- फाइनल अभिषेक शर्मा का दिन हो सकता है
- जब बुमराह जैसा गेंदबाज आपकी टीम में होता है तो भरोसा बना रहता है
- आजकल मैच पॉवरप्ले में ही जीते और हारे जा रहे है
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आए रनों के तूफान के बीच 40 ओवर में बने कुल बने 499 रन के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के लगातार दूसरे अर्द्धशतक और आखिर के पांच ओवर में सदाबहार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांडया की गजब की गेंदबाजी से मौजूदा चैंपियन भारत ने दो बार चैंपियन रहे इंग्लैंड पर आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप के दूसरे सांस रोक रोक देने वाले रोमांचक सेमीफाइनल में बृहस्पतिवार को सात रन से जीत के साथ चौथी बार फाइनल में स्थान बना लिया। 22 बरस के बाएं हाथ के नौजवान बल्लेबाज जैकब बेथल (105) मैच के आखिरी ओवर में रनआउट होने से पहले तूफानी शतक जड़ इंग्लैंड की हार के बावजूद दिल जीतने में सफल रहे। भारत की इस जीत में अक्षर पटेल के दो गजब के कैच भी याद किए जाएंगे। संजू सैमसन कोलकाता में वेस्ट इंडीज के खिलाफ लगभग ‘क्वॉर्टर फाइनल‘ मे अविजित 97 रन की पारी खेलने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन की यादगार पारी खेल कर इस संस्करण में लगातार दूसरे मैच में मैन ऑफ द‘ मैच रहे। दो बार का चैंपियन भारत रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब जीतने की हसरत लिए न्यूजीलैंड से अब रविवार को फाइनल में दुनिया के सबसे बड़े नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में भिड़ेगा।
संजू सैमसन ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में भारत के लिए अपना पहला आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप फाइनल खेलेंगे। इस बाबत संजू सैमसन ने कहा, ‘रविवार को खेला जाने वाला फाइनल मेरे जीवन के सबसे बेहतरीन पलों में से एक होगा। मैं भगवान का बहुत आभारी हूं। मैं लंबे समय से टी 20 क्रिकेट खेल रहा हूं। मैंने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पारी का आगाज करने से लेकर छठे नंबर तक पर बल्लेबाजी की है। मैं आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी भी कर चुका हूं। मैं यह जानता हूं कि टीम इस समय मुझसे क्या चाहती है और एकादश में मेरी भूमिका क्या है। अपनी भूमिका की बाबत स्पष्टता आपको अपने मुताबिक रन बनाने में मदद करती है। मैं जानता हूं मैंने पिछले मैच में अपनी कुछ रंगत पा ली। मैंने सोचा कि मुझे अपनी इस रंगत का पूरा लाभ उठाने और खुद को कुछ अतिरिक्त वक्त देने की जरूरत है। हम जानते थे कि वानखेड़े स्टेडियम में कोई स्कोर पर्याप्त नहीं है और इसीलिए हम बृहस्पतिवार रात ज्यादा से ज्यादा रन बनाना चाहते थे। इंग्लैंड खासा बढ़िया खेला और हमारे स्कोर के काफी करीब पहुंचा। सेमीफाइनल वाकई बहुत बढ़िया रहा। जिस तरह मैंने और इशान किशन ने बल्लेबाजी की उससे हम जानते थे कि वानखेड़ की इस पिच पर 250 रन मुमकिन है। इस जीत का बुमराह को बहुत श्रेय जाता है और उन जैसा गेंदबाज पीढ़ियों में होता है। मेरा मानना है कि सेमीफाइनल में मेरा मैन ऑफ द’ मैच का अवार्ड बुमराह को दिया जाना चाहिए। शतक मायने नहीं रखता क्योंकि यह टेस्ट व वन डे अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं है। हमें अभी भी अभिषेक शर्मा पर भरोसा है। हमारे कप्तान सूर्य कुमार यादव और चीफ कोच गोती भाई(गौतम गंभीर) का भी अभिषेक पर भरोसा बरकरार है। हम सभी अभिषेक को उन्हीं के अंदाज में खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वह अपने अंदाज में दो बढ़िया हिट जमा आनी रंगत पा सकते हैं। फाइनल अभिषेक का दिन हो सकता है। हमारे पास जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांडया के रूप में बेहतरीन गेंदबाज हैं। बुमराह जैसा गेंदबाज तो पीढ़ियों में होता है। बुमराह एक ओवर में छह बेहतरीन यॉर्कर फेंक सकते हैं। जब बुमराह जैसा गेंदबाज आपकी टीम में होता है तो आपको भरोसा रहता है।’
