कठिन परिश्रम, धैर्य, ईश्वर पर आस्था और मानवता सफलता के लिए आवश्यक तत्व : डॉ. राजेश्वर सिंह

Hard work, patience, faith in God and humanity are the essential elements for success: Dr. Rajeshwar Singh

रविवार दिल्ली नेटवर्क

लखनऊ : सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएमएस कानपुर रोड शाखा में आयोजित डिवाइन एजुकेशन सेमीनार में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। इस दौरान संस्थान के छात्र – छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया, सर्व धर्म सम्भाव प्रार्थना में हिस्सा लिया था संस्थान के मेधावी छात्र – छात्राओं को शील्ड और प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

इस मौके पर विधायक ने स्कूल के शिक्षकों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि शिक्षक मोमबत्ती की तरह होते हैं, जो अपने स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं। बच्चों को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि सीएमएस में पढ़ रहे छात्र – छात्राओं को विश्व की सर्वोत्तम शिक्षा मिल रही है। विधायक ने कहा भारत एक युवा देश है, देश की 50% आबादी की उम्र 35 वर्ष से कम है। विधायक ने कहा पूर्वजों के प्रयासों से देश यहाँ तक पहुंचा है, आज भारत विश्व में सबसे तेजी से बढती अर्थव्यवस्था है, भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत दुनिया के अग्रणी गोल्ड रिजर्व तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश वाला देश है। हमारी युवा पीढ़ी को आर्थिक, इकोनोमिक एवं राजनीतिक सभी क्षेत्रों में भारत को दुनिया में नंबर 1 पर पहुंचाना है।

विधायक डॉ. सिंह ने वर्तमान नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीऔर यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से सुरक्षा का माहौल है। आज की पीढ़ी के पास प्रगति के सर्वाधिक संसाधन उपलब्ध हैं। भारत में विश्व के टॉप शिक्षण संस्थान है, जरूरतमंद छात्र – छात्राओं को निष्पक्ष रूप से छात्रवृत्ति आदि की सुविधाएं मिल रही हैं। आज 4.2 करोड़ स्टूडेंट्स के साथ भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उच्च शिक्षा नेटवर्क है।

विधायक ने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन करते हुए कहा हर पीढ़ी की अपनी अलग – अलग चुनौतियाँ रही हैं, हमारी युवा पीढ़ी की चुनैतियां कठिन हो रही हैं। युवा पीढ़ी के पास आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस के साथ आगे बढ़ने के असीमित अवसर है। भविष्य में रोबोट मानव मस्तिष्क से कहीं अधिक क्षमतावान होंगे।इसके लिए युवाओं को लगातार अपनी स्किल्स को अपग्रेड करना है। डिजिटल स्किल्स को बढ़ाना है। आने वाले समय में 70% ऐसी नौकरियां होंगी, जिनका अस्तित्व आज है की नहीं। 30% नौकरियों के लिए डिजिटल शिक्षा अनिवार्य होगी। युवा पीढ़ी के लिए डिजिटल लिट्रेसी आवश्यक है लेकिन डिजिटल एडिक्शन ठीक नहीं है। युवाओं को शिक्षा और डिजिटल लिट्रेसी पर ध्यान देना चाहिए, सफल होने के लिए कठिन परिश्रम, धैर्य, ईश्वर पर आस्था, मानवता जैसे गुणों का होना अत्यंत आवश्यक है। सी एम एस के संस्थापक जगदीश गांधी को याद करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने सीएमस को 20 से अधिक शाखाओं, 3500 से अधिक स्टाफ और 62 हजार के परिवार में परिवर्तित किया। विधायक ने संस्थान की प्रबंधक गीता गांधी, प्राचार्य विनीता कामरान एवं समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया।