गीता कॉलोनी थाने का एएसआई गिरफ्तार

Geeta Colony police station ASI arrested

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा। दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने शाहदरा जिले के गीता कॉलोनी थाने के एएसआई रोहताश कुमार को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ उसकी पत्नी ने गीता कॉलोनी थाने में दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। मामले का जांच अधिकारी (आईओ) एएसआई रोहताश कुमार शिकायतकर्ता और एफआईआर में नामित उसके परिवार के अन्य सदस्यों को परेशान कर रहा था और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की धमकी दे रहा था। एएसआई ने 40,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी, जिसे बाद में बातचीत के बाद घटाकर 20,000 रुपये कर दिया गया था।

सीबीआई ने 13 मार्च को दिल्ली पुलिस के सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों हवलदारों को सस्पेंड कर दिया गया। सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया है। सट्टेबाज मूलचंद ने 12 मार्च को सीबीआई को बीट में तैनात पुलिसकर्मियों विजय मलिक, हवलदार राजेश और हवलदार अजय के ख़िलाफ़ रिश्वत मांगने की शिकायत दी।

मूलचंद का आरोप है कि वह अब सट्टेबाजी का धंधा बंद करना चाहता है लेकिन तीनों पुलिसकर्मियों ने उससे कहा कि बीस हज़ार रुपये दिए बिना वह धंधा बंद नहीं कर सकता। रिश्वत दिए बिना सट्टेबाजी बंद की तो उसे फर्जी मामले में फंसा देंगे।
सीबीआई ने 13 मार्च को दोनों हवलदारों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तीसरे पुलिसकर्मी विजय मलिक की भूमिका की जांच की जा रही है।

सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को पश्चिम विहार थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया ।