दीपक कुमार त्यागी
सनातन धर्म हमारी जीवन जीने की पद्धति – पवन त्यागी
साहिबाबाद : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे देश में विराट हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है , इसी कड़ी में साहिबाबाद क्षेत्र की डिफैंस कालोनी में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बोलते हुए राज बहादुर ने संघ के कार्यों की तारीफ करते हुए संघ से जुडने का आवहान किया।
कार्यक्रम में बोलते हुए संघ भाग प्रचार प्रमुख पवन त्यागी ने हिन्दुत्व की विशेषता बताते हुए कहा कि हिन्दुत्व जीवन जीने की कला है। हिन्दू संस्कृति को षडयंत्र के तहत बदनाम किया गया कि यहां छुआछूत है जबकि सनातन है जोकि हमें एकता के सूत्र में रखती है। पवन त्यागी ने कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए बताया कि कुंभ में लाखों लोग एक साथ स्नान करके है, एक साथ भोजन करते हैं और एक साथ विश्राम करते है जबकि ये तीनों काम व्यक्ति अपने परिवार के सदस्य के साथ ही शेयर करता है , किंतु कुंभ में ये सहज रूप से ही सब कर लेते है क्योंकि हमारी संस्कृति सिखाती है कि सम्पूर्ण संसार हमारा कुटुंब है, परिवार है।
पवन त्यागी ने कहा कि सनातन संस्कृति को समाप्त करने के लिए कभी शक, कभी हुण, मुगल और अंग्रेज आए किन्तु समाप्त नहीं कर सके क्योंकि सनातन धर्म हमारी जीवन जीने की पद्धति है जोकि हमारी आने हिन्दुओं को जातियों में बांटने का षडयंत्र किया गया, किन्तु हम नष्ट नहीं हुए। आज भी सनातन को मिटाने के षणयंत्र किये जा रहे हैं, धर्मान्तरण किये जा रहे हैं। हमें जातियों में बॉटा जा रहा है। हमें एक रहने के लिए संत महात्माओं और अपने महापुरुषों की शिक्षा पर चलना होगा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे राष्ट्रभक्त संगठन से जुड़ना होगा ताकि हम सनातन से जुड़े रहें।
साध्वी आस्था मां ने हिन्दू युवतियों को लव जिहाद से सावधान रहने का आहवाहन किया। कार्यक्रम में संघ के भाग संघचालक ने संघ के द्वारा संचालित पंच परिवर्तन विषय की जानकारी दी व हिन्दुओं की एकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता माखन लाल ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा का वर्णन किया व वर्तमान परिस्थियों में संघ की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम का संचालन चन्द्रप्रकाश चौहान ने व कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञानचंद व सचिव अरुण कुमार ने की। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों व निगम पार्षद विनोद कसाना, अभिषेक, अमन, मुकेश शर्मा, सुधा शर्मा, सुनीता शर्मा ने आदि ने भाग लिया।





