इतिहास के शिखर पर ‘धुरंधर’: रणवीर सिंह की फिल्म ने बदले हिंदी सिनेमा के नियम
मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय सिनेमा में कुछ उपलब्धियाँ सिर्फ़ रिकॉर्ड नहीं होतीं, वे एक पूरे दौर की पहचान बन जाती हैं। रणवीर सिंह ने अपनी फ़िल्म धुरंधर के साथ ठीक ऐसा ही इतिहास रच दिया है। वह हिंदी सिनेमा के ऐसे पहले अभिनेता बन गए हैं, जिन्होंने एक ही भाषा—हिंदी—में अब तक की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म का नेतृत्व किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न सिर्फ़ पुष्पा 2 जैसे बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, बल्कि हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए एक नया बेंचमार्क भी स्थापित किया।
धुरंधर की सफलता किसी एक हफ्ते की सनक नहीं रही। फिल्म ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ी, मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के दम पर हफ्तों तक सिनेमाघरों में अपनी पकड़ बनाए रखी। अपने पाँचवें मंगलवार, यानी 33वें दिन, भारत में ₹831.40 करोड़ नेट कलेक्शन तक पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि दर्शकों ने फिल्म को दिल से अपनाया।
इस ऐतिहासिक सफ़र के केंद्र में रणवीर सिंह का सधा हुआ, प्रभावशाली अभिनय है। बड़े पैमाने की इस फिल्म में उन्होंने अपने किरदार “हम्ज़ा” को गहराई, संयम और करिश्मे के साथ निभाया। यही वजह है कि यह किरदार सिर्फ़ पर्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम बातचीत और पॉप कल्चर का हिस्सा बन गया।
ट्रेड एक्सपर्ट्स से लेकर आम दर्शकों तक, सभी इस बात पर एकमत हैं कि धुरंधर की कामयाबी रणवीर सिंह पर दर्शकों के अटूट भरोसे का नतीजा है। आँकड़ों से परे, यह फ़िल्म और इसका नायक हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।