संजू सैमसन ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ एक तरह से ‘क्वॉर्टर फाइनल’ में जीत के लिए बड़े लक्ष्य का पीछे करते हुए अविजित 97 रन की पारी खेल कर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की और इसमें वह मैन ऑफ द रहे। मुंबई के वानखेड़े मैदान पर पिच सपाट थी। सैमसन ने कहा, ‘पिछले यानी वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच में जरूरत टीम को साथ लेकर चलने की थी। जब जब हमने लय पाने की कोशिश की तब विकेट गिरते रहे। ऐसे में मुझे जरूरत आखिर तक बल्लेबाजी करने की जरूरत थी। जब आप वानखेड़े की पिच पर बल्लेबाजी करते हैं तो इस पर कोई भी स्कोर पर्याप्त नहीं होता। ऐेसे में बढ़िया आगाज के बाद मैं इसका लाभ उठा ज्यादा से ज्यादा छक्के व चौके जड़ना चाहता था। आजकल मैच पॉवरप्ले में ही जीते और हारे जा रहे है। जब आपने तीन और चार गेंदों को देख लिया तो आप भी अभिषेक, इशान और मेरी तरह गेदों पर प्रहार करना शुरू कर दें। शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों की भूमिका पॉवरप्ले में अहम हो जाती है। कई बार ऐसे में नतीजा आपके हक में रहता है कई बार आपके खिलाफ। आप चरित्र और अपनी योजना को बदल नहीं सकते क्योंकि हमारे पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज हैं। आप तब अपनी टीम की जरूरत के मुताबिक खेलते हैं और यदि दिन आपका रहा तो आप अपनी टीम को आगे ले जा सकते है। आप टीम के बाकी साथियों की मदद कर सकते हैं।’
संज मानते हैं कि एशिया कप के बाद रंगत गंवाने के बाद उनकी तकनीक पर सवाल उठाए जाने लगे थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज में जूझने के बाद उनका मौजूदा टी 20 क्रिकेट विश्व कप के लिए भारतीय टीम में चुना जाना पक्का था। ऐसे में मौजूदा टी 20 क्रिकेट कप के शुरू के मैचों में अभिषेक शर्मा के साथ इशान किशन ने भारत की पारी का आगाज किया। बाद में भारत के टीम प्रबंधन ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा से पारी का आगाज करा इशान किशन को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा। संजू सैमसन कहते हैं, ‘ यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय था। मैं दमदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम के लिए अपनी छाप छोड़ना चाहता था। मैं अब मैदान पर उतर कर भारत की एकादश में पाकर इस टी 20 क्रिकेट विश्व कप में मैच जिताना चाहता हूं। आप टी 20 क्रिकेट के मिजाज से वाकिफ ही हैं और यह रोचक अनिश्चितताओं का खेल है। टी 20 क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज तक को जूझना पड़ जाता है। मैं इसीलिए क्रिकेट का सम्मान करता हूं। मुझे अपनी बेसिक्स पर कुछ ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। मुश्किल वक्त में मेरे करीबी लोग मेरे साथ थे। मैंने इस दौरान अपना फोन तक बंद कर दिया था। मैं अभी भी सोशल मीडिया पर नहीं हूं। ऐसे में इसीलिए शोर कम होता है और कम लोग आपसे संवाद करते हैं। इससे सही दिशा में ध्यान लगाने में मदद मिली और मैं हालिया प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। मैं पिछले दो मैचों में शतक नहीं चूका। मैंने इसमें 97 और 89 रन की बड़ी पारियां खेली और यह बड़ी बात है। मैं अतीत में कई बार बदकिस्मत रहा लेकिन कई बार तकदीर भी आपके साथ होती है। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मुझे यह मौका मिला और मुझे इसे भुनाने दे। यदि मुझे उड़ाने लायक गेंद मिलती है तो उसे उड़ाता हूं। मेरा कैच भी छूटा। कोई चिंता नहीं । अगली बार मैं और तेजी से गेंद पर प्रहार करुंगा। आप बतौर बल्लेबाज इसे एकदम सहज रखते हैं। आपका ध्यान इस पर रहता है कि आपको गेंदबाज की गेंद पर कहां और कैसे प्रहार करना है।’





