में नाम आया और वे एपस्टीन की पार्टनर घिस्लेन मैक्सवेल के साथ कई फ़ोटो में भी नज़र आये। ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस,प्रिंस एंड्रयू का नाम तो सबसे सबसे ज़्यादा विवादास्पद रहा। यौन शोषण के आरोप में एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों बार उनका नाम आया। इसी तरह इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बाराक की एपस्टीन से नियमित मुलाक़ातें और संपर्क की चर्चा है। वहीँ स्पेन के पूर्व प्रधानमंत्री जोस मारिया आजनार का नाम भी पैकेज और ट्रैवल रिकॉर्ड्स में कई बार आया है। ब्रिटेन के पूर्व मंत्री और राजदूत पीटर मंडेलसन, पूर्व न्यू मैक्सिको गवर्नर बिल रिचर्डसन, कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस पास्त्राना अरंगो जैसे राजनेताओं के नाम भी एपस्टीन फ़ाइल्स में किसी न किसी रूप में शामिल हैं।

उद्योग व फ़िल्म जगत की विश्वप्रसिद्ध हस्तियां भी एपस्टीन फ़ाइल्स से अछूती नहीं रहीं। एलन स्पेस एक्स के संस्थापक, सीईओ और मुख्य डिज़ाइनर,टेक बिलेनियर एलन मस्क,माइक्रोसॉफ़्ट को-फ़ाउंडर बिल गेट्स, वर्जिन ग्रुप के फ़ाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन,पूर्व अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी लैरी समर्स, फ़िल्म डायरेक्टर वुडी एलन,सिंगर माइकल जैक्सन, रोलिंग स्टोन्स के फ्रंटमैन मिक जैगर, तथा अभिनेता के विन स्पेसी जैसे अनेक लोगों के नाम किसी न किसी रूप में एपस्टीन फ़ाइल्स के रहस्योद्घाटनों में शामिल हैं। भारत में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, व्यवसायी अनिल अंबानी,भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, लेखक दीपक चोपड़ा, फ़िल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप, निर्देशक व अभिनेत्री नंदिता दास जैसे लोगों के नाम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जेफ़री एपस्टीन फ़ाइल्स में पाए गए हैं। किसी के नाम फ़्लाइट्स लॉग्स में सामने आये तो किसी के लंबे समय तक एपस्टीन के संपर्क में रहने की बात सामने आयी। किसी के संदेशों और द्वीप भ्रमण करने का ज़िक्र आया तो किसे का एपस्टीन से पुराना सम्बन्ध निकला। एपस्टीन का किसी के साथ फ़्लाइट्स में नाम आया तो किसी का जेफ़री एपस्टीन के डिनर्स में शामिल होने पर नाम आया। कोई फ़ोटो में नज़र आया तो किसी को ई मेल भेजे व प्राप्त किये गये।

एपस्टीन फ़ाइल्स का व्यापक प्रभाव यह हुआ की इसमें नाम आने के बाद ब्रिटेन के शाही परिवार के पूर्व प्रिंस एंड्रयू की सभी सैन्य उपाधियां छीन ली गईं। उन्हें सार्वजनिक पदों व कर्तव्यों से हटाया गया। इतना ही नहीं बल्कि बाद में उन्हें शाही आवास विंडसर कैसल से बाहर भी निकाल दिया गया। अब वे खुद को ‘प्रिंस’ नहीं कह सकते। इसी तरह अनेक लोगों को अपने पदों से या तो इस्तीफ़ा देना पड़ा या पद छोड़ना पड़ा। ज़ाहिर है स्वयं को विशिष्ट बताने वाले व दुनिया की आँखों में धूल झोंककर स्वयं को सफ़ेदपोश साबित करने वाले मोसाद के जाल में फंस चुके लोग जेफ़री एपस्टीन जैसे दुर्दांत कुकर्मी से अपने संबंधों को छुपाने की कोशिश में तो ज़रूर लगे हैं। परन्तु यह भी सच है कि जेफ़री एपस्टीन फ़ाइल्स ने अनेक तथाकथित स्वयंभू ‘विशिष्ट’ लोगों को ‘अपशिष्ट’ भी प्रमाणित कर दिया है।